For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

"अरे ताऊ इलेक्शन आ गए हैं, इस बार वोट किस को दे रहे हो ?"
"अरे हमें तो अभी ये ही नहीं पता कि इस बार ससुरा खड़ा कौन कौन है।"
"एक तो वही कुर्सी पार्टी वाला है।"
"अरे वो चोर ? छोडो, साले पूरा देश लूट कर खा गये।"
"नई पार्टी वाला भी खड़ा है।" 
"कौन ? वो जो आपस में लोगों को लड़ाता फिरता है? दफ़ा करो उसको।"
"एक नीली पार्टी वाली भी है न।"
"उसको वोट दे दिया तो पीछे वाली बस्ती सर पर मूतेगी हमारे।"
"तो फिर कामरेडों को वोट किया जाए?"
"कौन वो ज़िंदाबाद मुर्दाबाद वाले? अरे वो तो होम्योपैथी की दवाई जैसे हैं - न कोई फायदा न नुकसान।"
"तो आख़िर वोट डालोगे किस को ?"
"हम तो अपनी जात वाले को ही डालेंगे, वोट ख़राब थोड़े न करना है।"

(मौलिक और अप्रकाशित)

Views: 1441

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by KALPANA BHATT ('रौनक़') on August 2, 2016 at 10:15pm
वाह । क्या बात कह दी सर । बहुत ही बढ़िया कथा हुई है । बधाई स्वीकारें आदरणीय ।
Comment by Sheikh Shahzad Usmani on June 8, 2016 at 1:30pm
बेहतरीन शीर्षक से बेहतरीन पंचपंक्ति तक सहज संवाद युक्त वास्तविकता को शाब्दिक करती लघुकथा सृजन के लिए हृदयतल से बहुत बहुत बधाई आपको आदरणीय श्री योगराज प्रभाकर जी। हम सदैव आभारी रहेंगे आपकी इन मार्गदर्शक लघुकथाओं के प्रति।
Comment by Pawan Jain on June 8, 2016 at 12:54pm

बधाई कहूं या आभार उदाहरण के लिए प्रयुक्त सभी दृष्टिकोण से बेहतरीन कथा हेतु।सादर।

Comment by kanta roy on June 16, 2015 at 11:35pm
वाह ! क्या बात बनी है यहाँ ..... हम भी यहाँ पढते हुए कि वोट किसे देना चाहिए यह सीखने को उद्धृत हुए कि अचानक ही धरातल पर औंधे गिर पड़े पढते हुए , बेहतरीन कथा सर जी नमन आपको

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on June 5, 2015 at 10:07am

आदरणीय योग राज भाई , तमाम वोटरों की अच्छी ख़बर ली आपने , और कामरेड ... क्या बात है । हार्दिक बधाइयाँ आपको ।

Comment by Rita Gupta on June 4, 2015 at 11:03pm

लघु कथा में शीर्षक का विशेष महत्त्व रहता है ,ये बात आप हमलोगों को कई बार बता चुके हैं .इस रचना में यह प्रत्यक्ष प्रमाणित कर रही है . शीर्षक ही कथा का सार बन गया है .एक ख़ूबसूरत कृति हेतु बधाई सर .

Comment by VIRENDER VEER MEHTA on June 3, 2015 at 10:53pm
लाजवाब। आद: योगराज सर, एक करारी चोट आज के वोटरस यानि की हम भारतीयो लोगो पर जो राजनैतिक पार्टियो का पोस्टमार्टम करती करती आखिर घूम फिर कर अपनी जाति के उम्मीदवार पर निहाल हो जाती है। ..... अनमोल कृति के लिये सादर बधाई स्वीकार करे।
Comment by Shyam Narain Verma on June 3, 2015 at 5:04pm
बेहद उम्दा ...बहुत बहुत बधाई आप को आदरणीय | सादर 
Comment by Shubhranshu Pandey on June 3, 2015 at 1:59pm

आदरणीय योगराज जी, 

//"कौन वो ज़िंदाबाद मुर्दाबाद वाले? अरे वो तो होम्योपैथी की दवाई जैसे हैं - न कोई फायदा न नुकसान।"//

कामरेडो का इस तरह का विश्लेषण कम ही किया गया होगा. 

बहुत सुन्दर कथा. 

सादर


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on June 3, 2015 at 12:21pm

बात वही पुरानी है किन्तु प्रस्तुतीकरण ,वार्तालाप ,शब्द कौशल्य ...कमाल के हैं अंतिम पंक्ति भारत भाग्य की भारत सिस्टम की बखिया उधेड़ती है ..मुझे याद है मैं बहुत छोटी थी तब मेरी एक चाची ने मनमर्जी चलाते हुए दूसरी जाती के उम्मीदवार को वोट दिया था घर में जो प्रलय आई थी आज भी वो याद है .दिल से बहुत- बहुत बधाई आदरणीय योगराज जी इस प्रस्तुति पर.  

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

रोहित डोबरियाल "मल्हार" replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"1 लाख मासिक चाहिए ही क्यों भाई, वर्डप्रेस CRM में वेबसाइट को ट्रांसफर कर दिया जाए, तो सालाना खर्च…"
yesterday
KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दुःखद"
Sep 29
Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Sep 24
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Sep 22
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Sep 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service