For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

बिक रही अब तो मुहब्बत दोस्तों (ग़ज़ल)

(2122  2122  212)
बढ़ रही ख़्वाहिश-ए-दौलत दोस्तों..
बिक रही अब तो मुहब्बत दोस्तों..
-
कब रुकेंगी जाने नदियां ख़ून की,
ख़त्म होगी कब ये नफ़रत दोस्तों..
-
न्याय की उम्मीद अब तुम छोड़ दो,
हैं बहस भर ही अदालत दोस्तों..
-
दिल में उनके है नहीं मेरी जगह,
क्यों हमें उनकी है चाहत दोस्तों..
-
टूटने का डर नहीं लगता हमें,
दिल लगाने की है आदत दोस्तों..
-
कद्र करता है कलम की 'जय' तभी,
देती है उसको ये इज़्ज़त दोस्तों..
(मौलिक व अप्रकाशित)
~
~
जयनित कुमार वर्मा
अररिया,बिहार

Views: 766

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by जयनित कुमार मेहता on May 2, 2016 at 7:18pm
आप सभी का हार्दिक आभारी हूँ।

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on September 21, 2015 at 12:01pm

आदरणीय जयनित भाई , बहुत सुन्दर गज़ल कही है , दिली बधाइयाँ स्वीकार करें ।

Comment by धर्मेन्द्र कुमार सिंह on September 20, 2015 at 10:16pm

अच्छे अश’आर हुए हैं जयनित साहब, दाद कुबूलें


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on September 20, 2015 at 11:55am

बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई है जयनित जी सभी अशआर बढ़िया हुए हैं दिल से बधाई लीजिये .जिस पर शिज्जू भैया ने न्यायसंगत इशारा दिया है उस को आप इस तरह कर सकते हैं आपके भाव व् शब्द बरकरार रहेंगे ---- बढ़ रही दौलत कि ख्वाहिश दोस्तों /ख्वाहिशें दौलत की ऊँची/कितनी दोस्तों 

इस तरह थोड़े से शब्दों के फेर से आपकी बह्र सही रहेगी और भाव वही रहेंगे .

Comment by मनोज अहसास on September 17, 2015 at 8:46pm
बढ़िया ग़ज़ल हुई है। हार्दिक बधाई। बाकी गुणीजन कह ही चुके है। सादर।
Comment by जयनित कुमार मेहता on September 17, 2015 at 5:27pm
"बढ़ रही ख्वाहिशे-दौलत दोस्तों" क्या ये मिसरा बह्र में फिट होगा, शिज्जु 'शकूर' जी..??

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on September 17, 2015 at 4:22am
बढ़िया ग़ज़ल हुई है। हार्दिक बधाई। बाकी गुणीजन कह ही चुके है। सादर।
Comment by Samar kabeer on September 16, 2015 at 10:46pm
जनाब जयनीत कुमार जी,आदाब,अच्छी ग़ज़ल कही है आपने,शैर दर शैर दाद के साथ के साथ मुबारकबाद क़ुबूल फ़रमाऐं ।
जनाब शिज्जु 'शकूर' जी सही कह रहे हैं,उनकी बात पर ध्यान दीजियेगा ।
Comment by amod shrivastav (bindouri) on September 16, 2015 at 2:41pm
जी सर क्षमा चाहेंगे

यहाँ पर दिल 2 गिन गया है
और में की मंत्राभार गिराया गया है
अब समझ गए
आप का सादर धन्यवाद
आगे भी आप के आशीर्वाद के
अकांकशी रहेगे
नमन
Comment by Ravi Shukla on September 16, 2015 at 2:33pm

आदरणीय जयनित जी ग़जल के कथ्‍य के लिये बधाई स्‍वीकार करें । साथ ही शिज्‍जू जी आपकी इजाफत पर उस्‍तादाना नज़र के लिये  आभार इससे हमारे भी प्रयास को दिशा मिलेगी ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
1 hour ago
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
yesterday
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Sep 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15
जगदानन्द झा 'मनु' added 2 discussions to the group मैथिली साहित्य
Aug 10
Shyam Narain Verma commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"नमस्ते जी, बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, हार्दिक बधाई l सादर"
Aug 6

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"  आदरणीय अशोक भाईजी, श्रावण मास का आज प्रथम सोमवार है. ऐसे पवित्र दिवस पर आप द्वारा प्रस्तुत…"
Aug 3

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service