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ओबी ओ परिवार को समर्पित दीपावली की कुण्डलियाँ

आया फिर से सन्निकट दीप-पर्व अभिराम

बागी की शुभकामना सबके लिए प्रकाम

सबके लिय प्रकाम  हर्ष वैभव हो भारी

अवध पधारे राम  कहें राजेश कुमारी  

कहते है गोपाल चतुर्दिक सौरभ छाया

नभ का तारक–माल उतर धरती पर आया

 

प्राची के मन में भरा है गहरा संताप

शरद--इंदु जी किसलिए है इतने चुपचाप

है इतने चुपचाप निशा तमसावृत काली

दूर् किये सब पाप मना हमने दीवाली  

कहते है गोपाल बात शत-प्रतिशत साची

निज को रही संभाल प्रतीक्षारत है प्राची  

 

माला दीपों की सजी देख रहे गिरिराज

योगराज का भी यहाँ है समवेत समाज

है समवेत समाज अड़े वामनकर भाई  

शिज्जू जी का साज पर्व की है तरुणाई

कहते है गोपाल सभी का ढंग निराला

पूजा का है थाल थाल में जलती ज्वाला  

 

राका गर्वित आज है अद्भुत उसका वेश

देती है दीपावली सबको यह सन्देश

सबको यह सदेश तमस को दूर भगाओ

मिटे सभी के क्लेश भाव कुछ ऐसा लाओ

कहते है गोपाल बहुत है धूम-धडाका

पहने दीपक-माल जागती मावस राका

 

 आती हैं इस पर्व में लक्ष्मी सबके गेह

सुनिए अरुण कुमार जी इसको सहित सनेह

इसको सहित सनेह रमा है सबकी माता

बरसाती धन मेह रंक बन जाता दाता

कहते है गोपाल रत्नगर्भा हो जाती

धरती भी तत्काल दिवाली जब भी आती

 (मौलिक/ अप्रकाशित )

 

 

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Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on October 22, 2017 at 10:29am

ओबीओ की स्तम्भ और सक्रीय विद्वजनों की सहभागिता पर सृजित सुंदर कुंडलिया छंदों के लिए हार्दिक बधाई डॉ.गोपाल नारायण जी 
सादर नमन 

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on October 20, 2017 at 11:18am

आ० सौरभ जी , आप मेरे हृदय में बसते हैं . अविस्मरणीय  है  आदरणीय ..

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on October 20, 2017 at 11:15am

आ० उस्मानी जी . आपकी सक्रियता प्रभावित करती है . आपका आभार .

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on October 20, 2017 at 11:14am

आ० समर कबीर साहिब . उस्ताद को सलाम . आभारी हूँ .

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on October 20, 2017 at 11:13am

आ० सलीम रजा साहिब . आपका प्यार आपको शुक्रिया .

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on October 20, 2017 at 11:13am

आ० मो ० आरिफ जी , आपसे सदैव प्रोत्साहन  मिला है . आभार व्यक्त करता हूँ .

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on October 20, 2017 at 11:11am

आ० अजय तिवारी जी , सादर आभार

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on October 20, 2017 at 9:54am
आदरणीय डा.साहब बहुत ही सुंदरता से अपने कई मनीषियों को अपनी रचना में समाहित किया है..इस सरस रचना के लिए बधाइयाँ..शुभ दीपावली..

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on October 19, 2017 at 11:46pm

इस प्रस्तुति हेतु हृदयतल से बधाइयाँ. आपकी सूची में मेरे नान का उल्लेख है, मैं आभारी हूँ, आदरणीय गोपाल नारायण जी.  

सादर

Comment by Sheikh Shahzad Usmani on October 19, 2017 at 4:02pm
सम्मानित ओबीओ परिवार को शामिल करते बेहतरीन कुण्डलिया-छंद सृजन के लिए सादर हार्दिक बधाई और आभार आदरणीय डॉ. गोपाल नारायण श्रीवास्तव जी। दीपोत्सव पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।

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