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रंज -ओ-ग़म ज़िंदगी के भुलाते रहो - सलीम रज़ा रीवा

 212 212 212 212 -
रंज -ओ-ग़म ज़िंदगी के भुलाते रहो
गीत ख़ुशिओं के हर वक़्त गाते रहो
-
मोतियों  की तरह जगमगाते रहो
बुल बुलों की तरह चहचहाते रहो
-
जब तलक आसमां में सितारें रहें
ज़िंदगी में  सदा  मुस्कुराते  रहो
-
इतनी खुशियां मिले ज़िंदगी में तुम्हे
दोनों हांथों से  उनको  लुटाते  रहो
-
सिर्फ़ कल की करो दोस्तों फिक़्र तुम
जो गया वक़्त उसको भुलाते रहो
-
हम भी तो आपके जां  निसारों में हैं
क़िस्सा- ए- दिल हमें भी सुनाते रहो
-
ख़ुद ब ख़ुद ही फ़ज़ाएँ महक जाएंगी
अपनी ज़ुल्फ़ें हवा में उड़ाते रहो
-
रात यूँ ही न कट पाएगी जाग कर
कुछ तो मेरी सुनो कुछ सुनाते रहो
-
रोशनी कम "रज़ा" हो न जाये कहीं
तुम शम्अ अंजुमन में जलाते रहो

....

मौलिक एवं अप्रकाशित 

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Comment by SALIM RAZA REWA on December 28, 2017 at 8:49am

जनाब लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर',

ग़ज़ल में अपनी महब्बत की बारिश करने के लिए दिली शुक्रिया. 

Comment by SALIM RAZA REWA on December 28, 2017 at 8:48am

बृजेश भाई आपकी महब्बत सलामत रहे, 

ग़ज़ल पसंद करने के लिए शुक्रिया. 

Comment by SALIM RAZA REWA on December 28, 2017 at 8:47am

मुहतरमा कल्पना भट्ट जी, 

ग़ज़ल में आपकी शिर्कत और आपकी महब्बत के लिए शुक्रिया. 

Comment by SALIM RAZA REWA on December 28, 2017 at 8:46am

जनाब अजय तिवारी जी, 

आपकी नवाजिश के लिए शुक्रगुजार हूँ. 

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on December 21, 2017 at 9:41am

आ. भाई सलीम जी, सुंदर गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on December 20, 2017 at 8:16pm

वाह बड़ी ही खूबसूरत ग़ज़ल कही आदरणीय सलीम जी...सादर

Comment by KALPANA BHATT ('रौनक़') on December 20, 2017 at 6:44pm

बहुत सुंदर ग़ज़ल कही है आपने आदरणीय सलीम रज़ा जी | हार्दिक बधाई |

Comment by Ajay Tiwari on December 20, 2017 at 1:06pm

आदरणीय सलीम साहब, खूबसूरत ग़ज़ल हुई है. हार्दिक बधाई. सादर 

 

Comment by SALIM RAZA REWA on December 20, 2017 at 12:23pm
मोहतरम आरिफ़ साहब,
आपकी महब्बत से मुझे हौसला मिला
आपकी दुआएँ सलामत रहे.
Comment by Mohammed Arif on December 20, 2017 at 7:55am

आदरणीय सलीम रज़ा साहब आदाब,

                             बहुत ही आशावादिता का संचार और आग्रह करती ग़ज़ल ।हर शे'र ज़िंदा रहने की प्रेरणा जगाता है । दिली मुबारकबाद क़ुबूल कीजिए ।

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