For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सूबे सिंह सुजान
  • Male
  • kurukshetra,haryana
  • India
Share

सूबे सिंह सुजान's Friends

  • anjali gupta
  • सुरेश कुमार 'कल्याण'
  • sarita panthi
  • दिनेश कुमार
  • harivallabh sharma
  • Priyanka Pandey
  • dr. sanjiv kumar
  • बृजेश नीरज
  • satpal
  • vikram
  • आशीष नैथानी 'सलिल'
  • Vinod Thakran
  • SUMAN MISHRA
  • ROOP CHAND
  • Sarita Bhatia

सूबे सिंह सुजान's Groups

 

सूबे सिंह सुजान's Page

Latest Activity

anjali gupta and सूबे सिंह सुजान are now friends
Mar 28
सूबे सिंह सुजान commented on सूबे सिंह सुजान's blog post ग़ज़ल - गण हुए तंत्र के हाथ कठपुतलियाँ
"जनाब सुरेन्द्र नाथ सिंह जी, आपका बहुत बहुत शुक्रिया , जनाब आपने मेरा ध्यान मेरी गलती की ओर दिलवाया आपका बेहद शुक्रिया । कोई जल्दबाजी में ऐसी गलती हो गई हो शायद ।लेकिन जनाब मेरा ऐसा कहीं कोई आशय नहीं रहा है । ग़ज़ल की कोशिश की है जो हिन्दी के शब्दों…"
Jan 31
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on सूबे सिंह सुजान's blog post ग़ज़ल - गण हुए तंत्र के हाथ कठपुतलियाँ
"आद0 सूबे सिंह सुजान जी सादर अभिवादन। ग़ज़ल का बढ़िया प्रयास है, बधाई स्वीकार कीजिये। एक निवेदन है,, इस मंच पर जिस भी व्यक्ति का नाम लिया जाता है उसकेसाथ आदर सूचक शब्द जैसे आदरणीय, जनाब इत्यादि लगाते हैं। उम्मीद है आप ध्यानदेंगे। एक बात और- यहाँ सोशल…"
Jan 30
सूबे सिंह सुजान commented on सूबे सिंह सुजान's blog post ग़ज़ल - गण हुए तंत्र के हाथ कठपुतलियाँ
"समर कबीर जी,  आपने ठीक पकड़ी गलती, बहर,अर्कान तो यही हैं,हाँ इस मिसरे को ठीक करना होगा । लेकिन अब एडिट नहीं कर पायेंगे । मिसरा यूँ हो जाएगा । "जितने पशु पक्षी थे,उतने वाहन हुए " आपका बहुत बहुत शुक्रिया "
Jan 28
Samar kabeer commented on सूबे सिंह सुजान's blog post ग़ज़ल - गण हुए तंत्र के हाथ कठपुतलियाँ
"जनाब सूबे सिंह सूजन जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा हुआ है,बधाई स्वीकार करें । आपने ग़ज़ल के ये अरकान लिए हैं 212 212 212 212 । 'पशु पक्षी जितने थे, उतने वाहन हुए' ये मिसरा मुझे लय में नहीं लगा,देखियेगा ।"
Jan 28
Sheikh Shahzad Usmani commented on सूबे सिंह सुजान's blog post ग़ज़ल - गण हुए तंत्र के हाथ कठपुतलियाँ
"आदाब। पूरी तरह सहमत और चिंतन में सहभागी ।  ताक़ीद, हिदायत, समझाइश, जन-जागरूकता से परिपूर्ण बेहतरीन ग़ज़ल हेतु हार्दिक बधाई आदरणीय  सूबे सिंह सुजान साहिब।"
Jan 28
सूबे सिंह सुजान commented on सूबे सिंह सुजान's blog post ग़ज़ल - गण हुए तंत्र के हाथ कठपुतलियाँ
"लक्ष्मण जी,आपने ग़ज़ल को पढ़कर हौसला अफ़जाई की बहुत बहुत शुक्रिया जनाब "
Jan 28
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on सूबे सिंह सुजान's blog post ग़ज़ल - गण हुए तंत्र के हाथ कठपुतलियाँ
"आ. भाई सूबेसिंह जी, सुंदर गजल हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
Jan 28
सूबे सिंह सुजान commented on सूबे सिंह सुजान's blog post ग़ज़ल - गण हुए तंत्र के हाथ कठपुतलियाँ
"Ravi shukla ji, रवि जी  बहर इस प्रकार है । 212212212212"
Jan 27
Ravi Shukla commented on सूबे सिंह सुजान's blog post ग़ज़ल - गण हुए तंत्र के हाथ कठपुतलियाँ
"आदरणीय सूबे सिंह जी गजल के लिए आपको बहुत-बहुत बधाई ग़ज़ल ख्रआ कान भी लिख दीजिये थोड़ी सुविधा हो जाती"
Jan 26
सूबे सिंह सुजान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-103
"वाह "
Jan 26
सूबे सिंह सुजान commented on सूबे सिंह सुजान's blog post ग़ज़ल - गण हुए तंत्र के हाथ कठपुतलियाँ
"प्रकाशित करने के लिए आभार "
Jan 26
सूबे सिंह सुजान commented on सूबे सिंह सुजान's blog post ग़ज़ल - गण हुए तंत्र के हाथ कठपुतलियाँ
"बहुत बहुत शुक्रिया "
Jan 25
सूबे सिंह सुजान posted blog posts
Jan 25
सूबे सिंह सुजान shared their blog post on Twitter
Jan 25
सूबे सिंह सुजान shared their blog post on Facebook
Jan 25

Profile Information

Gender
Male
City State
कुरूक्षेत्र,हरियाणा
Native Place
करनाल
Profession
09017609226
About me
एक अध्यापक के साथ कवि हूँ।मुख्यतया ग़ज़ल लेखन करता हूँ।एक प्रथम हिंदी ग़ज़ल संग्रह 2007( सीने में आग) में प्रकाशित हुआ तथा विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में समय-समय पर प्रकाशित होते रहे हैं ।

सूबे सिंह सुजान's Photos

  • Add Photos
  • View All

सूबे सिंह सुजान's Blog

ग़ज़ल - गण हुए तंत्र के हाथ कठपुतलियाँ

ग़ज़ल   

गण हुए तंत्र के हाथ कठपुतलियाँ

अब सुने कौन गणतंत्र की सिसकियाँ

 

इसलिए आज दुर्दिन पड़ा देखना

हम रहे करते बस गल्तियाँ गल्तियाँ 

चील चिड़ियाँ सभी खत्म होने लगीं

बस रही हर जगह बस्तियाँ बस्तियाँ 

पशु पक्षी जितने थे, उतने वाहन हुए

भावना खत्म करती हैं तकनीकियाँ. 

कम दिनों के लिए होते हैं वलवले

शांत हो जाएंगी कल यही आँधियाँ   

अब न इंसानियत की हवा लग रही

इस तरफ आजकल बंद…

Continue

Posted on January 25, 2019 at 6:27am — 4 Comments

ग़ज़ल - गण हुए तंत्र के हाथ कठपुतलियाँ

              ग़ज़ल 

गण हुए तंत्र के हाथ कठपुतलियाँ

अब सुने कौन गणतंत्र की सिसकियाँ

इसलिए आज दुर्दिन पड़ा देखना

हम रहे करते बस गल्तियाँ गल्तियाँ

चील चिड़ियाँ सभी खत्म होने लगीं

बस रही हर जगह बस्तियाँ बस्तियाँ

पशु पक्षी जितने थे, उतने वाहन हुए

भावना खत्म करती हैं तकनीकियाँ

कम दिनों के लिए होते हैं वलवले

शांत हो जाएंगी कल यही आँधियाँ

अब न इंसानियत की हवा लग…

Continue

Posted on January 24, 2019 at 9:32pm — 7 Comments

नज़्म - नया साल

नज़्म      नया साल

इन दिनों पिछले साल आया था

पेड़ की टहनी पर नया पत्ता

वक्त की मार से हुआ बूढ़ा

आज आखिर वह शाख से टूटा ।

जन्मदिन हर महीने आता था

और वो और खिलखिलाता था

वो मुझे देख मुस्कुराता था

मैं उसे देख मुस्कुराता था ।

जिन दिनों वो जवान होता था

पेड़ पौधों की शान होता था

उस तरफ सबका ध्यान होता था

और वो आंगन की शान होता था ।

उसके चेहरे में ताब होता था

मुस्कुराना गुलाब होता…

Continue

Posted on December 31, 2018 at 2:30pm — 5 Comments

कविता - कौओं के पितृ स्थान

कौए अब अपने पितृ स्थान के लिए

स्कूल के बच्चों के हिस्से में आई

अनुदान राशि को हड़प ले गये ।

और अपनी श्रद्धा प्रकट करने के लिए

राजनीति को यूँ अपनाया

कि विधायक, सरपंच मजबूर हैं

सरकारी सहायता को पितृों तक भेजने के लिए ।

अन्य पक्षियों को छोड़कर

केवल कौओं की वोटो की गिनती

के मायने जियादा हैं ।



शेर भी लाचार हैं

वे अब शिकार नहीं करते

वे शिकार हो जाते हैं ।

शेरों को हमेशा

कौओं ने सरकश में नचवाया…

Continue

Posted on November 26, 2018 at 11:00pm — 6 Comments

Comment Wall (6 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 10:10am on August 17, 2016, सूबे सिंह सुजान said…
Ji
At 8:07pm on February 10, 2014, Sarita Bhatia said…

आदरणीय भाई सूबे सिंह जी हार्दिक आभार 

मेरे प्रोफाइल पर सबसे पहला कमेंट भी आपने ही दिया था आशीर्वाद स्नेह बनाये रखें 

At 8:44am on March 6, 2013, Abhinav Arun said…

आदरणीय श्री सुजान जी आपकी सशक्त रचना "कच्चा रास्ता " को माह की श्रेष्ठ रचना का  पुरस्कार प्रदान किये जाने पर हार्दिक बधाई और साहित्य सेवा हेतु हार्दिक शुभकामनायें भी !!

At 11:41pm on March 5, 2013,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय श्री सुबे सिंह सुजान जी,
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आप की रचना "कच्चा रास्ता" को महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना पुरस्कार के रूप मे सम्मानित किया गया है, तथा आप की छाया चित्र को ओ बी ओ मुख्य पृष्ठ पर स्थान दिया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |

आपको पुरस्कार राशि रु 1100 /- और प्रसस्ति पत्र शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस नामित कृपया आप अपना नाम (चेक / ड्राफ्ट निर्गत हेतु), तथा पत्राचार का पता व् फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |
शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी

At 11:09am on August 29, 2012, Naval Kishor Soni said…

आपका आभार ।

At 6:36pm on August 26, 2012, Admin said…

तरही ग़ज़ल पोस्ट करने हेतु सर्वप्रथम मुख्य पृष्ठ पर फोरम से "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २६ को क्लिक कर ले, अथवा सीधे मुशायरा पोस्टर को भी क्लिक कर सकते है, उसके बाद खुलने वाले पृष्ठ पर मुशायरे के सम्बन्ध में नियम आदि की जानकारी के नीचे बने बड़े बाक्स में अपनी ग़ज़ल पेस्ट कर Add Reply को क्लिक कर ले | 

अन्य साथियों की गजलों पर टिप्पणी हेतु उनकी ग़ज़लों के नीचे रेपली बटन को क्लिक करे व खुलने वाले बाक्स में टिप्पणी पोस्ट कर सकते है | 

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna commented on डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव's blog post प्रवृत्ति (लघुकथा )
"वाह आदरणीय डॉ गोपाल जी .... आपकी लेखनी के पैनेपन को सलाम ... इतने कम शब्दों में इतना सुंदर सन्देश…"
4 hours ago
डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव posted a blog post

प्रवृत्ति (लघुकथा )

‘दीदी, आप अपनी लहरों में नाचती हैं I कल-कल करती हैं I इतना आनंदित रहती हैं, कैसे ?’ -पोखर ने नदी से…See More
10 hours ago
PHOOL SINGH posted a blog post

सड़क की बेबसी

कभी खूनी, कभी कातिलकभी गुनाहों का मार्ग कहलातीजुर्म को होते देख चीखतीखून खराबे से मैं थर्रातीकभी…See More
10 hours ago
डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव left a comment for Pratibha Pandey
"आई० आपको मित्र के रूप में पाना मेरा सौभाग्य है  i आपकी लेखनी उर्वर बनी रहे i सादर i "
yesterday
डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव and Pratibha Pandey are now friends
yesterday
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' posted a blog post

क्यों चिंता की लहरें मुख पर आखिर क्या है बात प्रिये ? (५७)

एक गीत प्रीत का --------------------क्यों चिंता की लहरें मुख पर आखिर क्या है बात प्रिये ? पलकों के…See More
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"सादर प्रणाम।  ट्रेन में हूँ.. तमिलनाडु एक्सप्रेस में। नई दिल्ली से भोपाल तक। नेट आ-जा रहा है।…"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"आदाब। जी। निरंतरता व आप सभी का सान्निध्य व मार्गदर्शन आवश्यक है। अंतिम दो पंक्तियाँ महज तुकबंदी रह…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"ओबीओ 'चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव का समापन हुआ शुभ, शुभातिशुभ"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"शुभ रात्रि।"
yesterday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"दोहों पर अभ्यास हो, लेकर सुन्दर भाव । बार-बार रचते रहें, और बढेगा चाव ।। आदरणीय भाई शैख़…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"जय हो.. "
yesterday

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service