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Dr.Ajay Khare's Blog – January 2013 Archive (3)

बधू चाहिए,

बधू चाहिए, बधू चाहिए

अपने लल्ला के लिए एक बधू चाहिए

सुंदर सुशील पढ़ी लिखी गृह कार्य में दक्ष

सीता गीता रीता या मधु चाहिए

दहेज़ चाहिए न दान चाहिए

आपका प्यार व सम्मान चाहिए

लल्ला हमारा है गुणों की खान

देखने में लगता है सलमान खान

बी ई की पढ़ाई करी है 

हमने लाखों में फीस भरी है 

अच्छे पैकेज का वो कर रहा वेट

शादी में…

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Added by Dr.Ajay Khare on January 30, 2013 at 11:00pm — 8 Comments

बिछोह

बिछोह

कभीसोचा न था जो हुआ

कल्पना से परे

ये तुमने किया

यकीन नहीं

होगा भी क्यों

तुम ही तो थी मेरा बिश्वास

दिल के सबसे पास

सांसो में वास

सिर्फ तुम्हारा अहसास

बक्त जो गुजारा हमने

देखे थे सपने

सव नेस्तनाबूद

ख़त्म मेरा बजूद

कहा था तुमने में तुम बनेगें हम

किन्तु सब ख़तम

जरुर छीड़ पड़ी तुम्हारी स्मरण शक्ति

मेरा प्यार भक्ति

तुम वेबफा हो जानता नहीं

 तुमने छल किया…

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Added by Dr.Ajay Khare on January 21, 2013 at 5:45pm — 6 Comments

हाथ मिलाते रहिये

दिल मिले या ना मिले हाथ मिलाते रहिये,

प्यार की रस्म को आगे बढ़ाते रहिये |



अंधेरों मे ही ना गुजर जाय जीवन का सफ़र,

प्यार की शमा को दिल मे जलाते रहिये |



रहता यूँ चमन मे बिजलियों के गिरने का डर,

चाहत के फूलों को दिल मे खिलाते रहिये |



रोने गाने मे हो ना जाएँ सारी उमर तमाम,

उलफत के जाम को खुद पीकर पिलाते रहिये |



चले है जब तो मिल ही जाएगी मंज़िल हमको

अलबिदा कहते हुए हाथ हिलाते रहिये |

  • Dr.Ajay Khare…
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Added by Dr.Ajay Khare on January 10, 2013 at 2:30pm — 3 Comments

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