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Anwesha Anjushree's Blog – September 2011 Archive (3)

साक्षात्कार

कान्हा से मिलोगी सखी ?

हँसते -खेलते राधा से कहा मैंने..

सदियों से प्रतीक्षा में बँधी

राधा बोली-हाँ सखी..पर कैसे ?





चल न सखी,छोड़ न

इस धाम ,इस वृक्ष को

चल चलके देखे कान्हा धाम

वे जरुर मिलेंगे तुझको !





ख़ुशी से झूम राधा

चली मिलने शाम को

मेरा मन हुआ गर्वित,सोचा-चलो

यह जीवन आया कोई काम तो !





पर!यह तो थे कृष्ण

कान्हा तो हमे मिले नहीं

राधा क्या गिला करती

राधा को कृष्ण जाने नहीं… Continue

Added by Anwesha Anjushree on September 29, 2011 at 4:46pm — 2 Comments

कुछ शब्द ..

शब्दों में खोकर कहते तुम

वाह ! यह कविता अच्छी है

या हँसकर कहते..

ओह ! क्या है यह? क्या तू बच्ची है ?

 

 

मेरे शब्दों में अपनी छवि

देख तुम इतराते !

नासमझ बनने की कोशिश में

बार बार हार जाते !

 

 

इन…

Continue

Added by Anwesha Anjushree on September 27, 2011 at 4:37pm — 7 Comments

ध्रुवतारा ...

मेघ से आच्छादित नभ में

एकमात्र सुक्ष्म नक्षत्र से…

Continue

Added by Anwesha Anjushree on September 13, 2011 at 4:51pm — 4 Comments

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"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। गजल की प्रशंसा के लिए आभार।"
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"आ. भाई अमीरुद्दीन जी, सादर अभिवादन। गजल की प्रशंसा के लिए आभार।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-177
"आ. भाई अमित जी, सादर अभिवादन। गजल की प्रशंसा के लिए धन्यवाद।"
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