For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

मिथिलेश वामनकर's Blog – October 2015 Archive (7)

ऐ सुखनवर साथ चल -- (ग़ज़ल) -- मिथिलेश वामनकर

2122---2122---2122---212

 

दौर बदला है, बदल जा,   ऐ सुखनवर साथ चल 

सोचता है जिस जबां में, उस जबां में लिख ग़ज़ल

 

जिंदगी बदलाव है...... गर थम गए…

Continue

Added by मिथिलेश वामनकर on October 29, 2015 at 2:44pm — 36 Comments

ग़ज़ल-- बढ़िया है-- (मिथिलेश वामनकर)

22—22—22—22—22—2

 

गुलशन में फिर भौंरा आया,  बढ़िया है

फूलों से काटों का नाता,  बढ़िया है

 

आज उफ़क तक सरसों देखी, दिल बोला-…

Continue

Added by मिथिलेश वामनकर on October 28, 2015 at 4:03pm — 15 Comments

धूप की तकसीम में कुछ तो हुआ है देखना-- (ग़ज़ल) -- मिथिलेश वामनकर

2122---2122---2122---212

धूप की तकसीम में कुछ तो हुआ है देखना

आज फिर सूरज सवालों में घिरा है देखना

 

नीम के ये जर्द पत्ते आंसुओं-से झर गए

इस फिज़ा की आँख में कंकड़…

Continue

Added by मिथिलेश वामनकर on October 21, 2015 at 3:03pm — 9 Comments

बंदगी जिनका सफीना था--(ग़ज़ल)-- मिथिलेश वामनकर

2122-- 1122 --1122 –112

 

बंदगी जिनका सफीना था, वही पार गए

नाखुदाओं पे भरोसा जो किया, हार गए

 

अम्न के वास्ते इस पार से उस पार गए…

Continue

Added by मिथिलेश वामनकर on October 20, 2015 at 1:32am — 13 Comments

जरा सा पास आकर देख तो लो----(ग़ज़ल)---मिथिलेश वामनकर

1222---1222---122

 

जरा सा पास आकर देख तो लो

कभी पलकें उठाकर देख तो लो

 

अगरचे तिश्नकामी गम बहुत है

उसे आँसू…

Continue

Added by मिथिलेश वामनकर on October 19, 2015 at 2:08am — 18 Comments

गुमसुम क्यों नदी का तीर है---- ग़ज़ल----मिथिलेश वामनकर

2122 – 2122 – 2122 – 212

 

चाँदनी जब रात, गुमसुम क्यों नदी का तीर है?

मौन है जल किसलिए, पूछो कि क्यों गंभीर है?

 

प्यार के झुरमुट अंधेरों से लिपट सोते…

Continue

Added by मिथिलेश वामनकर on October 15, 2015 at 2:44pm — 12 Comments

राजधानी जो आये पता कर चले--(ग़ज़ल)-- मिथिलेश वामनकर

212—-212---212---212

 

पूछते रह गए आप क्या कर चले?

वो मेरी जिंदगी हादसा कर चले.

 

 गुमटियाँ शह्र से जो हटा कर चले…

Continue

Added by मिथिलेश वामनकर on October 14, 2015 at 4:30pm — 23 Comments

Monthly Archives

2017

2016

2015

2014

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 89 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया राजेश कुमारी जी सादर नमस्कार, प्रदत्त चित्र को परिभाषित करते तीनों ही हरिगीतिका छंद आपने…"
8 minutes ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 89 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय डॉ. छोटेलाल सिंह जी सादर, प्रदत्त चित्र को आपने शक्ति छंदों के माध्यम से बहुत उत्तम और…"
15 minutes ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 89 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया अनिता शर्मा जी सादर, प्रदत्त चित्र को परिभाषित करते उत्तम हरिगीतिका छंद रचे हैं आपने.…"
19 minutes ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 89 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय गंगा धर शर्मा जी सादर, प्रदत्त चित्र को परिभाषित करती उत्तम प्रस्तुति है यह आपकी. हार्दिक…"
26 minutes ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "कशमकश से यकबयक" (लघुकथा)
"मेरी इस ब्लॉग पोस्ट पर अपना अमूल्य समय देकर अनुमोदन व हौसला अफ़ज़ाई हेतु तहे दिल से बहुत-बहुत…"
31 minutes ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Admin's group सुझाव एवं शिकायत
"आदाब, मेरे मंचीय ब्लॉग पृष्ठ पर * feature blog post संख्या बदलती रहकर ग़लत संख्या दर्शा रही है काफी…"
46 minutes ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 89 in the group चित्र से काव्य तक
"बहुत ही प्रेरक, प्रोत्साहक और हौसला बढ़ाती बेहतरीन रचना। हार्दिक बधाई आदरणीय अखिलेश कृष्ण…"
53 minutes ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 89 in the group चित्र से काव्य तक
"बेहतरीन शिल्पबद्ध भावपूर्ण रचना। हार्दिक बधाई आदरणीय  बासुदेव अग्रवाल 'नमन'…"
55 minutes ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 89 in the group चित्र से काव्य तक
"चित्राधारित भी और प्रतीकात्मक भी। बढ़िया सृजन हेतु हार्दिक बधाई आदरणीया मनजीत कौर साहिबा।"
57 minutes ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 89 in the group चित्र से काव्य तक
"चित्राधारित बढ़़िया शिल्पबद्ध रचना हार्दिक बधाई आदरणीया राजेश कुमारी साहिबा। कुछ टंकण त्रुटियाँ रह…"
1 hour ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 89 in the group चित्र से काव्य तक
"चित्र को परिभाषित करती यथार्थ और शुभकामनाओं सहित बढ़िया रचना। हार्दिक बधाई आदरणीय डॉ. छोटेलाल सिंह…"
1 hour ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 89 in the group चित्र से काव्य तक
"बढ़िया सहभागिता आदरणीय हरिहर झा साहिब। मंच के इस आयोजन की परंपरा अनुसार प्रदत्त चित्र पर, बताये गये…"
1 hour ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service