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डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव's Blog – October 2014 Archive (3)

गजल : बाजी मोहब्बत की हारे हुए

ख्वाब   हरगिज   न  पूरे  हमारे  हुये  I

हम तो बाजी मुहब्बत की हारे हुये II

 

दोस्त    हमको   भुलावा   ही    देते रहे

वक्त जब आ  पड़ा तो  किनारे हुये I

 

माफ़ जबसे    हमारी   खता   हर   हुई

हमने समझा कि गर्दिश में तार  हुये I

 

उनका नजरे चुराने  का  ढब देखिये

कैसे-कैसे   गजब   के   इशारे   हुये I

  

इश्क नजरो में जब से नुमायाँ हुआ

कितने दिलकश जहाँ के नज़ारे हुये I

 

हुस्न अपनी   खनक    में…

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Added by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on October 20, 2014 at 6:00pm — 4 Comments

तेरी सूरत

तेरी सूरत   बहुत     खूबसूरत  सही

तेरी सूरत  सी कोई भी सूरत नहीं

तेरी सूरत  से  जो     रूबरू हो गया

उसके बचने  की कोई  सूरत नहीं I

 

तेरी सूरत के जलवे फिजाओं में है

तेरी सूरत की   चर्चा  हवाओं   में है

तेरी सूरत में  है जैसी मस्ती भरी

वैसी कोई  अजंता की   मूरत नहीं I

 

तेरी सूरत में  गंगा   की     पाकीजगी

तेरी सूरत में आशिक की आवारगी

तेरी सूरत ही   सूरत   ख्यालों   में है

तुझसे मिलने का कोई महूरत नहीं…

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Added by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on October 15, 2014 at 5:00pm — 10 Comments

मौत

देखा   असूल    मैंने    अजब   सर जमीन पर

जो    ठोकरें     लगाते   रहे    उम्र    भर    मुझे

शैतानियत ने किस कदर चोला बदल लिया

वे   ही   जनाजे    में    मेरी    कन्धा   लगा  रहे  I

 

चप्पल न  थी   नसीब   छाले   पाँव   में पड़े

मै   जिन्दगी  में   यूँ   ही   दर्दमंद  हो चला

अल्लाह   तूने   मौत   दी   तेरे   बड़े  करम

इक बार  आठ  पाँव   की सवारी तो मिली  I

 

मैंने    हयात   में    न    कभी    हार   थी  मानी

हर  वक्त   …

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Added by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on October 10, 2014 at 6:00pm — 14 Comments

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"आदरणीय गणेश जी 'बागी' जी आदाब और बहुत शुक्रिया हौसला बढ़ाने के लिए आपका शुक्रगुज़ार हूँ…"
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मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"आदरणीय दण्डपाणि नाहक जी, अच्छी ग़ज़ल कही है, दाद कुबूल करें ।"
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dandpani nahak replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"ग़ज़ल 1212 1122 1212 22 जुनूँ गज़ब का मगर ये अज़ब कहानी है तलाश जारी है क्या चाँद में भी पानी है इधर…"
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babitagupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"बेहतरीन बाल गीत, बधाई स्वीकार कीजिएगा आदरणीय सतविन्द्र सरजी। "
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मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"सराहना हेतु आभार आदरणीया बबिता गुप्ता जी."
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मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"आभार आदरणीय डॉ छोटे लाल जी, सराहना से रचना सार्थक हुई."
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babitagupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"बेहतरीन पंक्तियाँ, आदरणीय गणेश सरज बधाई स्वीकार कीजिएगा।"
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अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"आदरणीया  बबिताजी हृदय से धन्यवाद आभार आपका"
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babitagupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"बेहतरीन पंक्तियाँ चांद को परिभाषित करती,बधाई स्वीकार कीजिएगा आदरणीय लक्ष्मण सरजी। "
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babitagupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"स्नेह के साथ हिम्मत बंधाती पंक्तियाँ आदरणीया प्रतिभा दी बधाई स्वीकार कीजिएगा ।"
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