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तुम मेरे कौन हो

तुम मेरे कौन हो?

तुम मेरे कौन हो ?

उषा सिंदूरी या चाँदनी रात

उषा जिससे ज़िन्दगी का अन्धेरा जाता है

जिसके स्पर्श से जीवन लहराता है

खिल उठते हैं जिसके दर्शन से बेल-बूटे

पशु मचल उठते हैं छुड़ाने को खूटे

विह्ग कलरव गातें हैं पंख पसार

क्या तुम्ही हो वो मेरी उषा नार

याकि तुम हो चाँदनी-रात

स्निग्ध शीतल करुणामयी

हरती मेरा पीड़ा संताप

भूल जाता हूँ एकाकीपन, ठहर जाता है मन

होते हो जब भी पास|

क्या तुम ही हो मेरी चाँदनी रात?|

तुम मेरे कौन हो ?

स्वस्थ सपन या निर्बोझ नींद

सपन जिससे नींद की ठनती रही है

कितनी मृग-मरीचिका पलती रही हैं

हो छलावा लेकिन क्षणों का खुशनुमा अहसास

तो बताओं हो क्या तुम मेरा सलोना सपन

याकि तुम हो मेरी वो नींद जो लोटती है

तो करवटें गिनती नहीं

अपने अस्तित्व के सिवाय कुछ गुनती नहीं

वो नींद जिसका होना है रंग भर आकाश

जिसमें स्वपन का ज्वार भी ले आता है तुम्हारे पास

तो क्या तुम्ही हो मेरी वो गुनगुनी नींद |

तुम मेरे कौन हो ?

मेरी निश्छल आत्मा या मेरी ग़ात

आत्मा जो मुझमें रहती है ओझल

जैसेकि हवा बहती है, रखती है मुझको-मुझ सा

यूँ जैसे काली निशा में दिव –प्रकाश

याकि तुम हो मेरी ग़ात

जो वास्तविकता है स्पष्ट दिखता है

पर धोखा है जिसका आभास

तो तुम बताओं तुम मेरे कौन हो ?

.

सोमेश कुमार(मौलिक एवं अप्रकाशित ) (२१/०८/२००८)

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प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on November 27, 2014 at 12:27pm

बहुत खूब भाई सोमेश कुमार जी।

Comment by somesh kumar on November 26, 2014 at 8:13pm

सभी विद्वान् मित्रों /अग्रजों को रचना को पढ़ने और उत्साहवर्धन के लिए तहे दिलसे शुक्रिया 

Comment by MUKESH SRIVASTAVA on November 26, 2014 at 6:18pm

pyaaree rachnaa

Comment by harivallabh sharma on November 26, 2014 at 3:16pm

बहुत सुन्दर रचना आदरणीय सोमेश जी..दोनों पक्षों में कितना कुछ मिल रहा स्नेह में,,,सुन्दर चित्रण..बधाई आपको.

Comment by विनोद खनगवाल on November 26, 2014 at 2:14pm
आदरणीय सोमेश जी, बहुत ही सुंदर कविता है। मेरी बधाई स्वीकार करें।
Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on November 26, 2014 at 12:58pm

सोमेश जी

बहुत सुन्दर , भावपूर्ण  कविता  i आपको बधाई  i

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on November 26, 2014 at 10:55am

अति सुंदर हार्दिक बधाई ।

Comment by Hari Prakash Dubey on November 26, 2014 at 1:47am

सोमेश भाई ,सुन्दर रचना ,हार्दिक बधाई !


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on November 25, 2014 at 9:25pm

सुन्दर प्रस्तुति ..बहुत खूब 

Comment by maharshi tripathi on November 25, 2014 at 9:25pm

सुन्दर रचना के लिए बधाई |       सर 

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