For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Deepak Sharma Kuluvi's Blog (122)

फ़ितूर (दीपक कुल्लुवी)

मेरे अंजुमन में रौनकें बेशक़ कम होंगी ज़रूर

क्या सोच के दोज़ख़ की तरफ़ चल दिए हज़ूर



आपने तो एक बार भी मुड़के देखा नहीं हमें

न जानें था किस बात का अपने आपपे गरूर



यह वक़्त किसी के लिए रुक जाएगा यहाँ 

निकाल देना चाहिए सबको दिमाग़ से यह फ़ितूर



चढ़ जाए एक बार तो हर्गिज़ उतरता ही नहीं

क़लम का हो शराब का हो या शबाब का हो सरूर



मासूम से थे हम 'दीपक' शायर 'कुल्लुवी'हो गए

हमसे क्या आप खुद से भी हो गए बहुत दूर

दीपक…

Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on April 17, 2014 at 11:30am — 12 Comments

*****(श्रद्धा सुमन)*****

'दामिनी' चली गई दुनियां से 

छोड़ गई कितने सवाल

क्या लड़की होना ही था 

उसका घोर अपराध ?

जब तक फाँसी पर न लटकेंगे 

उसके अपराधी 

शांत न होगी रूह उसकी 

कब होगा इन्साफ 

कितने सपने संजोए होंगे 

कितने देखे होंगे ख़्वाब 

पूरे हुए,न रहे अधूरे 

जिंदगी ने छोड़ा साथ 

कानून की देवी की जो खुली न …

Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on December 29, 2012 at 12:00pm — 5 Comments

अनूठा कीर्तिमान

अनूठा कीर्तिमान
 
क्या ऐसा नहीं लगता यह साल 
बलात्कार का आया है 
हर चैनल,अखवार में मुद्दा 
सुर्ख़ियों में यह छाया है 
शर्मसार है भारत माँ 
अपने कपूतों की करतूतों से 
दुनियां की नज़र में हिन्दोस्तान ने 
नाक अपना कटवाया है 
दुआ करो सब मिलकर 
ऐसी घटनाएँ न हों 
नए साल में चारो और 
बस सुख शांति ही…
Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on December 28, 2012 at 11:31am — 6 Comments

(फाँसी से कम नहीं )

(फाँसी  से कम नहीं )





इन्हें फाँसी  पर लटका दो 

या गोलियों से मरवा दो 

बलात्कारियों की रूह काँप जाए 

इन्हें ऐसी कड़ी सजा दो 

इन दरिंदों को जिंदा न छोड़ो 

पहले इनके हाथ पाँव तोड़ो 

जिंदा सूली पर लटका दो 

लाश चील कव्वों को खिला दो 

इनके घिनोने जुर्म की 

और सज़ा  न कोई 

शर्मसार है भारत माँ 

माएँ फूट फूट कर रोई

हद कर दी हैवानियत की 

जली होली  इंसानियत की

कड़े कर दो कानून नियम 

जलाओ चिता शैतानियत…

Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on December 19, 2012 at 12:34pm — 4 Comments

***(न सुना पाऊंगा) ***

हम उनके कर्ज़दार नहीं,वोह मेरे कर्ज़दार हैं

हम तो आज भी सर आँखों पे बिठाने को तैय्यार हैं

वोह चाहे तो आजमा ले, हम जीत जाएँगे

हमें अपनी दिल्लगी पे ऐतवार है



***(न सुना पाऊंगा) ***

 

जलता 'दीपक'हूँ हवाओं से तो बुझ जाऊँगा 

न करोगे तो कभी याद नहीं आऊँगा 

जलता 'दीपक'हूँ हवाओं से तो बु----



(1)धुँधली सी हो…

Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on December 10, 2012 at 12:00pm — 1 Comment

आम आदमी पार्टी

आम आदमी पार्टी 
आज तक हम खास थे अब आम हो गए 
सब पार्टियों को छोड़ 'आम' के साथ हो गए 
सबको परख चुके अब इनको भी परखेंगे 
ख्वावों की वंदिशों से हम आज़ाद हो गए 
कांग्रेस परखी,भाजपा परखी परखी सपा,बासपा
आम आदमी पार्टी भी परख लें पूर्ण होगी परिक्रमा 
या तो लुटिया डूबेगी या तर जाएँगे सारे
हमारे खज़ाने से क्या जाएगा अगर गए वो हारे 
जीत गए गर आम आदमी तो हो जाएँगे…
Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on November 27, 2012 at 2:45pm — 5 Comments

अँधा कानून

अँधा कानून 



कुकर्मों का हो गया हिसाब 

फाँसी पर लटके मियां 'कसाव'

खुद भी मरे बेगुनाहों को मारा 

जिंदगी अपनीं  की बर्वाद 

पाप करके कोई बच नहीं सकता 

कोई जख्म किसी के भर नहीं सकता 

आखरी लम्हों में गुनहगारों को भी 

रब्ब आता है याद 

कानून भी अपना इतना लचीला 

करोड़ों का खज़ाना कर दिया ढीला 

इक आतंकी को सज़ा  देनें के लिए 

लगा दिए इतने साल  



दीपक…
Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on November 22, 2012 at 10:28am — 3 Comments

सिला

वोह दूर क्या हुए 

इतनी दूर हो गए 
मेरी मुहब्बत के शायद 
हर किस्से भूल गए 
किससे करें शिक्वा-ए-दिल          
किससे  करें गिला 
जिंदगी के आखरी लम्हात में 
हम तन्हा  हो गए
'दीपक' था जलता क्यूँ न 
जलकर लुत्फ़ ही आया 
लेकिन मुझको जलाकर वोह 
खामोश चले गए …
Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on November 19, 2012 at 11:30am — 4 Comments

दीवाली

दीवाली
 

दीवाली जब जब आएगी

याद हमारी आएगी

भूल ना पाओगे हमको…

Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on November 10, 2012 at 5:24pm — 1 Comment

दिल्ली का हाल

दिल्ली का हाल
 
यह देखो दिल्ली का हाल
त्रस्त जनता बेबस,बेहाल
महंगाई का बोझ उठाए
पूछे है  सत्ता  से सवाल 
यह देखो दिल्ली का---
चारों तरफ पैसे की भूख 
मची हुई है लूट खसूट 
बिगड़ गए सारे सुर ताल
राजनीति…
Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on November 10, 2012 at 11:33am — 3 Comments

झाँको

झाँको 

कल फिर से जलेगा रावण

मन शांत और दिन पावन

रौनक छाई चेहरों पे ऐसे

पतझड़ में जैसे आया सावन

रावण को जलाने से पहले

अपनें भीतर भी झांको

उसके कर्मों से प्यारे

अपनें कुकर्म भी आँको

उन्नीस बीस का फर्क दिखेगा

उसके ज्यादा कुछ न मिलेगा

रावण तो था शूरवीर

पंडित था…

Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on October 23, 2012 at 11:00am — 3 Comments

श्रद्धा सुमन

श्रद्धा सुमन
यश चोपड़ा जी चले गए छोड़ के यह संसार
डेंगू के इक मच्छर ने ले ली उनकी जान
मौत पे किसी का बस नहीं है बेबस है इंसान
श्रद्धा सुमन करता  अर्पित उनको यह सारा संसार
80 बरस  तक सेवा की बालीबुड की जी…
Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on October 22, 2012 at 12:26pm — 5 Comments

यह मेरा दर्द है

यह मेरा दर्द है
 

यह मेरा दर्द है,आँखों से छलक आता है

यूँ ही पैमाना,बदनाम हुआ जाता है



लाख कह ले यह ज़माना,न जीना आया हमें

वक़्त अच्छा हो बुरा हो,गुज़र तो जाता है



सबको हँसता हुआ देख लूँ,मैं चला जाऊँगा

यूँ भी "दीपक" जलनें से कहाँ बच पाता है



मैं न अपनों को याद आऊँ,न गैरों को

प्यार उस हद तक मेरा मुझको,नज़र आता है…

Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on October 17, 2012 at 1:00pm — 3 Comments

रक्षक ही भक्षक

रक्षक ही भक्षक 
जांच अगर हो कायदे से 
कोई बच न पाए
भारत में बच्चे से बूढ़ा
घूसखोर  नज़र आए
बड़े बड़े घोटाले यहाँ पर
मामूली सा खेल है
बच्चे को जब तक दो न चॉकलेट
वह भी स्कूल न जाए
कब तक लड़ेंगे अन्ना हजारे
कब तक केजरी वाल 
हर शाख पे उल्लू बैठा…
Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on October 17, 2012 at 11:44am — 3 Comments

छुपा सकता है

छुपा सकता है 
 

यह हिन्दोस्तान है प्यारे 

यहाँ कुछ भी हो सकता है
ख़ाली जगह में स्थापित मूर्ति पर 
बोर्ड प्राचीन मंदिर का लग सकता है
आस्था के नाम पर 
यहाँ बहुत कुछ होता है
हर एक तिलकधारी 
बाबा नहीं होता है 
जिसमें दम हो वह जहाँ चाहे 
कब्ज़ा जमा सकता है
इन्हीं धर्मस्थलों की आड़ में 
अपने कुकर्म छुपा सकता…
Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on October 17, 2012 at 10:52am — No Comments

कुछ भी हो सकता है

कुछ भी हो सकता है

जंगल राज है कुछ न कहो

ख़ामोशी अपनाओ

बापू के तीन बंदरों जैसे

ज्ञानी बन जाओ

अच्छा देखो न बुरा ही देखो

न ही सुनो न कहो

सुखी जो रहना चाहते हो

मूक दर्शक बन जाओ

वर्ना कुछ भी हो सकता है

सब कुछ लुट सकता है

मौत से डर नहीं लगता तो

हरगिज़ न घबराओ

फैसला आपके हाथ में है

कैसे जीना चाहते हो

इज्जत अगर है प्यारी

मेरे साथ आओ

मेरे साथ आ....…

Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on October 9, 2012 at 1:17pm — 6 Comments

गिनीज़ वर्ल्ड रिकार्ड

बिनम्र भाव से बोले रावण

क्या मुझे जलाने आए हो

ज्ञानी पंडित भी साथ न लाए हो

मेरी मुक्ति कैसे होगी ?

मेरी मुक्ति नहीं होती

तभी तो बच जाता हूँ

सबसे अधिक बार जलने का

गिनीज़ वर्ल्ड रिकार्ड बनाता हूँ

 

दीपक…
Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on October 9, 2012 at 11:00am — 5 Comments

कहानी अपनी अपनी सोच

 
मैं जैसे ही अपने एक पुराने मित्र के घर पहुंचा तो उसकी दयनीय हालत देखकर दंग रह गया.....ऐसा लग रहा था की बरसों का मरीज़ हो  अपने कालेज के समय में हमेशा हीरो जैसे टिप टॉप  रहनें वाला मेरा मित्र आज फटे हाल सी जिंदगी बसर कर रहा था I जगह जगह से कटे,फटे मैले कुचैले कपड़े.....और तो और बनियान में भी इतने छेद थे…
Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on October 4, 2012 at 2:30pm — 4 Comments

चालाक खुदा

चालाक खुदा 
 

खुदा बहुत ही चालाक है

अपनें सर कुछ नहीं लेता
इंसान खुद मौत की मांगे दुआ
इतना बेबस कर देता 
जवानी में जीने की चाह
मांगता खुदा से यह इंसान 
बुढ़ापे में बस मौत ही मांगे
बन जाता दाता का काम
चक्रव्यूह सा यह कालचक्र है
बार बार फँसता इंसान
भगवान नचाता कठपुतली सा
नाचता रहता है इंसान 
नाचता…
Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on September 27, 2012 at 11:12am — 2 Comments

समझाओ

समझाओ



वफ़ा हमसे करो या न करो पर गैर न समझो

मुहब्बत हमने की थी क्या खता थी यह तो बतलाओ



मिले तो आप ही छुप छुप के कितनी मर्तवा हमसे

अब किसका था कसूर ऐ-दिल बस इतना तो समझाओ



कहीं 'दीपक' जले तो रौशनी ज़रूर होती है

हमारा दर्द भी समझो बार बार न जलाओ



सुना है बेवफा रोते नहीं आंसू नहीं आते

ऐसा नुस्खा प्रेम का हमको भी दे जाओ…

Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on September 20, 2012 at 3:30pm — No Comments

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अभी नहीं.. चर्चा जारी रहे।  'अभी' अलविदा ना कहना.. "
12 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय सौरभ भाई, आप ने सभी बातें सविस्तार कही और अनेकों संशयों को समाप्त किया। इसके पश्चात और कुछ…"
16 hours ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"यह डेटाबेस तक पहुंच का प्रश्न है। सामान्यतः पोर्टल सर्विसेज एजेंसी साइट ओनर को डेटाबेस तक पहुंच…"
16 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय अजय गुप्ता ’अजेय’ जी, आपकी संलग्नता आश्वस्तिकारी है. आपका सोचना आपके पहलू से…"
19 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"इस सारी चर्चा के बीच मैं एक बात और कहना चाहता हूँ। जैसा कि हम सबने देख लिया कि सदस्य इस मंच के लिए…"
23 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जी आदरणीय "
23 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"आदरणीय अमिताजी, हार्दिक बधाइयाँ    प्रस्तुति में रचनात्मकता के साथ-साथ इसके प्रस्तुतीकरण…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on सुरेश कुमार 'कल्याण''s blog post कुंडलिया
"आदरणीय सुरेश कल्याण जी, आपकी उपस्थिति के लिए हार्दिक धन्यवाद  छंद की अंतिम दोनों पंक्तियों की…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post गर्भनाल कब कट पाती है किसी की
"एक मार्मिक भावदशा को शाब्दिक करने का सार्थक प्रयास हुआ है, आदरणीया अमिता तिवारीजी. आप सतत अभ्यासरत…"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"शुक्रिया आदरणीय सर जी। डाउनलोड करने की उस व्यवस्था में क्या हम अपने प्रोफाइल/ब्लॉग/पन्ने की पोस्ट्स…"
yesterday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अभी प्रश्न व्यय का ही नहीं सक्रियता और सहभागिता का है। पोर्टल का एक उद्देश्य है और अगर वही डगमगा…"
yesterday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जैसा कि ज्ञात हुआ है कि संचालन का व्यय प्रतिवर्ष 90 हज़ार रुपये आ रहा है। इस रकम को इतने लंबे समय तक…"
yesterday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service