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आशीष यादव
  • 29, Male
  • ghazipur, uttarpradesh
  • India
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आशीष यादव's Discussions

क्या भारत मेँ अन्तर्माध्यमिक तक हिन्दी एक अनिवार्य विषय नही होनी चाहिए
15 Replies

आज जहाँ सुनिये वहीँ भाषा का बिगड़ा स्वरूप सुनाई देता है। किस पुरुष का कर्ता है और कौन सी क्रिया लग गई पता ही नही। यह भी नही की यह युवा पीढ़ी ढंग से आंग्ल भाषा ही जानती हो। तो क्या हमारी और सरकार की यह…Continue

Started this discussion. Last reply by आशीष यादव Jul 28, 2012.

 

Welcome, आशीष यादव!

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Anvita and आशीष यादव are now friends
Jun 20
आशीष यादव commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post परिंदा तिफ़्ल हो उसके भी पर तो रहते हैं(११० )
"सबसे पहले तो बेहतरीन गजल पर बधाई। यह मंच एक पाठशाला की तरह लगता है। सच में बहुत कुछ सीखने को मिलता है।"
Jun 17
आशीष यादव commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post ग़ज़ल (वही मंज़र है और मैं) - शाहिद फ़िरोज़पुरी
"वाह क्या कमाल की गजल कही है आपने। बधाई स्वीकार कीजिए।"
Jun 17
आशीष यादव commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post गीत- मैं पुरुष हूँ! मात्र इस हित, मत करो अपमान मेरा
"बहुत अच्छी रचना लगी। कुछ व्याकरण सम्बन्धी त्रुटियाँ हैं जिन पर आदरणीय श्री समर कबीर साहब ने ध्यान दिला दिया है। इस मंच की यही ख़ासियत है कि सदैव सीखने को मिलता है, वह चाहे खुद की रचना हो या दूसरों की। इस सुंदर गीत पर आपको बधाई एवं श्री समर कबीर साहब…"
Jun 17
आशीष यादव commented on Ravi Shukla's blog post तरही ग़ज़ल फ़िराक़ साहब के मिसरे पर
"आदरणीय श्री रवि शुक्ला सर, यह गजल बहुत अच्छी लगी। मैंने कई बार पढ़ा। "
Jun 17
Ravi Shukla commented on आशीष यादव's blog post यह प्रणय निवेदित है तुमको
"आद0 आशीष यादव जी सुंंदर  गीत का सृजन हुआ है । इस सृजन पर बधाई स्वीकार कीजिये।"
Jun 16
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on आशीष यादव's blog post यह प्रणय निवेदित है तुमको
"आद0 आशीष यादव जी सादर अभिवादन बेहद खूबसूरत गीत सृजन हुआ है । इस सृजन पर बधाई स्वीकार कीजिये।"
Jun 16
Anvita commented on आशीष यादव's blog post यह प्रणय निवेदित है तुमको
"आशीष यादव जी अभिवादन. आपकी रचना में भाषा और शाब्दिक चयन बहुत सुंदर हुआ है ।बधाई स्वीकार करें ।सादर अन्विता ।"
Jun 15
आशीष यादव commented on आशीष यादव's blog post यह प्रणय निवेदित है तुमको
"आदरणीय श्री Samar kabeer सर,  बहुत बहुत धन्यवाद"
Jun 15
आशीष यादव commented on आशीष यादव's blog post यह प्रणय निवेदित है तुमको
"आदरणीय श्री अमीरुद्दीन 'अमीर' सर,   सराहना के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।"
Jun 15
Samar kabeer commented on आशीष यादव's blog post यह प्रणय निवेदित है तुमको
"जनाब आशीष यादव जी आदाब, अच्छी रचना हुई है, बधाई स्वीकार करें ।"
Jun 15
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on आशीष यादव's blog post यह प्रणय निवेदित है तुमको
"जनाब आशीष यादव जी, आदाब।  सुंदर गीत की रचना हुई है बधाई स्वीकार करें। "
Jun 15
आशीष यादव posted blog posts
Jun 15
आशीष यादव replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-115
"हो सकता है कि यह रचना शिल्प के साथ न्याय न कर रही हो किन्तु प्रदत्त विषय पर बिलकुल न्याय हुआ है।  पढ़कर बहुत अच्छा लगा है।"
May 10
आशीष यादव replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-115
"आधुनिकता और प्रदत्त विषय पर सटीक रचना। ऐसी रचना पढ़कर मन शांत भी होता है और अशांत भी। उत्तम।"
May 10
आशीष यादव replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-115
"एक उत्तम प्रस्तुति। बिलकुल सामयिक।"
May 9

Profile Information

Gender
Male
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GHAZIPUR, U.P.
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GHAZIPUR
Profession
work in defence
About me
एक सीधा-सादा इन्सान जो जीवन एवँ मानव की सच्चाईयों को जानने मे लगा हुआ है।

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आशीष यादव's Blog

यह प्रणय निवेदित है तुमको

हे रूपसखी हे प्रियंवदे

हे हर्ष-प्रदा हे मनोरमे

तुम रच-बस कर अंतर्मन में

अंतर्तम को उजियार करो

यह प्रणय निवेदित है तुमको

स्वीकार करो, साकार करो

अभिलाषी मन अभिलाषा तुम

अभिलाषा की परिभाषा तुम

नयनानंदित - नयनाभिराम

हो नेह-नयन की भाषा तुम

हे चंद्र-प्रभा हे कमल-मुखे

हे नित-नवीन हे सदा-सुखे

उद्गारित होते मनोभाव

इनको ढालो, आकार करो

यह प्रणय निवेदित है तुमको

स्वीकार करो साकार करो

मैं तपता…

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Posted on June 15, 2020 at 4:30am — 7 Comments

हाँ बहुत कुछ याद है

अकेले तुम नहीं यारा

तुम्हारे साथ और भी बात

मुझे हैं याद



कि जैसे फूल खिला हो

तुम हसीं, बिलकुल महकती सी

चहकती सी

 मृदुल किरणों में धुलकर आ गई

और छा गई

जैसे कि बदली जून की

तपती दोपहरी से धरा को छाँव देती

ठाँव देती हो मुसाफिर को



कि जैसे झील हो गहरी

कि ये भहरी…

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Posted on April 17, 2020 at 7:09am — 1 Comment

कोरोना

नहीं हमारी नहीं तुम्हारी

अखिल विश्व में महा-बिमारी

आई पैर पसार

भैया मत छोड़ो घर-द्वार

भैया मत छोड़ो घर-द्वार 

निकल चीन से पूर्ण जगत में डाल दिया है डेरा

यह विषाणु से जनित बिमारी, खतरनाक है घेरा

रहो घरों में रहो अकेले

नहीं लगाओ जमघट मेले

कहती है सरकार

भैया मत छोड़ो घर-द्वार 

नहीं आम यह सर्दी-खाँसी इसका नाम कोरोना

नहीं दवाई इसकी, होने पर केवल है रोना

इसीलिए मत घर से निकलो

धीर धरो पतझड़ से निकलो

मानो…

Continue

Posted on April 4, 2020 at 11:33am — 2 Comments

नव वर्ष तुम्हें मंगलमय हो

नव वर्ष तुम्हें मंगलमय हो 

घर आँगन में उजियारा हो

दुःखों का दूर अँधियारा हो

हो नई चेतना नवल स्फूर्ति

नित नव प्रभात आभामय हो

नव वर्ष तुम्हें मंगलमय हो 

नित नई नई ऊँचाई हो

हृद प्राशान्तिक गहराई हो

नित नव आयामों को चूमो

चहुँओर तुम्हारी जय जय हो

नव वर्ष तुम्हें मंगलमय हो 

जो खुशियाँ अब तक नहीं मिलीं

जो कलियाँ अब तक नहीं खिलीं

जीवन के नूतन अवसर पर

उनका मिलना-खिलना तय हो

नव वर्ष तुम्हे मंगलमय…

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Posted on January 1, 2020 at 12:31am — 11 Comments

Comment Wall (45 comments)

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At 11:15pm on August 6, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…

प्रिय आशीष जी.....मेरी कविता को पसंद करने के लिए आपका हार्दिक आभार.....

At 12:51am on July 13, 2012, Sachchidanand Pandey said…
 शुक्रिया आशीष जी
At 11:26pm on July 2, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…

आशीष जी, प्रोत्साहन हेतु आपका हार्दिक आभार.......

At 10:46am on June 25, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…
आशीष जी, मेरी रचना को पसंद करने के लिए आपका आभार।
At 10:03am on June 6, 2012, अरुण कान्त शुक्ला said…

आशीष जी मित्र बनने का अवसर प्रदान करने के लिए धन्यवाद |

At 10:34am on June 1, 2012, डॉ. सूर्या बाली "सूरज" said…

आशीष जी आपकी शुभकमानयों और बधाइयों के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद !

At 9:33pm on May 26, 2012, डॉ. सूर्या बाली "सूरज" said…

आशीष जी आपकी दाद के लिए बहुत बहुत शुक्रिया ! अच्छा लिखते हो ! ऐसे ही लिखते रहो और सबका मनोरंजन करते रहो !!

At 8:21pm on May 19, 2012, MAHIMA SHREE said…

swagat hai

At 3:44pm on May 4, 2012,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

Dhanyavaad Ashish Bhai.

At 7:43pm on April 12, 2012, Sarita Sinha said…

thanx ashish ji for liking my post...

 
 
 

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