For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग-1)

साथियों,
"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -1) अत्यधिक डाटा दबाव के कारण पृष्ठ जम्प आदि की शिकायत प्राप्त हो रही है जिसके कारण "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2) तैयार किया गया है, अनुरोध है कि कृपया भाग -1 में केवल टिप्पणियों को पोस्ट करें एवं अपनी ग़ज़ल भाग -2 में पोस्ट करें.....

कृपया मुशायरे सम्बंधित अधिक जानकारी एवं मुशायरा भाग 2 में प्रवेश हेतु नीचे दी गयी लिंक क्लिक करें 

"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)

Views: 25319

Replies are closed for this discussion.

Replies to This Discussion

आ. नादिर खान साहेब 
ग़ज़ल के लिए बहुत बहुत बधाई 

ये भी उसका फरेब है नादिर

मुस्कुराकर मना गया है मुझे.. ये शेर ग़ज़ल रंग में डूबा हुआ है ... क्या बात 
पुन: बधाई 

जनाब नादिर ख़ान साहिब आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें ।

मै जिसे जाँ नशीं समझता था

अपना कातिल बता गया है मुझे'

ये शैर मुझे भर्ती का लगा ।

जिस्म में सिर्फ दर्द बाकी है'

इस मिसरे में ऐब-ए-तनाफ़ुर देखें ।

जब भी यादों का कारवाँ निकला'

इस मिसरे में 'निकला' की जगह "गुज़रा" शब्द उचित होगा ।

बेहतरीन मतले और बेहतरीन गिरही शे'अर के साथ बेहतरीन ग़ज़ल के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद मुहतरम जनाब नादिर ख़ान साहिब। वाह :

//माँ असर है तेरी दुआओं का, सब्र करना तो आ गया है मुझे//

माँ असर है तेरी दुआओं का

सब्र करना तो आ गया है मुझे। बहुत ही लाजवाब गिरहा का मिसरा और शे'र । 

              ..शे'र दर शे'र दाद के साथ दिली मुबारकबाद आदरणीय नादिर खान जी ।

मोहतरम नादिर खान साहिब, बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई है। गिरह भी कमाल की है। तहेदिल से मुबारकबाद आपको

अच्छी ग़ज़ल है आदरणीय नादिर जी। आख़िरी शेर ख़ूब हुआ है। हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए। सादर।

भाई नादिर खान जी, उम्दा ग़ज़ल कही है। आ० समर कबीर साहिब की बेशक़ीमती सलाह का संज्ञान लें। और शेअर दर शेअर मेरी दिली मुबारकबाद स्वीकार करें। 

आदरणीय नादिर साहब, आपकी एक लगनशील कोशिश सामने है. विद्वदजनों के कहे का संज्ञान लेतु हुए अभ्यास में निरंतरता बनाए रखें. हार्दिक शुभकामनाएँ और आयोजन में शिरकत करने के लिए बधाइयाँ

आद० नादिर खान जी बहुत उम्दा ग़ज़ल हुई है दिल से दाद हाज़िर है 

रात गुज़रेगी आज तो भारी

ज़िक्र उनका रुला गया है मुझे

 

ये भी उसका फरेब है नादिर

मुस्कुराकर मना गया है मुझे

 इन दोनों के लिए विशेष दाद 

आदरणीय नादिर साहब, उम्दा गजल हुई। बधाइयाँ।

माँ असर है तेरी दुआओं का

सब्र करना तो आ गया है मुझे

 इस अशआर ने दिल को छू लिया, वाह !!!

ये भी उसका फरेब है नादिर

मुस्कुराकर मना गया है मुझे  बहुत खूब ! 

हार्दिक बधाई आदरणीय नादिर खान जी इस उम्दा ग़ज़ल के लिए|

आदरणीय नादिर साहब. अच्छे अशआर हुए हैं. हार्दिक बधाई 

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-176
"आ. भाई पंकज जी, हार्दिक आभार।"
29 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-176
"आ. रिचा जी, हार्दिक आभार।"
30 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-176
"आ. भाई जयनित जी, हार्दिक आभार।"
30 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-176
"आ. भाई दिनेश जी, हार्दिक आभार।"
31 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-176
"आ. भाई अमीरुद्दीन जी, हार्दिक आभार।"
32 minutes ago
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-176
"आदरणीय लक्ष्मण जी ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है, शेष अमित जी ने विस्तृत इस्लाह की है। "
1 hour ago
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-176
"आदरणीय बाग़पती जी अच्छी ग़ज़ल से मुशायरे की शुरुआत के लिए साधुवाद"
1 hour ago
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-176
"आदरणीय बाग़पती जी सादर आभार। आपके आदेश का अनुपालन अवश्य होगा"
1 hour ago
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-176
"आदरणीय अमित जी सादर आभार"
1 hour ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-176
"//बस एक मिसाल दी थी कि ऐसा भाव रखें// ठीक है जनाब। "
1 hour ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-176
"आदरणीय Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" जी आदाब, तरही मिसरे पर ग़ज़ल का अच्छा प्रयास हुआ…"
1 hour ago
Euphonic Amit replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-176
"आदरणीय अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी जी, बस एक मिसाल दी थी कि ऐसा भाव रखें मिसरा नहीं सुझाया…"
1 hour ago

© 2025   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service