For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Manoj kumar Ahsaas
  • 37, Male
  • saharanpur uttar pradesh
  • India
Share

Manoj kumar Ahsaas's Friends

  • सीमा शर्मा मेरठी
  • Rajan Sharma
  • Samar kabeer
  • Rahul Dangi Panchal
  • Nilesh Shevgaonkar
  • जितेन्द्र पस्टारिया
  • मिथिलेश वामनकर
  • वीनस केसरी
  • Saurabh Pandey
 

Manoj kumar Ahsaas's Page

Latest Activity

Manoj kumar Ahsaas posted a blog post

ग़ज़ल मनोज अहसास

1222   1222   122यूँ तुझपे हक़ मेरा कुछ भी नहीं है मगर दिल भूलता कुछ भी नहीं हैतेरी बातें भी सारी याद है पर कहा तेरा हुआ कुछ भी नहीं हैतेरी आंखों में है गर कोई मंजिल तो फिर ये रास्ता कुछ भी नहीं हैग़ज़ल अपनी कलम से खुद ही निकली तसल्ली से लिखा कुछ भी नहीं हैमेरा अफसाना जो तुम पढ़ रहे हो ये कुछ लायक है या कुछ भी नहीं हैनज़र जिसमें तेरी सूरत न आये यहाँ इतना नया कुछ भी नहीं हैख़ुदा का तो इरादा कुछ हो लेकिन मुझे अब सूझता कुछ भी नहीं हैमौलिक और अप्रकाशितSee More
yesterday
Manoj kumar Ahsaas commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post ग़ज़ल मनोज अहसास
"हार्दिक आभार आदरणीय salik साहब सादर"
Tuesday
Manoj kumar Ahsaas commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post ग़ज़ल मनोज अहसास
"हार्दिक आभार आदरणीय अमीर साहब सादर "
Tuesday
Manoj kumar Ahsaas commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post ग़ज़ल मनोज अहसास
"हार्दिक आभार आदरणीय समर कबीर साहब आपके निर्देशानुसार आगे से मुक्ता लगाने का प्रयास करूंगा सादर आभार"
Tuesday
Salik Ganvir commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post ग़ज़ल मनोज अहसास
"कोई अक्षर तुझको मिल जाएगा मेरे नाम का.. लाजवाब मिसरा, भाई मनोज अहसास, हार्दिक बधाई"
Tuesday
अमीरुद्दीन खा़न "अमीर " commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post ग़ज़ल मनोज अहसास
"जनाब मनोज अह्सास जी आदाब,  ख़ूबसूरत ग़ज़ल के लिये तहे-दिल से मुबारकबाद कु़बूल फरमाइये। "
Tuesday
Samar kabeer commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post ग़ज़ल मनोज अहसास
"जनाब मनोज अहसास जी आदाब,ग़ज़ल का अच्छा प्रयास हुआ है,बधाई स्वीकार करें । एक बात पहले भी कह चुका हूँ, आज भी कहता हूँ कि उर्दू शब्दों में आप जब तक नुक़्ते लगाना नहीं सीखेंगे,अच्छे ग़ज़लकार नहीं बन सकते,इस तरफ़ विशेष ध्यान देने की ज़रूरत है ।"
Tuesday
Samar kabeer commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post ग़ज़ल मनोज अहसास
"जनाब मनोज अहसास जी आदाब,ग़ज़ल का अच्छा प्रयास है,बधाई स्वीकार करें । 'तुमने साथ दिया न तो फिर किसके दर पर जाएंगे' इस मिसरे को सुधारने का प्रयास करें ।"
Tuesday
Manoj kumar Ahsaas posted blog posts
Tuesday
Samar kabeer commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post ग़ज़ल मनोज अहसास
"जनाब मनोज अहसास जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें ।"
Mar 7
Manoj kumar Ahsaas commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post ग़ज़ल मनोज अहसास
"आदरणीय मुसाफ़िर जी हार्दिक आभार"
Mar 5
Manoj kumar Ahsaas commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post ग़ज़ल मनोज अहसास
"आदरणीय कबीर साहब महत्वपूर्ण इस्लाह के लिए हार्दिक आभार सुधार के लिए सदैव प्रयासरत रहने का प्रयास करूंगा आभार सादर"
Mar 5
Manoj kumar Ahsaas posted a blog post

ग़ज़ल मनोज अहसास

1222×4किसी की याद में ज़ख्मों को दिल मे पालते रहना, तबाही का ही रस्ता है यूँ शोलों पर खड़े रहना।न जाने कौन से पल में कलम गिर जाए हाथों से,मगर तुम आखिरी पल तक ग़ज़ल के सामने रहना।जहाँ पर शाम ढलती है वहाँ पर देखकर सोचा, मेरी यादों में रहकर तुम यूँ ही मेरे बने रहना।वो आएं या न आएं ये तो उनकी मर्जी है लेकिन, मुहब्बत की है तो बस रास्ते को देखते रहना।किसी सूरत भी मेरा दिल बहल सकता नहीं फिर भी, तकल्लुफ का तकाज़ा है तबीअत पूछते रहना।लगाकर आग तुम खुश हो रहे हो जिस बगीचे में, उसी की राख में तुम उम्र भर तन्हा…See More
Mar 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post ग़ज़ल मनोज अहसास
"आ. भाई मनोज जी, अच्छी गजल हुई है । हार्दिक बधाई । आ. भाई समर जी की बातों का संज्ञान लें ..."
Mar 4
Samar kabeer commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post ग़ज़ल मनोज अहसास
"जनाब मनोज अहसास जी आदाब, ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । 'कोई अपनी मंजिल पर तन्हा खड़ा है,कोई जिंदगी के भंवर में फंसा है' इस मिसरे में 'पर' को "पे" कर लें,मिसरा बह्र से ख़ारिज हो रहा है । तेरा सबसे मिलना वो…"
Mar 3
Manoj kumar Ahsaas posted a blog post

ग़ज़ल मनोज अहसास

122×8मेरे साथ कोई ज़रा मुस्कुरा ले,कलेजा बहुत भारी होने लगा है।ये जीवन का रस्ता वहाँ आ गया है,जहाँ हर किसी को मुझी से गिला है।वो बचपन के साथी जो खाते थे कसमें,रहेंगे सदा साथ जीवन डगर में।कोई अपनी मंजिल पर तन्हा खड़ा है,कोई जिंदगी के भंवर में फंसा है।जो पाए हैं तुझको खुदी को मिटा कर,वो पैगाम ए उल्फत ही देकर गए पर,तेरा सबसे मिलना वो चेहरे बदल कर,जमाने में झगड़े का जरिया बना है।मुलाकात का कोई वादा नहीं है,मगर मेरी उम्मीद मिट जाए कैसे,हमें भी यकीनन मिलेंगे कभी वो,तलबगारों को तो खुदा भी मिला है।फसाना…See More
Mar 2

Profile Information

Gender
Male
City State
saharanpur uttarpradesh
Native Place
India
Profession
Teaching
About me
Gazal sikhna chhahta hu

Manoj kumar Ahsaas's Blog

ग़ज़ल मनोज अहसास

1222   1222   122

यूँ तुझपे हक़ मेरा कुछ भी नहीं है

मगर दिल भूलता कुछ भी नहीं है

तेरी बातें भी सारी याद है पर

कहा तेरा हुआ कुछ भी नहीं है

तेरी आंखों में है गर कोई मंजिल

तो फिर ये रास्ता कुछ भी नहीं है

ग़ज़ल अपनी कलम से खुद ही निकली

तसल्ली से लिखा कुछ भी नहीं है

मेरा अफसाना जो तुम पढ़ रहे हो

ये कुछ लायक है या कुछ भी नहीं है

नज़र जिसमें तेरी…

Continue

Posted on April 4, 2020 at 12:30am

ग़ज़ल मनोज अहसास

2122   2122     2122    212

तोड़ने से पहले मुझको आजमा कर देख ले

अपने घर के एक कोने में सजा कर देख ले

आज भी ज़िंदा है दुनिया में वफ़ा की रोशनी

अपने आंगन में कोई पौधा लगाकर देख ले

कोई अक्षर तुझको मिल जाएगा मेरे नाम का

अपने हाथों की लकीरों को मिला कर देख ले

हौसला करने से मिल ही जाता है सब कुछ यहाँ

वक़्त की भट्टी में बस खुद को तपा कर देख ले

सबसे बढ़कर खूबसूरत कैसे हैं तेरी हया

आइने को आंखों में काजल सजाकर देख…

Continue

Posted on March 31, 2020 at 12:31am — 6 Comments

ग़ज़ल मनोज अहसास

कैसा हाहाकार मचा है मालिक करुणा बरसाओ

सन्नाटा खुद चीख रहा है मालिक करुणा बरसाओ

भूख, गरीबी, लाचारी से पहले ही आतंकित थे

एक नया तूफान उठा है मालिक करुणा बरसाओ

वादा तुमने किया था सबसे भीड़ पड़ी तो आओगे

खतरे में फिर मानवता है मालिक करुणा बरसाओ

कौन सुनेगा टेर हमारी बिना तुम्हारे ओ पालक

बेबस मानव कांप गया है मालिक करुणा बरसाओ

तुमने साथ दिया न तो फिर किसके दर पर जाएंगे

सबके मन मे व्याकुलता है मालिक करुणा…

Continue

Posted on March 30, 2020 at 10:19pm — 1 Comment

ग़ज़ल मनोज अहसास

1222×4

किसी की याद में ज़ख्मों को दिल मे पालते रहना,

तबाही का ही रस्ता है यूँ शोलों पर खड़े रहना।

न जाने कौन से पल में कलम गिर जाए हाथों से,

मगर तुम आखिरी पल तक ग़ज़ल के सामने रहना।

जहाँ पर शाम ढलती है वहाँ पर देखकर सोचा,

मेरी यादों में रहकर तुम यूँ ही मेरे बने रहना।

वो आएं या न आएं ये तो उनकी मर्जी है लेकिन,

मुहब्बत की है तो बस रास्ते को देखते रहना।

किसी सूरत भी मेरा दिल बहल सकता नहीं फिर…

Continue

Posted on March 4, 2020 at 11:00pm — 1 Comment

Comment Wall (10 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 9:21pm on October 23, 2015, BAIJNATH SHARMA'MINTU' said…

शुक्रिया मनोज जी |

At 3:57pm on July 28, 2015, Rahul Dangi Panchal said…
बहुत बहुत स्वागत आदरणीय मनोज भाई जी
At 3:13pm on July 3, 2015, Rajat rohilla said…
धन्यवाद मनोज जी
At 11:40pm on July 1, 2015, Sandeep Kumar said…

आपका हार्दिक आभार :)

At 3:51pm on June 29, 2015, pratibha pande said…

 आभार 

At 11:10am on June 18, 2015, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

आ० मनोज जी

सर्वश्रेष्ठ लेखन कभी भी आसान नहीं होता . आपको इस सम्मान के लिये मेरी और  से बधाई . सादर .

At 10:37pm on June 17, 2015,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय मनोज कुमार एहसास जी.
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी रचना "मेरी बेटी" को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित किया गया है, तथा आप की छाया चित्र को ओ बी ओ मुख्य पृष्ठ पर स्थान दिया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |
आपको प्रसस्ति पत्र शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस निमित कृपया आप अपना पत्राचार का पता व फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |
शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक 
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 10:02am on May 28, 2015, जितेन्द्र पस्टारिया said…

आपकी मित्रता का ह्रदय से स्वागत है आदरणीय मनोज जी
सादर!

At 11:15am on April 30, 2015, SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR said…

जिंदगी की कशमकश  व्यक्त करती अच्छी गजल। प्रयास अच्छा है

जय  श्री राधे
भ्रमर ५

At 9:03pm on April 14, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…
आपका ओबीओ परिवार में हार्दिक स्वागत है !
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on Samar kabeer's blog post "ओबीओ की सालगिरह का तुहफ़ा"
"आदरणीय समर कबीर साहेब एवं समस्त एडमिन्स को बहुत बहुत बधाई | निःसन्देह  ओ बी ओ नए लोगों के…"
7 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' posted blog posts
8 hours ago
Salik Ganvir posted a blog post

एक ग़ज़ल

आज आंखें नम हुई तो क्या हुआरो न पाए हम कभी अर्सा हुआआपबीती क्या सुनाऊंगा उसेआज भी तो है गला बैठा…See More
10 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post ग़रीब हूँ मैं मगर शौक इक नवाबी है(८०)
"आपने रचना को सराहा। आपके स्नेह के लिए अंतस्थल से आभारी हूँ। सादर नमन भाई Sushil Sarna जी…"
10 hours ago
अमीरुद्दीन खा़न "अमीर " posted a blog post

ग़ज़ल (अन्दाज़ ए नज़र )

रौशनी दिल में नहीं हो तो ख़तर बनता है,आग सीने में लगी  हो तो शरर  बनता है।जिसको ढाला न गया हो किसी…See More
11 hours ago
Sushil Sarna commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post ग़रीब हूँ मैं मगर शौक इक नवाबी है(८०)
"वाह क्या शे'र है सर..... गज़ब की अदायगी है। .... खूबसूरत अहसासों के खूबसूरत अशआर ... दिल से…"
14 hours ago
Sushil Sarna commented on vijay nikore's blog post मृदु-भाव
"बहुत सुंदर आदरणीय विजय निकोर जी, अंतर् भावों को शब्दों के परिधान से सुसज्जित कर उसे ऐसे पेश करना…"
14 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post मीठे दोहे :
"आदरणीय rajesh kumari  जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार। "
14 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on Sushil Sarna's blog post मीठे दोहे :
"बहुत सुन्दर मौलिक दोहे एक सार्थक संदेश देते हुए । हार्दिक बधाई आदरणीय "
19 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"ओबीओ परिवार के सभी सदस्यों को ओबीओ की 10 वीं सालगिरह की ढेरों बधाई और शुभकामनाएँ ...."
19 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"अपने ओबीओ परिवार के सभी सदस्यों को ओबीओ की 10 वीं सालगिरह की ढेरों बधाई और शुभकामनाएँ ...."
19 hours ago
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post गजल(शोर हवाओं....)
"आभार आदरणीय।"
yesterday

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service