For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

SALIM RAZA REWA's Blog – November 2017 Archive (9)

तेरे प्यार में दिल को बेक़रार करते हैं - सलीम रज़ा रीवा

212 1222 212 1222

तेरे प्यार में दिल को बेक़रार करते हैं

रात - रात भर तेरा इंतज़ार करते हैं

-

तुमको प्यार करते थे तुमको प्यार करते हैं

जाँ निसार करते थे जाँ निसार करते हैं

-

ख़ुश रहे हमेशा तू हर ख़ुशी मुबारक हो

ये दुआ खुदा से हम बार - बार करते हैं

-

उँगलियाँ उठाते हैं लोग दोस्तों पर भी

हम तो दुश्मनों पर भी ऐतबार करते हैं

-

वादा उसका सच्चा है लौट के वो आएगा

इस उमीद पर अब भी इंतज़ार करते…

Continue

Added by SALIM RAZA REWA on November 22, 2017 at 8:30am — 6 Comments

छोड़कर दर तेरा हम किधर जाएँगे - सलीम रज़ा रीवा

212 212 212 212

छोड़कर दर तेरा हम किधर जाएँगे

बिन तेरे आह भर-भर के मर जाएँगे

 -

चाँद भी देख कर उनको शरमाएगा 

मेरे महबूब जिस दम संवर…

Continue

Added by SALIM RAZA REWA on November 20, 2017 at 10:00am — 15 Comments

चांद का टुकड़ा है या कोई परी या हूर है - सलीम रज़ा रीवा

2122 2122 2122 212

चांद  का टुकड़ा है या कोई  परी या हूर है 

उसके चहरे पे चमकता हर घड़ी इक नूर है

-

हुस्न पर तो नाज़ उसको ख़ूब था पहले से ही …

Continue

Added by SALIM RAZA REWA on November 17, 2017 at 10:30am — 14 Comments

सबसे छोटा क़ाफ़िया और सबसे बड़ी रदीफ़ पर एक और ग़ज़ल - सलीम रज़ा रीवा



212 212 212 212, 212 212 212 212

-

जब तुम्हारी महब्बत में खो जाएंगे बिगड़ी क़िस्मत भी इक दिन संवर जाएगी /

लब तुम्हारी महब्बत में खो…

Continue

Added by SALIM RAZA REWA on November 15, 2017 at 9:00am — 21 Comments

मुझसे रूठा है कोई उसको मनाना होगा - सलीम रज़ा रीवा

2122 1122 1122 22 

-

मुझसे रूठा है कोई उसको मनाना होगा

भूल कर शिकवे-गिले दिल से लगाना होगा   

-

जिन चराग़ों से ज़माने में उजाला फैले 

उन चराग़ों को हवाओ से बचाना…

Continue

Added by SALIM RAZA REWA on November 13, 2017 at 11:00am — 24 Comments

हरेक ज़ुल्म गुनाह-ओ- ख़ता से डरते हैं - सलीम रज़ा रीवा ( ग़ज़ल )

  • 1212 1122 1212 22

    -

    हरेक ज़ुल्‍म गुनाह-ओ- ख़ता से डरते हैं.

    जिन्हे है ख़ौफ़-ए-ख़ुदा वो ख़ुदा से डरते हैं 

    -

    न…
Continue

Added by SALIM RAZA REWA on November 12, 2017 at 10:00am — 28 Comments

नाराज़गी है कैसी भला ज़िन्दगी के  साथ - सलीम रज़ा रीवा

221 2121 1221 212

-

नाराज़गी है कैसी भला ज़िन्दगी के  साथ.

रहते हैं ग़म हमेशा ही यारों खुशी के साथ

-

नाज़-ओ-अदा के साथ कभी बे-रुख़ी के साथ.

दिल में उतर  गया वो बड़ी सादगी के साथ

-

माना कि लोग जीते हैं हर पल खुशी के साथ.

शामिल है जिंदगी में मगर ग़म सभी के साथ

-

आएगा मुश्किलों में भी जीने का फ़न तुझे.

कूछ दिन गुज़ार ले तू मेरी जिंदगी के साथ

-

ख़ून-ए- जिगर निचोड़ के रखते हैं शेर में.

यूँ ही नहीं है  प्यार हमें   शायरी के…

Continue

Added by SALIM RAZA REWA on November 8, 2017 at 3:30pm — 16 Comments

जैसे चमन को फूल कली ताज़गी मिले - सलीम रज़ा रीवा

-221 2121 1221 212

जैसे चमन को फूल कली ताज़गी मिले-

वैसे ही जिंदगी तुम्हें महकी हुई मिले  



ये है दुआ तुम्हारा मुकद्दर  बुलंद …

Continue

Added by SALIM RAZA REWA on November 6, 2017 at 11:00am — 8 Comments

जिधर देखो उधर मेहनत कशों की - सलीम रज़ा रीवा

1222 1222 1222 1222

-

जिधर देखो उधर मिहनत  कशों की ऐसी हालत है-

ग़रीबों  की  जमा अत पर अमीरों की क़यादत…

Continue

Added by SALIM RAZA REWA on November 1, 2017 at 9:30am — 15 Comments

Monthly Archives

2023

2019

2018

2017

2015

2014

2013

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale posted a blog post

हरिगीतिका छंद

  हरि नाम लो हरि नाम लो हरि, नाम लो  हरि नाम लो।यह नाम  ही  है  सत्य  मानव,  भोर लो नित शाम…See More
2 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर,  चौपाइयों की इस प्रस्तुति पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हृदय से…"
5 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत चौपाइयों की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार. जी !…"
5 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक - - - - शोखी

दोहा पंचक. . . . . शोखीशोख उमर की शोखियाँ, चंचल दृग संकेत ।भीगा यौवन मद भरा, दिल को करे अचेत…See More
Tuesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय अशोक भाईजी, वर्षा ऋतु, विशेषकर सावन मास, के नम क्षणों का रागात्मक वर्णन रोचक बन पड़ा है.…"
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आ. भाई अशोक जी, सादर अभिवादन। पावस पर सुंदर चौपाइयों की रचना हुई है। हार्दिक बधाई।"
Jul 18
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

चौपाइयाँ

दोहाबरखा के बढ़ते क़दम, आये  हैं  अब पास।दूर नहीं है साजना, सुरभित सावन मास।। चौपाईवह फुहार वह साथ…See More
Jul 14
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"  आदरणीय चेतन प्रकाश साहब सादर नमस्कार, यही तो मुख्य है विषय है इस रचना का. नदी नहीं उफ़नाई है.…"
Jul 14
Chetan Prakash commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय,  अशोक  रक्ताले साहब, नमस्कार  !  लेकिन  यह कैसी "रिमझिम…"
Jul 14
Profile IconShyamsundar Chatterjee , Alamseti ajita kumar and Dr. Mohd Israr joined Open Books Online
Jul 14
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत रचना की सारगर्भित समीक्षा कर आपने मेरे सृजन कार्य को सार्थकता…"
Jul 11
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"परम आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम - सर सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार…"
Jul 10

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service