For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

बसंत कुमार शर्मा
  • Male
  • जबलपुर, मध्यप्रदेश
  • India
Share

बसंत कुमार शर्मा's Friends

  • santosh khirwadkar
  • रोहित डोबरियाल "मल्हार"
  • Prakash Chandra Baranwal
  • Samar kabeer
  • C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi"

बसंत कुमार शर्मा's Groups

 

बसंत कुमार शर्मा's Page

Latest Activity

बसंत कुमार शर्मा posted a blog post

हो गए - ग़ज़ल

मापनी २१२*4 चाहते हम नहीं थे मगर हो गएप्यार में जून की दोपहर हो गए हर कहानी खुशी की भुला दी गईदर्द के सारे किस्से अमर हो गए खो गए आपके प्यार में इस कदरसारी दुनिया से हम बेखबर हो गए प्रेम के यज्ञ में हो गया सब हवनमंत्र जो थे सभी बेअसर हो गए जो कभी थे बड़े खूबसूरत महलदेखते देखते खंडहर हो गए कह दिया आपने जो हुआ सो हुआआँसुओं से नयन तरबतर हो गएसुर्ख़ियों में रहे रोज अख़बार की  वक़्त के साथ बासी खबर हो गए"मौलिक एवं अप्रकाशित" See More
Monday
बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post आदमी - ग़ज़ल
"आदरणीय   vijay nikore जी सादर नमस्कार, आपकी हौसला अफजाई के लिए हृदय से आभार "
May 30
बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post आदमी - ग़ज़ल
"आदरणीय  Hardam Singh Maan जी सादर नमस्कार, आपकी हौसला अफजाई के लिए हृदय से आभार "
May 30
बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post आदमी - ग़ज़ल
"आदरणीय   dandpani nahak जी सादर नमस्कार, आपकी हौसला अफजाई के लिए हृदय से आभार "
May 30
बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post आदमी - ग़ज़ल
"आदरणीय   Anamika singh Ana जी सादर नमस्कार, आपकी हौसला अफजाई के लिए हृदय से आभार "
May 30
बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post आदमी - ग़ज़ल
"आदरणीय  लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी सादर नमस्कार, आपकी हौसला अफजाई के लिए हृदय से आभार "
May 30
vijay nikore commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post आदमी - ग़ज़ल
"गज़ल अच्छी लगी। बधाई, मित्र बसंत कुमार जी।"
May 30
Hardam Singh Maan commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post आदमी - ग़ज़ल
"बहुत खूब"
May 26
dandpani nahak commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post आदमी - ग़ज़ल
"जब मिला आदमी में मिला आदमी वाह क्या कहने भुत उम्दा! आदरणीय बसंत कुमार शर्मा जी"
May 26
Anamika singh Ana commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post आदमी - ग़ज़ल
"वाह ! उम्दा ग़ज़ल हेतु  सादर बधाई  ।"
May 25
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post आदमी - ग़ज़ल
"आ. भाई बसंत जी, सुंदर गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
May 25
बसंत कुमार शर्मा posted a blog post

आदमी - ग़ज़ल

है कहाँ फूल जैसा खिला आदमीहो गया है ग़मों का किला आदमी मंदिरों, मस्जिदों में रहे ढूँढते  जब मिला आदमी में मिला आदमी गाँठ दिल में लगी तो खुली ही नहींभूल पाया न शिकवा-गिला आदमी भीड़ में जब गया भीड़ का हो गयाबन गया आजकल काफ़िला आदमी दौड़ कर मिल रहा था गले कल तलकतख्त पाकर कहाँ फिर हिला आदमी सुर्ख़ियों में रहा गुम गया एक दिनएक चलता हुआ सिलसिला आदमी"मौलिक एवं अप्रकाशित"See More
May 24
बसंत कुमार शर्मा commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सजती चुनाव में यहाँ जब तस्तरी बहुत - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आदरणीय लक्षण धामी साहब -सादर नमस्कार , काफियों में नवीनता और उनका सटीक निर्वाह, आनंद आ गया , बधाई हो आपको  "
Apr 30
बसंत कुमार शर्मा commented on SALIM RAZA REWA's blog post अपनी ज़ुल्फों को धो रही है शब - सलीम रज़ा रीवा
"आदरणीय सलीम जी को सादर नमस्कार, बहुत बढ़िया ग़ज़ल हुई, बधाई आपको "
Apr 30
Hariom Shrivastava commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post सभी कुछ बता दिया - ग़ज़ल
"वाह,वाहह,लाजवाब ग़ज़ल। सभी अशआर अतिसुंदर।"
Apr 28
बसंत कुमार शर्मा posted a blog post

सभी कुछ बता दिया - ग़ज़ल

मापनी २२१२ १२१ १२२ १२१२ हमने रखा न राज़ सभी कुछ बता दियाखिड़की से आज उसने भी परदा हटा दिया बंजर जमीन दिल की’ हुई अब हरी-भरीसींचा है उसने प्रेम से’ गुलशन बना दिया जज्बात मेरे’ दिल के’ मचलते चले गएलहरा के उसने हाथ दुपट्टा उड़ा दिया घिरने लगा अँधेरा’ जो’ दिल के मकान मेंहमने तुम्हारी याद का दीपक जला दिया यूँ तो बड़ा कठिन था मुहब्बत का रास्ताहमराह हो के आपने आसां बना दिया"मौलिक एवं अप्रकाशित"See More
Apr 23

Profile Information

Gender
Male
City State
जबलपुर (मध्यप्रदेश)
Native Place
धौलपुर
Profession
भारतीय रेल यातायात सेवा
About me
बोन्साई एवं कविता लेखन में रूचि

बसंत कुमार शर्मा's Blog

हो गए - ग़ज़ल

मापनी २१२*4 

चाहते हम नहीं थे मगर हो गए

प्यार में जून की दोपहर हो गए

 

हर कहानी खुशी की भुला दी गई

दर्द के सारे किस्से अमर हो गए

 

खो गए आपके प्यार में इस कदर

सारी दुनिया से हम बेखबर हो…

Continue

Posted on June 17, 2019 at 11:56am

आदमी - ग़ज़ल

है कहाँ फूल जैसा खिला आदमी

हो गया है ग़मों का किला आदमी

 

मंदिरों, मस्जिदों में रहे ढूँढते  

जब मिला आदमी में मिला आदमी

 

गाँठ दिल में लगी तो खुली ही नहीं

भूल पाया न शिकवा-गिला आदमी

 …

Continue

Posted on May 24, 2019 at 10:07am — 10 Comments

सभी कुछ बता दिया - ग़ज़ल

मापनी २२१२ १२१ १२२ १२१२ 

हमने रखा न राज़ सभी कुछ बता दिया

खिड़की से आज उसने भी परदा हटा दिया

 

बंजर जमीन दिल की’ हुई अब हरी-भरी

सींचा है उसने प्रेम से’ गुलशन बना दिया

 

जज्बात मेरे’ दिल के’ मचलते चले…

Continue

Posted on April 19, 2019 at 9:00pm — 3 Comments

पलकों पे ठहर जाता है - ग़ज़ल

मापनी - 2122, 1122,1122, 22(112)

 

दूर साहिल हो भले, पार उतर जाता है

इश्क में जब भी कोई हद से गुज़र जाता है

 

है तो मुश्किल यहाँ तकदीर बदलना लेकिन    

माँ दुआ दे तो मुकद्दर भी सँवर जाता है  

 

हमसफ़र साथ रहे कोई…

Continue

Posted on April 15, 2019 at 9:30am — 6 Comments

Comment Wall (1 comment)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 2:23pm on September 28, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

|

|

|

|

|

|

|

|

आप अपनी मौलिक व अप्रकाशित रचनाएँ यहाँ पोस्ट (क्लिक करें) कर सकते है.

और अधिक जानकारी के लिए कृपया नियम अवश्य देखें.

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतुयहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

 

ओबीओ पर प्रतिमाह आयोजित होने वाले लाइव महोत्सवछंदोत्सवतरही मुशायरा वलघुकथा गोष्ठी में आप सहभागिता निभाएंगे तो हमें ख़ुशी होगी. इस सन्देश को पढने के लिए आपका धन्यवाद.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post ताप संताप दोहे :
"खूब सुन्दर दोहावली सर "
29 minutes ago
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post कर्म आधारित दोहे :
"खूब सुन्दर दोहावली सर "
30 minutes ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post कर्म आधारित दोहे :
"परम आदरणीय सौरभ पांडेय जी , सादर प्रणाम .... सृजन की आत्मीय प्रशंसा के लिए आपका हार्दिक आभार। मेरी…"
2 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post कर्म आधारित दोहे :
"आदरणीय जी सृजन पर आपकी मन मुदित करती प्रशंसा का दिल से आभार। आदरणीय जी सृजन आपकी स्नेहिल उपस्थिति…"
2 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post कर्म आधारित दोहे :
"आदरणीय सुशील जी, कर्म आधारित इन दोहोंं के लिए हार्दिक बधाइयाँ ..  अपने अपने नीड़ की, अपनी…"
3 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on बृजेश नीरज's blog post धारा
"सिक्का अगर खोटा हो तो उसके दोनों पहलू खोटे होते हैं. इस बात की तस्दीक करती इस रचना के लिए हार्दिक…"
4 hours ago
Sushil Sarna posted blog posts
5 hours ago
नयना(आरती)कानिटकर posted a blog post

मैं और मेरा मन

पहन रखा हैं  मैने गले में, एकगुलाबी चमक युक्त बडा सा मोती जिसकी आभा से दमकता हैं       मेरा…See More
9 hours ago
Naveen Mani Tripathi posted a blog post

ग़ज़ल

2122 2122 212हुस्न का बेहतर नज़ारा चाहिए ।कुछ तो जीने का सहारा चाहिए ।।हो मुहब्बत का यहां पर श्री…See More
yesterday
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post किस तरह होते फ़ना प्यार निभाने के लिए (४६ )
"vijay nikore साहेब बहुत बहुत शुक्रिया हौसला आफजाई के लिए | "
Tuesday
Pradeep Devisharan Bhatt posted a blog post

-ट्विंकल ट्विंकल लिट्ल स्टार-

ट्विंकल ट्विंकल लिट्ल स्टारबंद करो ये अत्याचारनज़रो में वहशत है पसरीजीना बच्चों का दुश्वारशहर नया हर…See More
Tuesday
Sushil Sarna posted a blog post

औरत.....

औरत.....जाने कितने चेहरे रखती है मुस्कराहट थक गई है दर्द के पैबंद सीते सीते ज़िंदगी हर रात कोई…See More
Tuesday

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service