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Mohammed Arif
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"ओबीओ परिवार के समस्त क़लमकर्मियों को जश्न-ए-आज़ादी की 72 वीं सालगिरह की दिली मुबारकबाद ।"
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Mohammed Arif commented on SudhenduOjha's blog post कैसे-कैसे सवालों का जवाब है जिंदगी कांटों के साथ-साथ गुलाब है जिंदगी
"आदरणीय सुधेंदु ओझा जी आदाब,                      ज़िंदगी को केंद्र में रखकर रची गई बेहतरीन रचना के लिए हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
yesterday
Mohammed Arif commented on Sushil Sarna's blog post गोधूलि की बेला में (लघु रचना ) ....
"आदरणीय सुशील सरना जी आदाब,                             बहुत ही सुंदर और पावन अनुभूति । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
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Mohammed Arif commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - रफ़्ता रफ़्ता अपनी मंज़िल से जुदा होते गए
"आदरणीय नीलेश जी आदाब,                         बहुत ही नायाब ग़ज़ल । शे'र दर शे'र दाद के साथ दिली मुबारकबाद क़ुबूल करें ।"
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Mohammed Arif commented on Harihar Jha's blog post झूमता सावन
"आदरणीय हरीहर जी आदाब,                       सावन की मस्ती में डूबी बहुत बेहतरीन कविता । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
Sunday
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-94
"आदरणीया उषा आवस्थी जी आदाब,                          प्रदत्त विषय पर अच्छा गीत । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
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Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-94
"आदरणीय अशोक रक्ताले जी आदाब,                        प्रदत्त विषय पर बहुत ही लाजवाब चौपाई छंद के माध्यम से चित्रण । जीतनी भी प्रशंसा की जाय कम है । हार्दिक बधाई स्वीकार करेंं ।"
Saturday
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-94
"हार्दिक आभार आदरणीय अशोक रक्ताले जी ।"
Saturday
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-94
"हार्दिक आभार आदरणीय लक्ष्मण धामी जी ।"
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Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-94
"हार्दिक आभार आदरणीय अरुण कुमार जी ।"
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Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-94
"आदरणीय शेख शहज़ाद उस्मानी जी आदाब,                         राजनैतिक व्यंग्य को आधार बनाकर बहुत बेहतरीन कविता की सौग़ात । हार्दिक बधाई.स्वीकार करें ।"
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Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-94
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण जी आदाब,                        प्रदत्त विषय पर बहुत ही सशक्त चौपाइयांँ छंद । बहुत दिनों के बाद मुझे चौपाई छंद पढ़ने को मिला । चौपाई छंद मुझे बहुत पसंद है । हार्दिक बधाई…"
Saturday
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-94
"आदरणीय सतीश मापतपुरी जी आदाब,                                    बेहतरीन रचना । प्रदत्त विषयांतर्गत । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
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Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-94
"बहुत-बहुत शुक्रिया आदरणीय शेख शहज़ाद उस्मानी जी ।"
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Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-94
"हार्दिक आभार आदरणीय अजय गुप्ता जी ।"
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Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-94
"हार्दिक आभार आदरणीय विनय कुमार जी ।"
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बारिश की क्षणिकाएँ



(1) बूँदें नहीं

चाँदी के सिक्के गिरते हैं

बादलों की झोली से

और धरती लूट लेती है ।

*******

(2) वर्षा कुबेर

दोनों हाथों से लुटाता है

वर्षा -धन

नदियाँ, सरोवर और तालाब

लूटकर संग्रहित कर लेते हैं ।

*******

(3) बारिश की आत्मकथा

साल भर लिखते रहते हैं

पेड़-पौधे और हरियाली ।

*******

(4) बारिश की बूँदें

नई धुनें

तैयार करने लगती है

राग-मल्हार के लिए ।

*******

(5) बारिश का

अहसास कब होता है ?

जब…

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Posted on July 17, 2018 at 8:36am — 27 Comments

बारिश के हाइकु



(1) ख़त्म तपन

हरा हुआ चमन

मचले मन ।

******

(2) भीगी है रात

बादलों की बारात

हो मुलाक़ात ।

******

(3) खेत-मैदान

हरियाली मचले

जीवन चले ।

******

(4) कहीं बरसे

मन मौजी बादल

धरा को बल ।

******

(5) नदियों में है

लहरों का यौवन

जल का धन ।

******

(6) घर-आँगन

जल की मनमानी

जीने की ठानी ।

******

(7)ककड़ी-भुट्टे

मन को ललचाते

सबको भाते ।

*******

(8) बूँदें…

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Posted on July 4, 2018 at 8:54am — 21 Comments

ग़ज़ल बह्र फेलुन×5+फा



शैतानों की देखो दावत करता है

पापी है पर जन्नत जन्नत करता है ।

*******

कोई तुझे न देखे अच्छी नज़रों से

क्यों तू ऐसी वैसी हरकत करता है ।

*******

क्या होता है हाथों की रेखाओं में

मिहनत कर क्यों क़िस्मत क़िस्मत करता है ।

*******

काली काली बदली जब भी छाये तो

दहक़ाँ फिर बारिश की हसरत करता है ।

********

भेद नहीं है कोई उसकी नज़रों में

फिर क्यों तू औरों से नफ़रत करता है ।

*******

अता किया सबकुछ क़ुदरत ने उसको पर

वो तो…

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Posted on July 1, 2018 at 4:22pm — 14 Comments

कविता---बेबस क़लम और हम

क़लम लाचार है

विरोध की तेज़ धार है

घोषणाएँ जारी हैं

ग़रीब का भूखा पेट भी आभारी है

झोंपड़ियों के ऐब सारे ढँक गए

ग़रीब के घर बेबसी की बीमारी है

संसद में भूख का आँकड़ा गरमा रहा है

रहनुमा विकास का तराना गुनगुना रहा है

धर्म के ठेकेदारों की दबंगई है

ईमान की बोली सस्ती लगी है

दहशत में सबकुछ फलफूल रहा है

मदारी ख़ुद झूठ के बाँस पर चल रहा है

बहुत तरक़्की हो चुकी है

चैन की बाँसुरी भी सुर खो चुकी है

सरकार का चरित्र साफ़-साफ़ नज़र आ रहा है…

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Posted on June 26, 2018 at 8:30am — 17 Comments

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At 8:39pm on March 22, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीय आरिफ़ मोहम्मद साहब प्रणाम
बहुत शुक्रिया
आपकी सलाह पर तुरंत अमल होगा
At 8:57am on March 6, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीय आरिफ़ सर
आपको कविता अच्छी लगी मेरा लिखना सार्थक हुआ बहुत शुक्रिया
At 2:08pm on January 18, 2018, dandpani nahak said…
जनाब मोहम्मद आरिफ़ जी आदाब
शुक्रगुज़ार हूँ की आपको मेरी ग़ज़ल पसंद आई और गुणी जनों की राय जानने को बेक़रार भी हूँ आशा है गुणीजन मेरी गलतियों को बताएं ताकि मैं आगे सुधर कर सकूँ! आपका बहुत शुक्रिया
At 5:05pm on January 10, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीय जनाब मोहम्मद आरिफ साहब आदाब ,नमस्कार
ये मेरा परम सौभाग्य की मेरी पहली ही रचना हेतु आपने अपना बहुमूल्य समय निकाला,पढ़ा और सराहा .निश्चित ही मुझमें अभी बहुत कमियाँ हैं आशा करता हूँ आप जैसे गुणीजनों के सानिध्य में कुछ सीख सकूँगा
बहुत बहुत शुक्रिया तथा देरी के लिए माफ़ी चाहता हूँ
At 10:54am on January 2, 2017, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीय आरिफ जी ..आपके मित्रों की श्रेणी में खुद को पाकर मैं सुखद अनुभव कर रहा हूँ ..सादर 

At 4:59pm on August 30, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

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