For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Mohammed Arif
Share

Mohammed Arif's Friends

  • Dr Ashutosh Mishra

Mohammed Arif's Groups

 

Mohammed Arif's Page

Latest Activity

Mohammed Arif commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post रोशनी में सिसकियां (लघुकथा) /शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"आदरणीय शेख शहज़ाद उस्मानी जी आदाब, बेहतरीन प्रतीकात्मक लघुकथा का प्रयास । आपने इससे पहले भी प्रजातंत्र के स्तंभों को आधार बनाते लघुकथाएँ लिखीं है । विषय और बेहतर हो सकता था । बधाई स्वीकार करें ।"
Sep 12
Mohammed Arif commented on BS Gauniya's blog post वो तुम थी....
"प्रिय बीएस गौनिया जी आदाब, अच्छी रचना । हार्दिक बधाई स्वीकार करें । गुणीजनों की बातों का संज्ञान लें ।"
Sep 12
Mohammed Arif commented on ARUNESH KUMAR 'Arun''s blog post कविता - भावी गान
"आदरणीय अरुणेश जी आदाब, अच्छी प्रस्तुति । बधाई स्वीकार करें । गुणीजनों की बातों का संज्ञान लें ।"
Sep 12
Mohammed Arif commented on Rahila's blog post *अनुवांशिक गुण*(लघुकथा)राहिला
"आदरणीया राहिला जी आदाब, अच्छी लघुकथा । बधाई स्वीकार करें तथा गुणीजनों की बातों पर गौर करें ।"
Sep 12
Mohammed Arif commented on Sweet Panday's blog post कविता कपुतली
"प्रिय स्वीट पांडे जी आदाब, टहली बार आपकी रचना से संवाद स्थापित कर रहा हूँ । अच्छी संभावना है आपमें में । जैसा आपने नारी का चित्रण किया आज की नारी वैसी है नहीं । वह अब कठपुतली नहीं रही । वह सक्षम है, सबल है । हर क्षेत्र में अपना वर्चस्व स्थापित कर…"
Sep 12
Mohammed Arif commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post हाँ, तुमने प्यार सिखाया था:-मोहित मुक्त
"प्रिय मोहित जी आदाब, प्रेम के रंग में सराबौर बेहतरीन रचना । इस हेतु हार्दक बधाई स्वीकार करें । कठिन शब्दों से बचर भी आप अपने पनी बात सरलता से कह सकते हैं ।"
Sep 12
Mohammed Arif commented on Mohammed Arif's blog post ग़ज़ल (बह्र-22/22/22/22)
"डहुत-बहुत से भार आदरणीय महेंद्र कुमार जी ।"
Sep 11
Mahendra Kumar commented on Mohammed Arif's blog post ग़ज़ल (बह्र-22/22/22/22)
"अच्छी ग़ज़ल है आ. मोहम्मद आरिफ़ जी. हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए. सादर."
Sep 10
Mohammed Arif commented on santosh khirwadkar's blog post मिरा दिल ये कैसे ....संतोष
"आदरणीय सलीम रज़ा साहब आदाब, बह्रे मीर में बहुत अच्छे अश'आर उकेरे हैं आपने । हर शे'र लाजवाब । दिली मुबारकबाद क़ुबूल कीजिए । बाक़ी गुणीजन अपनी राय देंगे ।"
Sep 10
Mohammed Arif commented on santosh khirwadkar's blog post मिरा दिल ये कैसे ....संतोष
"आदरणीय संतोष खिरड़वरकर जी आदाब, बहुत ही बेहतरीन ग़ज़ल । शे'र दर शे'र शे'र दाद के साथ मुबारकबाद क़ुबूल कीजिए । आपने ग़ज़ल के अर्कान नहीं लिखे हैं । बाक़ी गुणीजन अपनी राय देंगे ।"
Sep 10
Mohammed Arif commented on Naveen Mani Tripathi's blog post सियाह ज़ुल्फ़ के साये में शाम हो जाये
"आदरणीय नवीन मणि त्रिपाठी जी आदाब, बहुत प्यारी ग़ज़ल । शे'र दर शे'र दाद के साथ मुबारकबाद क़ुबूल कीजिए । बाक़ी गुणीजन अपनी राय देंगे ।"
Sep 10
Mohammed Arif commented on डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव's blog post मेघदूत (उत्तर मेघ) के ४३ एवं ४४ वें छंद का काव्यानुवाद
"आदरणीय गोपाल नारायण जी आदाब, बहुत ही बेहतरीन काव्यानुवाद । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
Sep 10
Mohammed Arif commented on Manan Kumar singh's blog post गजल(तंज कसे...)
"आदरणीय मनन कुमार सिंह जी आदाब, चीन को केंद्र में रखकर बहुत ही बेहतरीन ग़ज़ल कही है आपने । इस हेतु दिली मुबारकबाद क़ुबूल कीजिए । बाक़ी गुणीजन अपनी राय देंगे ।"
Sep 10
Mohammed Arif commented on Mohammed Arif's blog post ग़ज़ल (बह्र-22/22/22/22)
"बहुत-बहुत आभार आदरणीय मुकेश जी ।"
Sep 10
MUKESH SRIVASTAVA commented on Mohammed Arif's blog post ग़ज़ल (बह्र-22/22/22/22)
"kya bat hai mitra"
Sep 9
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-83
"बहुत-बहुत आभार आदरणीय मिथिलेश वामनकर जी ।"
Sep 9

Profile Information

Gender
Male
City State
Ujjain M.P.
Native Place
Ujjain
Profession
Teacher
About me
Poet

Mohammed Arif's Photos

Loading…
  • Add Photos
  • View All

Mohammed Arif's Blog

ग़ज़ल (बह्र-22/22/22/22)

उसको फिर वापस आना है ,
मुझको भी तो समझाना है ।

अब उसकी यादों से हरदम ,
अपने दिल को बहलाना है ।

दूर सदा जो रहते भाई ,
उनको घर वापस लाना है ।

नाम इसी का जीवन देखो ,
हर मुश्क़िल से टकराना है ।

इस दुनिया में सबसे प्यारा ,
अब भारत देश बनाना है ।

मौलिक एवं अप्रकाशित ।

Posted on September 6, 2017 at 9:55pm — 8 Comments

ग़ज़ल (22/22/22/2)

कैसी ये बदहाली है ,
हर इंसान सवाली है ।

सूखे-सूखे होंठ सभी ,
उस चहरे पे लाली है ।

कौन ग़मों से बच पाया ,
सबने पीड़ा पाली है ।

जब से कूच कर गई माँ ,
घर भी खाली-खाली है ।

सब समझे हैं सभ्य उसे ,
गुंडा और मवाली है ।

ख़ुशियाँ रूठी बैठी है ,
ग़ुर्बत में दीवाली है ।
मौलिक एवं अप्रकाशित ।

Posted on September 1, 2017 at 5:37pm — 17 Comments

लघुकथा--कॉमेडियन

"माँ , आज तुमको बताना ही होगा ?" राजू बोला ।
"क्या ?" माँ बोली ।
"यही कि तुम मेरे आज तक के किसी भी एक्ट पर नहीं हँसी । मेरे एक्ट पर तुम्हें हँसी क्यों नहीं आती ? मेरे एक्ट से लोगों के पेट में बल पड़ जाते हैं । सारा शहर मुझे " राजू द ग्रेट
कॉमेडियन " कहता है ।"
" बेटा , जब हमारी भूख , गरीबी , अभाव , पीड़ा और तेरे पिता की कैंसर से मौत ने तुझे ग्रेट कॉमेडियन बना ही दिया है तो मुझे हँसने की क्या ज़रूरत है ।" राजू की आँखों से आँसू छलक पड़े ।
मौलिक एवं अप्रकाशित ।

Posted on August 23, 2017 at 10:00pm — 19 Comments

लघुकथा--इशारा

हवलदार -" नये थानेदार साहब आज दौरे पर निकले थे । तुम्हारी दुकान पर भी निगाह गई थी । तुमने सामान बाहर सड़क तक जमा रखा है । इससे यातायात में लोगों को दिक्कत आती है ।" हवलदार का इतना कहना ही था कि
घबराकर दुकान संचालक अनिल बोला -"जी...जी...जी... आज के बाद सामान बाहर नज़र नहीं आएगा ।"
"नहीं , नहीं थानेदार साहब का इशारा किसी दूसरी चीज़ की ओर है ।" हवलदार कहते हुए चला गया मगर अनिल को इशारा बहुत देर बाद समझ में आया ।
मौलिक एवं अप्रकाशित ।

Posted on August 19, 2017 at 11:30pm — 12 Comments

Comment Wall (2 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 10:54am on January 2, 2017, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीय आरिफ जी ..आपके मित्रों की श्रेणी में खुद को पाकर मैं सुखद अनुभव कर रहा हूँ ..सादर 

At 4:59pm on August 30, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

|

|

|

|

|

|

|

|

आप अपनी मौलिक व अप्रकाशित रचनाएँ यहाँ पोस्ट (क्लिक करें) कर सकते है.

और अधिक जानकारी के लिए कृपया नियम अवश्य देखें.

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतुयहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

 

ओबीओ पर प्रतिमाह आयोजित होने वाले लाइव महोत्सवछंदोत्सवतरही मुशायरा व  लघुकथा गोष्ठी में आप सहभागिता निभाएंगे तो हमें ख़ुशी होगी. इस सन्देश को पढने के लिए आपका धन्यवाद.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post ठहर जाता तो अच्छा था- एक ग़ज़ल बसंत की
"आभार आदरणीय बृजेश कुमार 'ब्रज' जी आपका , सादर नमन "
7 hours ago
रामबली गुप्ता commented on गिरिराज भंडारी's blog post ग़ज़ल - मैं उसकी ताब से खो कर हवास बैठा था ( गिरिराज भंडारी )
"वाह वाह आद0 गिरिराज भाई जी। बहुत ही बेहतरीन ग़ज़ल हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
7 hours ago
Mohit mishra (mukt) posted a blog post

हर मुख हिंदी कब गायेगा ?:-मोहित मुक्त

विश्व पटल की बात तो छोडो , भारत के सर्वस्व भूमि पर , त्याग आपसी रंजिश को , हर मुख हिंदी कब गायेगा ?…See More
Thursday
Ravindra Pandey commented on बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s blog post ग़ज़ल (सबसे रहे ये ऊँची मन में हमारी हिन्दी)
"बन के लहू ये....... अत्यंत सुन्दर अभिव्यक्ति... हार्दिक बधाई स्वीकार करें... @बासुदेव जी...."
Thursday

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर posted photos
Thursday
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' posted a blog post

ग़ज़ल (सबसे रहे ये ऊँची मन में हमारी हिन्दी)

भाषा बड़ी है प्यारी जग में अनोखी हिन्दी, चन्दा के जैसे सोहे नभ में निराली हिन्दी। पहचान हमको देती…See More
Thursday
Mohit mishra (mukt) commented on Manan Kumar singh's blog post हिंदी की हकीकत(लघु कथा)
"हकीकत को जीवंत करती सार्थक रचना। बधाई "
Thursday
Profile IconMilind Padki, Subhash Chandra Lakhera and Ajay Singh Rana joined Open Books Online
Thursday
Ashok Kumar Raktale added a discussion to the group पुस्तक समीक्षा
Thumbnail

समीक्षा : 'मन में भरो उजास'

“मन में भरो उजास” – कुण्डलिया छंद संग्रहछंदकार – सुभाष मित्तल ‘सत्यम्’प्रकाशक – बोधि प्रकाशन,…See More
Thursday
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" posted a blog post

निहारता तो हूँ तुम्हें, चोरी से चुपके से- गजल, पंकज मिश्र

1212 1212 222 222निहारता तो हूँ तुम्हें, चोरी से चुपके सेविचारता तो हूँ तुम्हें, झपकी ले चुपके…See More
Thursday
Naveen Mani Tripathi posted blog posts
Thursday
Manan Kumar singh posted a blog post

हिंदी की हकीकत(लघु कथा)

हिंदी की हकीकत*****विभाग(संस्था) में राजभाषा के कार्यान्वयन की समीक्षा का कार्यक्रम चल रहा था।…See More
Thursday

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service