For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Mohammed Arif
Share

Mohammed Arif's Friends

  • mirza javed baig
  • dandpani nahak
  • Prakash P
  • पंकजोम " प्रेम "
  • श्याम किशोर सिंह 'करीब'
  • Ramavtar Yadav, Sahar Nasirabadi
  • KALPANA BHATT ('रौनक़')
  • Sheikh Shahzad Usmani
  • Sushil Sarna
  • Dr Ashutosh Mishra
  • vijay nikore
 

Mohammed Arif's Page

Latest Activity

TEJ VEER SINGH left a comment for Mohammed Arif
"जन्म दिन की हार्दिक बधाई आदरणीय मोहम्मद आरिफ़ जी।"
May 9

Profile Information

Gender
Male
City State
Ujjain M.P.
Native Place
Ujjain
Profession
Teacher
About me
Poet

Mohammed Arif's Photos

  • Add Photos
  • View All

Mohammed Arif's Blog

कविता -तुम्हें मेरी फ़िक्र कहाँ है



तुम्हें मेरी फिक्र कहाँ है

साँझ के आगोश में

दिन भर की थकान

राहत ले रही है

विश्वास की लौ धीरे-धीरे टिमटिमा रही है

ऐसे में अब तुम्हारी प्रतीक्षा शेष है

तुम्हें मेरा वादा कहाँ याद है

कह दो आज फिर मैं झूठ नहीं बोलूँगा

तुम्हारे झूठ पर मेरा विश्वास टिका है

शहर के कॉफी हाऊस से

बूढ़ों की टोलियाँ भी घर जा रही है

मस्जिद की मीनार और

मंदिर के कलश पर

दिन भर मंडराने वाले

कबूतरों का झुंड भी चला गया है

ऐसे में मेरे भरोसे की पतवार कहाँ…

Continue

Posted on February 21, 2019 at 3:18pm — 1 Comment

कविता- हिन्दी है मेरी धड़कन



देश की धड़कन

वाणी का यौवन

संवाद का आँगन

हिंदी है मेरा तन-मन

अपनों से रखती है लगाव

भरती दिलों के घाव

मिटाती है अलगाव

हिंदी में है मेरा झुकाव

सबकी ज़रूरत

दिलों की हसरत

मिटाती नफ़रत

हिंदी है मेरी वकालत

शब्दों का हल

खुशियों का हर पल

सरस कलकल छलछल

हिंदी है मेरा आत्मबल

भारत की है शान

संपर्क की पहचान

सरगम की तान

हिंदी है मेरा स्वाभिमान

भेदभाव भी सहती है

मगर सच को सच कहती है

दिलों में…

Continue

Posted on September 14, 2018 at 8:00am — 5 Comments

ग़ज़ल बह्र -फऊलुन -फऊलुन -फऊलुन -फऊलुन

ज़माने को मेरी ज़रूरत नहीं है

मुझे  तो किसी से शिकायत नहीं है ।

.

अकेले में रहने की आदत है मुझको

किसी से भी मेरी अदावत नहीं है ।

.

नई पीढ़ी का ये चलन आज देखो

ज़रा सी भी इनमें लियाक़त नहीं है ।

.

है कितना यहाँ झूट महफ़ूज़ यारो

कि सच्चों की कोई अदालत नहीं है ।

.

सरे आम लुटती है इज़्ज़त यहाँ पर

किसी की यहाँ अब हिफ़ाज़त नहीं है ।

.

लगा मुझको झूटों के बाज़ार में यूँ

कि सच बोलने की इजाज़त नहीं है ।

.

मौलिक…

Continue

Posted on September 5, 2018 at 11:30pm — 18 Comments

बारिश की क्षणिकाएँ



(1) बूँदें नहीं

चाँदी के सिक्के गिरते हैं

बादलों की झोली से

और धरती लूट लेती है ।

*******

(2) वर्षा कुबेर

दोनों हाथों से लुटाता है

वर्षा -धन

नदियाँ, सरोवर और तालाब

लूटकर संग्रहित कर लेते हैं ।

*******

(3) बारिश की आत्मकथा

साल भर लिखते रहते हैं

पेड़-पौधे और हरियाली ।

*******

(4) बारिश की बूँदें

नई धुनें

तैयार करने लगती है

राग-मल्हार के लिए ।

*******

(5) बारिश का

अहसास कब होता है ?

जब…

Continue

Posted on July 17, 2018 at 8:36am — 27 Comments

Comment Wall (7 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 8:41am on May 9, 2019, TEJ VEER SINGH said…

जन्म दिन की हार्दिक बधाई आदरणीय मोहम्मद आरिफ़ जी।

At 8:39pm on March 22, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीय आरिफ़ मोहम्मद साहब प्रणाम
बहुत शुक्रिया
आपकी सलाह पर तुरंत अमल होगा
At 8:57am on March 6, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीय आरिफ़ सर
आपको कविता अच्छी लगी मेरा लिखना सार्थक हुआ बहुत शुक्रिया
At 2:08pm on January 18, 2018, dandpani nahak said…
जनाब मोहम्मद आरिफ़ जी आदाब
शुक्रगुज़ार हूँ की आपको मेरी ग़ज़ल पसंद आई और गुणी जनों की राय जानने को बेक़रार भी हूँ आशा है गुणीजन मेरी गलतियों को बताएं ताकि मैं आगे सुधर कर सकूँ! आपका बहुत शुक्रिया
At 5:05pm on January 10, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीय जनाब मोहम्मद आरिफ साहब आदाब ,नमस्कार
ये मेरा परम सौभाग्य की मेरी पहली ही रचना हेतु आपने अपना बहुमूल्य समय निकाला,पढ़ा और सराहा .निश्चित ही मुझमें अभी बहुत कमियाँ हैं आशा करता हूँ आप जैसे गुणीजनों के सानिध्य में कुछ सीख सकूँगा
बहुत बहुत शुक्रिया तथा देरी के लिए माफ़ी चाहता हूँ
At 10:54am on January 2, 2017, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीय आरिफ जी ..आपके मित्रों की श्रेणी में खुद को पाकर मैं सुखद अनुभव कर रहा हूँ ..सादर 

At 4:59pm on August 30, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

|

|

|

|

|

|

|

|

आप अपनी मौलिक व अप्रकाशित रचनाएँ यहाँ पोस्ट (क्लिक करें) कर सकते है.

और अधिक जानकारी के लिए कृपया नियम अवश्य देखें.

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतुयहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

 

ओबीओ पर प्रतिमाह आयोजित होने वाले लाइव महोत्सवछंदोत्सवतरही मुशायरा व  लघुकथा गोष्ठी में आप सहभागिता निभाएंगे तो हमें ख़ुशी होगी. इस सन्देश को पढने के लिए आपका धन्यवाद.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Usha posted a blog post

कैसा घर-संसार?

दोनों पति-पत्नि अपने लव-कुश के साथ खुश थे। माताजी और पिताजी इस छोटे से परिवार में खुश तो थे लेकिन…See More
29 minutes ago
Naveen Mani Tripathi posted a blog post

ग़ज़ल

122 122 122 122न जाने किधर जा रही ये डगर है ।सुना है मुहब्बत का लम्बा सफर है ।।मेरी चाहतों का हुआ…See More
53 minutes ago
Usha commented on Usha's blog post क्षणिकाएँ।
"आदरणीय डॉ विजय शंकर जी। बेहद ख़ुशी हुई कि आपको मेरी क्षणिकाएँ पसंद आयी। नया सोचने व् लिखने के लिए…"
2 hours ago
Dr. Vijai Shanker commented on Usha's blog post क्षणिकाएँ।
"आदरणीय सुश्री उषा जी , बहुत ही प्रभावशाली क्षणिकाएं बनी हैं , व्यंग भी है , तंज भी है। बधाई , सादर।"
14 hours ago
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post अपनी अपनी धुन(लघुकथा)
"बहुत बहुत आभार आदरणीय समर जी,नमन।"
15 hours ago
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post उजला अन्धकार..
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,बहुत उम्द: कविता लिखी आपने, इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
18 hours ago
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post कुछ दिए ...
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,अच्छी कविता लिखी आपने,बधाई स्वीकार करें ।"
18 hours ago
Samar kabeer commented on Dr. Geeta Chaudhary's blog post कविता: कुछ ख़ास है उन बातों की बात
"मुहतरमा डॉ. गीता चौधरी जी आदाब, कविता का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करे । 'वो बिखरते सिमटते…"
18 hours ago
PHOOL SINGH joined Admin's group
Thumbnail

बाल साहित्य

यहाँ पर बाल साहित्य लिखा जा सकता है |
18 hours ago
Samar kabeer commented on Manan Kumar singh's blog post अपनी अपनी धुन(लघुकथा)
"जनाब मनन कुमार सिंह जी आदाब,बहुत अच्छी लघुकथा लिखी आपने,बधाई स्वीकार करें ।"
18 hours ago
Usha posted a blog post

क्षणिकाएँ।

करके वादा,किसी से न कहेंगे,दिल का दर्द मेरे जान लिया।ढोंग था सब,तब समझे हम कि,महफ़िल में सरे-आम…See More
yesterday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post प्यार पर चंद क्षणिकाएँ : .......(. 500 वीं प्रस्तुति )
"आदरणीया  vijay nikoreजी , सृजन आपकी आत्मीय प्रशंसा का दिल से आभार।"
yesterday

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service