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Rash Bihari Ravi's Blog (153)

हम बाबा बन के लुटब ,

सोचत बानी हम ,

हम बाबा बन के लुटब ,

जवान देश में होखे ,

बरका बरका मुरख ,

उहा काहे हम ,

अपन नसीब के कुटब,

सोचत बानी हम ,

हम बाबा बन के लुटब ,

रोज सुबेरे पाठ पढ़ाएम ,

सदा जीवन जिये के ,

संगे इ तरकीब लगायेम,

अपन पाकिट भरे के ,

लोग जे हम पे बिस्वास करी ,

जंगली पता घुटब,

सोचत बानी हम ,

हम बाबा बन के लुटब ,

बाजार में जब नाम होई ,

आपन दवाई बेचाब ,

संगे संगे कुछ नेता लेम ,

आपन पाटी ठोकब,

नेता लोग जैसे… Continue

Added by Rash Bihari Ravi on April 1, 2010 at 7:30pm — 10 Comments

शांति आदमी के कमजोर बना देला ,

शांति आदमी के कमजोर बना देला ,
शक्ति इन्सान के सैतान बना देला ,
अगर सम्पति पाके जे संभल गइल ,
ओकर स्वरुप भगवान के रूप होला .
सैयम के संगे सादगी ता सफलता मिली ,
आउर समृधि अपने आप होई ,
त संस्कार खिली ,
जब स्वास्थ बढ़िया रही त सन्मान मिली ,
आउर सरस्वती जहा रहिआन ,
त उहा स्नेह मिलबे करी ,
जब सनेह मिली ता उहा शांति रही ,
ता रौआ जानते बानी ,
शांति आदमी के कमजोर बना देला ,

Added by Rash Bihari Ravi on April 1, 2010 at 6:59pm — 5 Comments

जीवन हमार लेके आइल बहार ,

जीवन हमार लेके आइल बहार ,
हमारा तोहरा से प्यार हो गइल,
नाही रतिया के नींद ,
नाही दिन के करार ,
इ ता जीवन हो गइल तोहर,
हमारा तोहरा से प्यार हो गइल,
जेने देखि ओने तुही दिखेलु ,
मनवा पे हमारा तू राज करेलू ,
लगे आवेलु आवे ला बहार ,
हमारा तोहरा से प्यार हो गइल,
सपना में तुही खुली अखीया में तुही ,
हर दम हमारा बतिया में तुही ,
दूर जालू ता तरपे मन हमार ,
हमारा तोहरा से प्यार हो गइल,

Added by Rash Bihari Ravi on April 1, 2010 at 6:40pm — 5 Comments

जे जीवन से खुबे कईलास प्यार ,

जे जीवन से खुबे कईलास प्यार ,

ओकर जीवन बेकार हो गईल ,



ये भरम में त मत रहा इयर ,

की इ जीवन हमर हो गईल ,



चाहे जेतना तू पाउडर लगाला ,

आई बुढ़ापा सूरत बेकार हो गईल ,



कबो माई बाबूजी कबो भाई भौजाई ,

पत्नी आउर बचवान पर मनवा हेराइल ,



जवानी बितावाला तू मस्ती में ईयार ,

लागल जीवन साकार हो गइल ,



जे परभू के चरण में दिनवा बितावल ,

उहो ता भव सागर पर हो गइल ,



अब का पछताई करबा त ईयार ,

सारी उमर जब पार हो गइल… Continue

Added by Rash Bihari Ravi on April 1, 2010 at 5:20pm — 6 Comments

बाह रे भगवान तहार अजबे बा माया ,

बाह रे भगवान तहार अजबे बा माया ,

कही बाटे धुप त कही बाटे छाया ,

जेकरा लागे बाटे,

ओके खूब देत बारs ,

जेकरा लागे नइखे ,

ओकर पेटो ना भरत बारs ,

बाह रे भगवान तहार अजबे बा माया ,

कही बाटे धुप त कही बाटे छाया ,

जेकरा लागे पाईसा बा ,

उ भगवान के जइसन बा

तहरे अइसन इहो ,

अब कम त करत बा ,

जेकरा लागे बाटे ,

ओकरे के पूछत बा ,

जेकरा लागे नइखे ,

ओके दूर से नमस्कार ,

बाह रे भगवान तहार अजबे बा माया ,

कही बाटे धुप त कही बाटे… Continue

Added by Rash Bihari Ravi on March 31, 2010 at 4:11pm — 4 Comments

दोस्त बनाई किस्मत चमकाई,

( इ कविता बा हमारा उ सब भाई लोग खातीर जे एड देख के दोस्ती करे ला लोग ओ

लोग के सावधान करे खातीर अंत में जिगोलो सब्द आइल बा जिगोलो मर्द बेस्या के

कहल जाला धन्यवाद राउर आपन रवी कुमार गिरी गुरु )



दोस्त बनाई किस्मत चमकाई,

अइसन एड अक्सर ,

न्यूज़ पेपर में आवे ला ,

जवन मन के भावे ला ,

भईया इ मन भावन एड से ,

रहीआ दुरी बनाई ,

इ किस्मत ना चमकाई ,

एक जाना इ एड के देखी ,

दिहले फोन मिलाई ,

दूसरा तरफ से आवाज ,

खनखनात महिला के आइल… Continue

Added by Rash Bihari Ravi on March 31, 2010 at 2:26pm — 4 Comments

जय हो ,

जय हो ,

अइसन दिन देखि आइल ,

लोगवा बा भकुआइल ,

सुप्रीम कोर्ट के हम का बोली ,

जज के सरम ना आइल ,

जय हो ,

चोरी छिपे जे मिळत रहे ,

छुट के मिळत बाटे ,

सब कोई के सामने अब ,

संगे रात बितावत बाटे,

सरम के इ ता घोर के पि गइल,

कहत बा कोर्ट के आर्डर बाटे ,

जय हो ,

बाबु जी से बेटी बोली ,

फलना के हम चाही ले ,

राजी हो जा बाबु जी ,

ओकरा संगे रात बिताइले ,

कवनो इ गलत नइखे ,

कोर्ट से सुनत बनी ,

जय हो ,

अइसन दिन आ… Continue

Added by Rash Bihari Ravi on March 29, 2010 at 5:00pm — 3 Comments

हे भगवन तू कईसन दिन दिखावाला ,

हे भगवन तू कईसन दिन दिखावाला ,

आज से बीस साल पाहिले बबुनी जनमली ,

दहेज़ के बात होत रहे हजार में ,

ओ घरी इंजिनियर डाक्टर कलक्टर ,

मिळत रहले चालीस पचास हजार में ,

हमहू सोचनी बैंक में पैसा ,

बीस साल में होई आठ गुना ,

लाईकानो के भाव बढ़ी लउकत बा नमूना ,

ता हम ओ घरी सतर हजार जमा करवानी ,

एही साल पाच लाख साठ हजार पावनी ,

बाकिर इ कम पर गइल,

ऊपर वाला लेकन के भाव ,

बीस लाख के ऊपर चल गइल ,

जवान हमारा लगे पैसा रहे ,

ऊपर से महंगाई के मार… Continue

Added by Rash Bihari Ravi on March 27, 2010 at 7:22pm — 3 Comments

लोग कहे ला नारी , सब के ऊपर भारी ,

लोग कहे ला नारी ,

सब के ऊपर भारी ,

उनका के उ ना समझले ,

जे रहले अवतारी ,

लोग कहे ला नारी ,

सब के ऊपर भारी ,

कम करावे के होखे ता ,

रूप के जादू जाने ली ,

अलग अलग रूप में इ ,

अपना के ऊपर माने ली ,

बहिन बन के खूब खेलावास ,

माई बारी इ दुःख हारी ,

लोग कहे ला नारी ,

सब के ऊपर भारी ,

मेहरी बन के आवेली ,

मनवा के लोभावे ली ,

इ चाहिआं त जनम सार्थक ,

न त नरक बनावे ली ,

कही कही बारी कलंकनी ,

कही मनो हारी… Continue

Added by Rash Bihari Ravi on March 26, 2010 at 7:30pm — 2 Comments

बिहार बिकाश आउर एकर मज़बूरी ,

बिहार बिकाश आउर एकर मज़बूरी ,

का कही एकर मज़बूरी ,

हर दम इ मजबुर रहे,

नेता एकरा मिलले अइसन ,

जाती से सराबोर रहे ,

एकर अइसन भूगोल बनल बा ,

जाती आउर छेत्रन के नाते ,

कही भोजपुरी कही मगह बा ,

कोई मौथली बोलत बाटे ,

ऊपर से मिले घाव पे नमक ,

एकर अपने बनल बा दीमक ,

दिल्ली वाला बारे चलाक ,

एक भाई के कईले पास ,

आपस में इ साथ ना दिहन ,

एकर माजा उ काहे ना लिहन,

जाती बाद बा एकर धुरी ,

बिहार के बाटे इ मज़बूरी ,

मगह मैथली ना… Continue

Added by Rash Bihari Ravi on March 22, 2010 at 4:45pm — 3 Comments

दीप जली ज्योति होई , सब कोई हसी केहू ना रोई ,

दीप जली ज्योति होई ,

सब कोई हसी केहू ना रोई ,

इ कब होई .

जब हिंदुस्तान में ,

हिंदुस्तान के ,

सोचे वाला नेता पैदा होई ,

त दीप जली ज्योति होई ,

सब कोई हसी केहू ना रोई ,

अइसन तबो हो सके ला ,

राज अइसन नेता ,

मुह्कर्खी लगा जास ,

नेता जी अइसन बेटा ,

फिर से आ जास ,

कौनो आजाद ,

भगत अइसन रंगदार ,

हिंदुस्तान में होई ,

त दीप जली ज्योति होई ,

सब कोई हसी केहू ना रोई ,

देश के बाटे वाला ,

छोट छोट राजनीती पार्टी… Continue

Added by Rash Bihari Ravi on March 20, 2010 at 2:34pm — 5 Comments

कब तलक ?, By Guru Jee

कब तलक ?,

यु ही आशु बहाती रहोगी ,

पहले सुनी मांग ,

और अब ,

सुनी गोद होने का डर ,

पलक झपकाये बीना ,

देखती रहोगी ,

कब तलक ?,

उट्ठो ,

आवाज दो ,

रोको उसे ,

वह अपना बर्तमान से ,

और तुम्हारे भाभिस्य से ,

खिलवार कर रहा हैं ,

और तुम यु ही ,

देखती रहोगी ,

कब तलक ?,

जिन्हें पैसे की भूख हैं ,

वो पैसे के लिए ,

कितने घरो का ,

बुझाये दीये ,

अब भी समय हैं ,

आवाज उठाओ ,

जो बर्बाद कर रहे हैं… Continue

Added by Rash Bihari Ravi on March 15, 2010 at 12:30pm — 5 Comments

जिन्दगी ,By Guru Jee

जिन्दगी ,
इस उम्र की इस पराव पर ,
मुझे अब लगाने लगा हैं ,
जिन्दगी एक खुबसूरत ख्वाब हैं ,
और मैं इस ख्वाब को ,
खूबसूरती से जीना चाहता हूँ ,
जिन्दगी ,
इसी का नाम हैं ,
जो जीने के लिए ,
उत्साहित करे ,
औरो के लिए ,
कुछ करने की तमन्ना हो ,
जिन्दगी ,
दोस्तों की दोस्ती ,
अपनो की अपनापन ,
दुस्मानो से सिख ,
गैरो से मुहबत ,
समझ जिन्दगी की ,
इस उम्र की इस पराव पर ,

Added by Rash Bihari Ravi on March 8, 2010 at 7:46pm — 3 Comments

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