For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

अब से झूटा इश्क़ नहीं करना जानाँ (-रूपम कुमार 'मीत')

बह्र-22/22/22/22/22/2

अब से झूटा इश्क़ नहीं करना जानाँ
और किसी को मत देना धोखा जानाँ [1]

जब आँखों को दरिया करने का मन हो
तब मेरी रूदाद-ए-ग़म सुनना जानाँ [2]

दिन से रात तलक मैं तुमको रोता हूँ
तुम भी मुझको आठ-पहर रोना जानाँ [3]

अपने हाथ के कंगन जा पर रखना तुम
वाँ पर मेरी ग़ज़लें मत रखना जानाँ [4]

तुम रिश्तों में मत ढूँडो ख़ुशियाँ सारी
सीखो ख़ुद से मिलकर ख़ुश होना जानाँ [5]

आज जला दी वो वाली फ़ोटो जिसमें
सूट तुम्हारे जिस्म पे था काला जानाँ [6]

तुमसे पहले मैं ख़ुश रहता था लेकिन
बाद तुम्हारे रंज-ओ-ग़म रहता जानाँ [7]

चार महीने खेल के दिल को तोड़ दिया
मेरा दिल क्या एक खिलौना था जानाँ? [8]

हाए! तुम्हारे लब को देख के लगता है
तुमने 'मीत' का ख़ून पिया होगा जानाँ[9]

मौलिक व अप्रकाशित

Views: 109

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Rupam kumar -'मीत' on September 30, 2020 at 8:17am

आदरणीय   लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'  साहिब  जी,   प्रणाम 

ग़ज़ल पर आपकी आमद सुख़न नवाज़ी और हौसला अफ़ज़ाई के लिये बेहद मशकूर हूँ। सादर।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on September 29, 2020 at 7:37pm

आ. रूपम कुमार जी, सुन्दर गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।

Comment by Rupam kumar -'मीत' on September 27, 2020 at 10:59am

आदरणीय अमीरुद्दीन 'अमीर' साहिब जी,  मेरा  प्रणाम आपको ,  ग़ज़ल  पर आपकी  उपस्थिति और हौसला अफ़ज़ाई का बहुत शुक्रिया , अपना स्नेह बनाए रखिए बालक पर ,

Comment by अमीरुद्दीन 'अमीर' on September 27, 2020 at 10:41am

जनाब रूपम कुमार जी अच्छी ग़ज़ल हुई है दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ।

Comment by Rupam kumar -'मीत' on September 27, 2020 at 1:21am

आदणीय सुशील सरना साहिब, हौसला अफ़ज़ाई और ग़ज़ल पर उपस्थिति के लिए हृदय तल से शुक्रिया करता हूँ।। बहुत दुआएँ

Comment by Rupam kumar -'मीत' on September 27, 2020 at 1:20am

आदरणीय सालिक सर्, हौसला बढ़ाने के लिए बहुत शुक्रिया ग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति बालक के लिए बड़ी बात है।। बहुत दुआएँ

Comment by Sushil Sarna on September 20, 2020 at 9:32pm
वाह आदरणीय शानदार गजल
Comment by सालिक गणवीर on September 19, 2020 at 8:57pm

प्रिय रुपम कुमार

बह्र-ए-मीर इस बेहतरीन ग़ज़ल के लिए शैर दर शैर दाद और मुबारकबाद क़ुबूल करो.सलामत रहो और ख़ूब लिखो.

Comment by Rupam kumar -'मीत' on September 18, 2020 at 8:22pm

मोहतरमा उस्ताद समर कबीर साहिब जी, आपको मेरा प्रणाम, आपकी दाद मिल रही है, तो कोशिश सफल हुई, मैं कोशिश करता हूँ सुधारने की वो त्रुटि, आपका स्नेह बना रहे हम पर।

Comment by Samar kabeer on September 17, 2020 at 8:58pm

जनाब रूपम कुमार 'मीत' जी आदाब, बह्र-ए-मीर पर बहुत उम्द: ग़ज़ल कही आपने, शैर दर शैर दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ ।

'चार महीने खेल के दिल को थोड़ दिया'

इस मिसरे में टंकण त्रुटि सुधार लें ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-67 (विषय: तलाश)
"सादर नमस्कार। एक विचारोत्तेजक रचना के साथ गोष्ठी का आरंभ करने हेतु हार्दिक बधाई जनाब चेतन प्रकाश…"
2 minutes ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-67 (विषय: तलाश)
"आ. चेतन जी,यूँ तो लघुकथा मेरा विषय नहीं है और मुझे लघुकथा की बारीकियों की रत्ती भर भी समझ नहीं है…"
3 minutes ago
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-67 (विषय: तलाश)
"बन्धुवर, श्री तेजवीर सिंह, तलाश विषय पर उपरलिखित मेरी लघु कथा तक आप पहुँचे, अच्छा लगा। इसके लिए…"
28 minutes ago
amita tiwari posted a blog post

मेरे युग की तस्वीर

सच यह है किअंधा होने के लिए नेत्रहीन होना कोई शर्त नहीं होतीवरना किसी युग में द्रौपदी कभी कहीं  नही…See More
2 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल- नूर की .. शेख़ ओ बरहमन में यारी रहेगी
"आ. चेतन प्रकाश जी,आप वरिष्ठ हैं और मैं आपके जैसे वरिष्ठ सदस्य के भी ग़ज़ल के मर्म को समझने में सहायक…"
3 hours ago
TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-67 (विषय: तलाश)
"गोष्ठी का शुभारंभ करने हेतु हार्दिक बधाई आदरणीय चेतन प्रकाश जी।लेकिन आपकी लघुकथा में मौलिकता का…"
3 hours ago
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-67 (विषय: तलाश)
"तलाश........ ईसा पूर्व यूनान में नगर राज्य हुआ करते थे। और, प्रथा यह थी कि कवि, चित्रकार आदि कलाकार…"
5 hours ago

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-67 (विषय: तलाश)
"ओपनबुक्स ऑनलाइन लाइव लघुकथा गोष्ठी अंक-67 में आपका स्वागत है.  "
12 hours ago
Chetan Prakash commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल- नूर की .. शेख़ ओ बरहमन में यारी रहेगी
"भाई, नीलेश बहदुर 'नूर' साहब, ज़िन्दगी के सड़सठ वर्ष बिताने के बाद आज जाकर,( आपकी ग़ज़ल…"
12 hours ago
Nilesh Shevgaonkar posted a blog post

ग़ज़ल- नूर की .. शेख़ ओ बरहमन में यारी रहेगी

जो शेख़ ओ बरहमन में यारी रहेगी जलन जलने वालों की जारी रहेगी. . मियाँ जी क़वाफ़ी को समझे हैं नौकर  …See More
14 hours ago
Chetan Prakash posted blog posts
19 hours ago
Chetan Prakash updated their profile
19 hours ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service