For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Naveen Mani Tripathi's Blog – April 2018 Archive (8)

हमे साँचे में ढाला जा रहा है

1222 1222 122

बड़ी  मुद्दत   से  टाला  जा  रहा  है ।

किसी  का  जुल्म  पाला  जा  रहा है ।। 1

मुझे   मालूम  है  वह   बेख़ता   थी ।

किया बेशक  हलाला  जा  रहा  है ।।2

लगीं हैं बोलियां फिर जिस्म पर क्यूँ ।

यहाँ  सिक्का उछाला  जा  रहा  है ।।3

कहीं  मैं   खो  न  जाऊं  तीरगी  में ।

मेरे  घर   से  उजाला  जा  रहा  है ।।4…

Continue

Added by Naveen Mani Tripathi on April 29, 2018 at 4:30pm — 7 Comments

ग़ज़ल

221 2121 1221 212

बेबस पे और जुल्म न ढाने की बात कर।

गर हो सके तो होश में आने की बात कर ।।

.

क्या ढूढ़ता है अब तलक उजड़े दयार में ।

बेघर हुए हैं लोग बसाने की बात कर ।।

.

खुदगर्ज हो गया है यहां आदमी बहुत ।

दिल से कभी तो हाथ मिलाने की बात कर ।।

.

मुश्किल से दिल मिले हैं बड़ी मिन्नतों के बाद ।

जब हो गया है प्यार निभाने की बात कर…

Continue

Added by Naveen Mani Tripathi on April 28, 2018 at 9:00am — 5 Comments

ग़ज़ल

2122-1122-1122-22

टूटकर ख्वाब ज़माने में बिखर जाते हैं ।

आज़माने में बहुत लोग मुकर जाते है ।।

वो जलाता ही रहा हमको बड़ी शिद्दत से ।

हम तो सोने की तरह और निखर जाते हैं ।।

हुस्न वालों के गुनाहों पे न पर्दा डालो ।

क्यूँ भले लोग यहां इश्क से डर जाते हैं ।।

मुन्तजिर दिल है यहां एक शिकायत लेकर ।

आप चुप चाप गली से जो गुज़र जाते हैं ।।

कुछ उड़ानों की तमन्ना को लिए था जिन्दा ।

क्या हुआ…

Continue

Added by Naveen Mani Tripathi on April 16, 2018 at 1:33pm — 18 Comments

तुझे याद हो के न याद हो

11212 11212 11212 11212

तेरी रहमतों पे सवाल था तुझे याद हो के न याद हो ।

मुझे हो गया था मुगालता तुझे याद के न याद हो ।।1

तेरे इश्क़ में जो करार था तुझे याद हो के न याद हो ।

जो मिला था मुझको वो फ़लसफ़ा तुझे याद हो के न याद हो ।।2



वो गुरुर था तेरे हुस्न का जो नज़र से तेरी छलक गया ।

मेरे रास्ते का वो फ़ासला तुझे याद हो के न याद हो ।।3

वहां दफ़्न है तेरी याद सुन ,वो शजर भी कब से गवाह है ।

है मेरी वफ़ा का वो मकबरा तुझे याद हो…

Continue

Added by Naveen Mani Tripathi on April 14, 2018 at 2:50pm — 9 Comments

ग़ज़ल

2122 1212 22

जाम छलका है पास आ जाओ ।

ले के खाली गिलास आ जाओ ।।

जिंदगी फिर बुला रही है तुझे ।

लब पे आई है प्यास आ जाओ ।।

हिज्र के बाद चैन मिलता कब ।

मन अगर है उदास आ जाओ ।।

तीरगी बेहिसाब कायम है ।

चाहिए अब उजास आ जाओ ।।

कोई बैठा है मुन्तजिर होकर ।

मत लगाओ कयास आ जाओ ।।

आ रहे हैं तमाम भौरे अब ।

गंध में है मिठास आ जाओ…

Continue

Added by Naveen Mani Tripathi on April 11, 2018 at 10:03pm — 7 Comments

ग़ज़ल

221 2121 1221 212

जिस दिन वो मुझसे प्यार का इजहार कर दिया ।

इस जिंदगी को और भी दुस्वार कर दिया ।।

चिंगारियों से खेलने पे कुछ सबक मिला ।

घर को जला के मैंने भी अंगार कर दिया ।।

उठने लगीं हैं उंगलियां उस पर हजार बार ।

मुझको वो जब से हुस्न का हकदार कर दिया ।।

शायद पड़ी दरार है रिश्तों की नींव में ।

किसने दिलों के बीच मे दीवार कर दिया ।।

मांगा था मैंने एक तबस्सुम भरी नज़र…

Continue

Added by Naveen Mani Tripathi on April 11, 2018 at 12:05am — 13 Comments

ग़ज़ल

221 2121 1221 212

अन्याय के विरोध में जाने से डर लगा ।।

भारत का संविधान बताने से डर लगा ।।

यूँ ही बिखर न जाये कहीं मुल्क आपका ।

कोटे पे आज बात चलाने से डर लगा ।।

घोला है ज़ह्र अपने गुलशन में इस तरह ।

अब जिंदगी को और बचाने से डर लगा ।।

फर्जी रपट लिखा के वो अंदर करा गया ।

मैं बे गुनाह था ये बताने से डर लगा ।।

शोषित हुआ सवर्ण करे भी तो क्या करे ।

उसको तो अपना ज़ख्म दिखाने से डर लगा…

Continue

Added by Naveen Mani Tripathi on April 7, 2018 at 1:04am — 8 Comments

कह दिया किसने तुझको खुदा तू नहीं

212 212 212 212

रूह से मेरे अब तक जुदा तू नहीं ।

बात सच है सनम बेवफा तू नहीं ।।1

कर रहा एक मुद्दत से सज़दा तेरा ।

कह दिया किसने तुझको खुदा तू नहीं ।।2

जिंदगी से मेरे जा रहा है कहाँ ।

इस तरह अब नजर से गिरा तू नहीं ।।3

मेरे कूचे से निकला न कर बेसबब ।

दिल हमारा अभी से जला तू नहीं ।।4

वार कर मत निगाहों से मुझ पर अभी ।

सब्र मेरा यहाँ आजमा तू नहीं ।।5

लोग अनजान हैं कत्ल के…

Continue

Added by Naveen Mani Tripathi on April 2, 2018 at 6:57pm — 9 Comments

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दुःखद"
Sep 29
Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Sep 24
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Sep 22
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Sep 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service