For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Ashok Kumar Raktale
  • Male
  • Ujjain,M.P.
  • India
Share

Ashok Kumar Raktale's Friends

  • Anamika singh Ana
  • Kalipad Prasad Mandal
  • KALPANA BHATT ('रौनक़')
  • प्रदीप नील वसिष्ठ
  • सतविन्द्र कुमार राणा
  • Sheikh Shahzad Usmani
  • Dipu mandrawal
  • TEJ VEER SINGH
  • Hari Prakash Dubey
  • seemahari sharma
  • harivallabh sharma
  • Amit Kumar "Amit"
  • अनिल कुमार 'अलीन'
  • Pradeep Kumar Shukla
  • गिरिराज भंडारी
 

Ashok Kumar Raktale's Page

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-109 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव साहब सादर, प्रस्तुत कुण्डलिया छंदों को सराहने के लिए आपका हार्दिक आभार. सादर "
May 17
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-109 in the group चित्र से काव्य तक
"प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए हृदय से आभार आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी. सादर "
May 17
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-109 in the group चित्र से काव्य तक
"प्रस्तुत छंदों को सराहने के लिए हार्दिक आभार आदरणीय भाई सतविन्द्र कुमार राणा जी. सादर "
May 17
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-109 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव साहब सादर, प्रस्तुत सार छंदों को छंद के माध्यम से सराहने और उत्साहवर्धन करने के लिए आपका हार्दिक आभार. सादर "
May 17
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-109 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर, प्रस्तुत छंदों को सराहने के लिए आपका हृदय से आभार. सादर "
May 17
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-109 in the group चित्र से काव्य तक
"जी ! सही कहा है. बहुत कुछ तो प्रश्न हल हो चुका है. प्रतिक्रिया में सुंदर छंद और प्रस्तुति की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार आदरणीय सतविन्द्र कुमार जी. सादर "
May 17
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-109 in the group चित्र से काव्य तक
"प्रस्तुत रचना को सराहने के लिए हार्दिक आभार आपका आदरणीया प्रतिभा पांडे जी. मैंने अपनी कॉपी में सुधार कर लिया है. ई की मात्रा टंकित होने से रह गई थी. सादर "
May 17
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-109 in the group चित्र से काव्य तक
"सार छंद   गुपचुप-गुपचुप होती शादी, बिन घोड़ी बाराती । कोरोना है मुश्किल आना, मिलने पर भी पाती ।। मन्त्र पढ़ रहे मोबाइल पर, पण्डित लोटा वाले । भूख बड़ी है, दान बिना क्या, करते बैठे ठाले ।।   काल शुभाशुभ चूक न जाए, मन में था भय व्यापा । इसीलिए…"
May 17
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-109 in the group चित्र से काव्य तक
"डोली वाली बात को, दिया रस्म से जोड़ । तपे ग्रीष्म में रस्म यह, मन को रही झिंझोड़ ।। मन को रही झिंझोड़, कहारों की मजबूरी । वय से हैं सब प्रौढ़, और यह लम्बी दूरी । दूल्हा है बेचैन, भाग्य भी करे ठिठोली । विदा नहीं यह ठीक, देख लो रखकर डोली…"
May 17
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-109 in the group चित्र से काव्य तक
"समय विचारे ठीक-ठीक जो,सीख सही वह लेताचादर में वह पैर सिकोड़े,नहीं फैलने देता बुरा समय हो सहज काट ले,रखे सोच यह जारी।.........वाह ! सुंदर.  आदरणीय सतविन्द्र कुमार राणा जी सादर, प्रदत्त चित्र को परिभाषित करता सार छंद आधारित सुन्दर गीत रचा है…"
May 17
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-109 in the group चित्र से काव्य तक
"दूल्हे से क्या अनुमति माँगें, करें विनय ईश्वर से । हर कहार है पीड़ित लेकिन, कहे न कोई डर से ।। नई नवेली दुलहन प्यासी, घूँघट में शरमाए । दूल्हा दिखता मरियल फिर भी, कैसे रौब जमाए ।।   आदरणीय ओम प्रकाश अग्रवाल जी सादर, सुंदर सार छंद रचे हैं आपने…"
May 17
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-109 in the group चित्र से काव्य तक
"कोरोना के देखकर, अजब गजब यह रंग । लगता है जैसे सभी, बदल गए हैं ढंग ।। बदल गये हैं ढंग, चला डोली में दूल्हा । जाकर यह ससुराल, नित्य फूंकेगा चूल्हा । सत्य कह रहीं आप, चलाकर जादू-टोना । होंगे नित्य विवाह, करेगा क्या कोरोना ।।   आदरणीया प्रतिभा…"
May 16
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-109 in the group चित्र से काव्य तक
"कुण्डलिया छंद   डोली में दुलहा दिखे, तो लगता है भिन्न । पल दो पल को ही सही, मन हो जाता खिन्न ।। मन हो जाता खिन्न, पुरुष का पौरुष कैसा । सिमटा सिकुड़ा मर्द, लगे यह नारी जैसा । ‘रक्ताले’ कविराय, अजब है दुनिया भोली । बदल गया है वक्त,…"
May 16
Ashok Kumar Raktale added a discussion to the group पुस्तक समीक्षा
Thumbnail

समीक्षा पुस्तक : दोहा-सागर

समीक्षा : दोहा-सागर रचयिता : पंकज शर्मा ‘तरुण’ प्रकाशक : उत्कर्ष प्रकाशन, 142, शाक्य पूरा, कंकर खेडा, मेरठ केंट-२५०००१, (उ.प्र.) प्रथम संस्करण 2019 मूल्य : रुपये 150/-. पंकज शर्मा ‘तरुण’ का दोहा-संग्रह ‘दोहा-सागर’ हाथ में आया तो बहुत प्रसन्नता हुई. पिछले कुछ वर्षों से पुनः देश में छंद लेखन में वृद्धि हुई है और दोहा एक ऐसा छंद है जो दो ही पंक्तियों में गंभीर बात सरलता से कह जाता है. छंदों में सर्वाधिक लेखन दोहा छंद का ही हो रहा है. लगभग प्रति सप्ताह ही कोई दोहा छंद संग्रह प्रकाशित हो रहा है. छंद…See More
May 2
dandpani nahak left a comment for Ashok Kumar Raktale
"आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले जी सादर प्रणाम !बहुत धन्यवाद ! कुण्डलिया के लिए बिलकुल नया हूँ ये दूसरी ही कोशिश है आशा है आप के सानिध्य से कुछ सीख सकूंगा ! आपने ऐसे संशोधित किया वाह्ह्हह्ह्ह्ह क्या कहूँ बेहतरीन ! आपकी कृपा बनी रहे !"
Apr 21
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-108 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभा पांडे जी सादर, प्रस्तुत सार छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका. हृदय से आभार. सादर "
Apr 19

Profile Information

Gender
Male
City State
Ujjain
Native Place
Ujjain
Profession
service
About me
I am a technical person and always talk in right angle.

Ashok Kumar Raktale's Photos

  • Add Photos
  • View All

Ashok Kumar Raktale's Blog

गज़ल

उठाओ नजर रहगुज़र देख लो ।

यहाँ जिन्दगी का सफ़र देख लो ।

 

नियम कायदे तो बने हैं कई

मगर भंग हैं सब जिधर देख लो ।

 

न भय है न चिंता न है शर्म ही

बना है बशर जानवर देख लो ।

 

कहीं लूट है तो कहीं क़त्ल है

किसी भी नगर की ख़बर देख लो ।

 

गले मिल रहे दोस्त खंजर लिए

बदलते समय का असर देख लो ।

 

करें फ़िक्र उनकी जो हैं नापसंद

सियासत का है ये हुनर देख लो ।

 

बिछा हर तरफ सिर्फ कंक्रीट…

Continue

Posted on October 2, 2019 at 10:00pm — 8 Comments

सावन आया है

फेलुन फेलुन फेलुन फेलुन

 

गुपचुप उसपर मन आया है

लगता है सावन आया है

 

महका है हर कोना-कोना

अम्बर से चन्दन आया है

 

देखो नभ पर छाये बादल

दूल्हा ज्यों बनठन आया है 

 

भीग रही है प्यासी धरती

ज्यों बीता यौवन आया है

 

रह-रह नाच रही हैं बूँदें

राधा का मोहन आया है

 

झूला झूल रही हैं सखियाँ

सज रक्षा बंधन आया है

 

कागज़ की नैया ले आओ

याद मुझे बचपन आया…

Continue

Posted on November 30, 2018 at 9:00am — 9 Comments

रसाला छंद एक प्रयास – (भ न ज भ ज ज ल)

जीवन विषम अबोध , जानकर ना डर मानव |

प्राप्त प्रथम कर ज्ञान, ज्ञान बिन पार न हो भव ||

अंतर तल अँधियार , दूर कर रोशन हो मग |

हो जगमग हर पंथ , पंथ अति रोशन हो जग ||

 

श्रेष्ठ जटिल हर कर्म, है मनुज उन्नति दायक |

भूल बिसर मत कृत्य, सत्य हर भूपति नायक ||

भूमि सतह पर स्वर्ग, कर्म बिन हो कब संभव |

जीवन पथ पर कर्म , धर्म सम भूल न मानव ||

 

मानव परहित कार्य , हैं न बस दाहकता दुख |

कष्ट सहन कर लाख, एक यदि जीवन का सुख…

Continue

Posted on September 22, 2017 at 1:30pm — 2 Comments

आया मधुमास (अति बरवै पर आधारित गीत)

सजनी ने साजन को, खींच लिया पास |

अमराई फूल गई, आया मधुमास ||

  

धूप खिली निखरी-सी, आयी मुस्कान |

बागों में छेड़ दिया, भँवरों ने तान ||

कलियों के मन जागी, खिलने की आस......... 

खिड़की से झाँक रही, जिद्दी है धूप |

रंग बिना लाल हुआ, गोरी का रूप  ||

सखियों की सुधियों में, कौंधा परिहास........... 

 

डाली है अल्हड पर , फिरभी है भान |

बौराए महुए के , खींच रही कान ||

महक रहे वन-कानन, महका…

Continue

Posted on February 2, 2017 at 11:00pm — 21 Comments

Comment Wall (26 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 9:23am on April 21, 2020, dandpani nahak said…
आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले जी सादर प्रणाम !बहुत धन्यवाद ! कुण्डलिया के लिए बिलकुल नया हूँ ये दूसरी ही कोशिश है आशा है आप के सानिध्य से कुछ सीख सकूंगा !
आपने ऐसे संशोधित किया वाह्ह्हह्ह्ह्ह क्या कहूँ बेहतरीन ! आपकी कृपा बनी रहे !
At 10:20pm on April 13, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले जी बहुत बहुत शुक्रिया हौसला बढ़ाने का
At 3:43pm on September 4, 2016, kanta roy said…
सार्थक रचना का सम्मानित होना अच्छा लगता ही है।
"मन उस आँगन ले जाय" को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित होने के लिये बहुत बहुत बधाई आपको आदरणीय अशोक जी।
At 11:52pm on August 17, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले जी.
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी  गीतिका : मन उस आँगन ले जाय को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित किया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |

आपको प्रसस्ति पत्र यथा शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस निमित कृपया आप अपना पत्राचार का पता व फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |
शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक 
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 5:31pm on July 23, 2014, seemahari sharma said…
बहुत बहुत आभार आदरणीय अशोक रकताले जी।
At 8:43pm on June 15, 2014, mrs manjari pandey said…
आदरणीय रक्ताले जी बहुत बहुत धन्यवाद। वस्तुतः विषय तो चिंतनीय है ही .
At 5:01pm on July 26, 2013, Dr Ashutosh Vajpeyee said…

ashok ji apne Mujhe aur Om neerav ji ko FB par Block kar diya is baat se ham logon ko ateev kasht hua hai ham dono hi yah jaan lena chahtey hain ki kis apradh ke liye apne hame yah dand diya aur kavita lok group kyon chhoda,,,,uttar ki prateeksha me me vyagra hoon

At 10:35am on June 10, 2013, D P Mathur said…

आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले सर हौंसला बढ़ाने के लिए आपका आभार !

At 6:13pm on May 8, 2013, Dr Dilip Mittal said…

आदरणीय इसी तरह आशीर्वाद बनाए रखें 

हार्दिक आभार 
At 7:40pm on May 4, 2013, Dr Dilip Mittal said…

आपके प्रोत्साहन भरे भावों के लिए शुक्रिया 

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post भूख तक तो ठीक था - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'(गजल)
"आ. भाई तेजवीर जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति से मान व उत्साहवर्धन के लिए आभार।"
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post मजदूर अब भी जा रहा पैदल चले यहाँ-लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. तेजवीर जी, सादरअभिवादन  ।  रचना पर उपस्थिति और सराहना के लिए आभार । "
3 hours ago
Ram Awadh VIshwakarma commented on Ram Awadh VIshwakarma's blog post ग़़ज़़ल- फोकट में एक रोज की छुट्टी चली गई
"आदरणीय तेजवीर सिंह जी ग़ज़ल सराहना एवं उत्साह वर्धन के लिये सादर आभार"
3 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post आपने मुझ पे न हरचंद  नज़रसानी की (१०५ )
"आदरणीय TEJ VEER SINGH जी , बे'पनाह, मुहब्बतों, नवाज़िशों का दिल से बे'हद…"
4 hours ago
अमीरुद्दीन खा़न "अमीर " commented on Rupam kumar -'मीत''s blog post आज कल झूठ बोलता हूँ मैं
"रूपम कुमार जी, 'हम' कोई नहीं हैं जो किसी का एक मिसरा भी मुकम्मिल करा सकें। मैं भी आपकी…"
4 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post मजदूर अब भी जा रहा पैदल चले यहाँ-लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"हार्दिक बधाई आदरणीय  लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी।बेहतरीन गज़ल। मजदूर सह…"
5 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post आपने मुझ पे न हरचंद  नज़रसानी की (१०५ )
"हार्दिक बधाई आदरणीय गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत '  जी।बेहतरीन गज़ल। ख़ूब हुशियार…"
5 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on Ram Awadh VIshwakarma's blog post ग़़ज़़ल- फोकट में एक रोज की छुट्टी चली गई
"हार्दिक बधाई आदरणीय  राम अवध विश्वकर्मा जी।बेहतरीन गज़ल। खबरे बढ़ा चढ़ा के दिखाना है इनका…"
5 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post भूख तक तो ठीक था - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'(गजल)
"हार्दिक बधाई आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी।बेहतरीन गज़ल। भूख तक तो ठीक था मुँह…"
5 hours ago
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post बचपने की उम्र है
"सादर प्रणाम , रचना पसंद आई , जान कर खुशी हुई । बहुत धन्यवाद"
7 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Usha Awasthi's blog post बचपने की उम्र है
"आ. ऊषा जी, सादर अभिवादन । अच्छी रचना हुई है । हार्दिक बधाई ।"
9 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव's blog post टिड्डियाँ चीन नहीं जायेंगी
"आ. भाई गोपाल नारायन जी, सादर अभिलादन । उत्तम रचना हुई है । हार्दिक बधाई ।"
9 hours ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service