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ये मत सोचो रुक जाऊंगा:-मोहित मुक्त

ये मत सोचो रुक जाऊंगा।

बेताब लहर के धक्कों से -
नौका चूर हो जाएगी,
नियति की वक्र नजर मुझपर -
माना की क्रूर हो जाएगी ,
तूफां हठ ठान भले ही ले-
कर ले चाहे लाख जतन ,
जीवन यज्ञ आहुति में -
हो जाये मेरा सर्वस्व हवन,
पर जबतक धड़कन जिन्दा है-
ये मत सोचो झुक जाऊंगा।
ये मत सोचो रुक जाऊंगा।
ये मत सोचो रुक जाऊंगा।

पग-पग पर शूल मिलें चाहे-
राहों में तप्त अंगारे हों।
पावों में छाले पड़ जाएं या-
रोम-रोम प्यास के मारे हों।
मार्ग कठिन कितना कर लें -
मंजिल के जो हैं प्रहरी।
भाग्य रेखाएं भी रच लें -
खिलाफत में साजिश गहरी ,
पर जबतक साँस चुकी ना हो-
ये मत सोचो चूक जाऊंगा।
ये मत सोचो रुक जाऊंगा।
ये मत सोचो रुक जाऊंगा।

जो सपने मैने पाल लिए-
अंतर-मन की आँखों में ,
भर हौसला उड़ चला जो-
बाजु की दो पाँखो में ,
तब मत सोचो थककर के-
पथ छोड़ अधूरा आउंगा,
या तो मंजिल मिल जाएगी-
या मृत्यु को गले लगाउंगा ,
यह मन में शंका मत पालो-
मैं नत होकर झुक जाऊंगा।
ये मत सोचो रुक जाऊंगा।
ये मत सोचो रुक जाऊंगा।

मौलिक और अप्रकाशित

Views: 63

Comment

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Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on February 11, 2018 at 4:36pm

बहुत खूब, हार्दिक बधाई।

Comment by Mohit mishra (mukt) on February 8, 2018 at 2:31pm

आदरणीय सोमेश कुमार जी हौसलाअफजाई के लिए धन्यवाद

Comment by Mohit mishra (mukt) on February 8, 2018 at 2:30pm

आदरणीय सुरेंद्र जी नमस्कार ,
रचना अवलोकन और उत्साह-वर्धन का शुक्रिया

Comment by somesh kumar on February 8, 2018 at 10:11am

जो सपने मैने पाल लिए-
अंतर-मन की आँखों में ,
भर हौसला उड़ चला जो-
बाजु की दो पाँखो में ,
तब मत सोचो थककर के-
पथ छोड़ अधूरा आउंगा,
या तो मंजिल मिल जाएगी-
या मृत्यु को गले लगाउंगा ,
यह मन में शंका मत पालो-
मैं नत होकर झुक जाऊंगा। 
ये मत सोचो रुक जाऊंगा। 
ये मत सोचो रुक जाऊंगा।

बहुत खूब !

Comment by सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' on February 7, 2018 at 8:37pm

आद0 मोहित जी सादर अभिवादन। बढिया रचना,इस प्रस्तुति पर मेरी हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिये।

Comment by Mohit mishra (mukt) on February 6, 2018 at 11:13pm

सुश्री रक्षिता जी नमस्कार ,
आपको रचना पसंद आयी , अहोभाग्य।
हौसलाअफजाई का शुक्रिया

Comment by Rakshita Singh on February 6, 2018 at 5:03pm

आदरणीय मोहित जी,

आत्मविश्वाश से परिपूर्ण बहुत ही प्रेरणादायक  पंक्तियाँ....सुन्दर रचना।

हार्दिक बधाई स्वीकार करें।

कृपया ध्यान दे...

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