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कविता जीवन का समकोण त्रिभुज

जीवन का समकोण त्रिभुज
अनिश्चितताओं के दो न्यून कोणों से
कुछ नहीं ज्यादा
बड़ी मश्शक्कत के बाद भी
योग एक सरल रेखा
बहुत संभावनाओं के बावजूद
जिन्दा रहने की संभाव्यता
आधा-आधा
हाँ, दुःख और सुख का
पूर्ण वर्ग
जरूर बीजगणित का सूत्र है
क्या मृत्यु ही जीवन का
एकमात्र सत्य है

दण्डपाणि नाहक

मौलिक एवम् अप्रकाशित

Views: 71

Comment

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Comment by Samar kabeer on March 6, 2018 at 9:45pm

जनाब नाहक़ साहिब आदाब,सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई स्वीकार करें ।

Comment by Harash Mahajan on March 6, 2018 at 8:33am

आदरणीय दण्डपानी जी ज़िन्दगी की सच्चाई को दर्शाती एक अच्छी कविता ।

Comment by Mohammed Arif on March 6, 2018 at 7:50am

आदरणीय दण्डपाणि जी आदाब,

                              गणितीय शब्दावली से भरपूर जीवन को परिभाषित करती अच्छी कविता । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।

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