For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

JAWAHAR LAL SINGH
  • Male
  • Jamshedpur, Jharkhand.
  • India
Share

JAWAHAR LAL SINGH's Friends

  • somesh kumar
  • अनिल कुमार 'अलीन'
  • शकील समर
  • Harish Upreti "Karan"
  • Sumit Naithani
  • जितेन्द्र पस्टारिया
  • ASHISH KUMAAR TRIVEDI
  • केवल प्रसाद 'सत्यम'
  • बृजेश नीरज
  • वेदिका
  • Abid ali mansoori
  • Yogi Saraswat
  • Rekha Joshi
  • डॉ. सूर्या बाली "सूरज"
  • कुमार गौरव अजीतेन्दु
 

JAWAHAR LAL SINGH's Page

Latest Activity

JAWAHAR LAL SINGH replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-47
"आदरणीय मिथिलेश वामनकर जी, आपने समाधान के अंतिम पंक्ति में बिलकुल स्तब्ध कर दिया. ऐसे भी हो सकता है और हो भी रहा है. प्रदत्त विषय पर संतुलित वार्तालाप के साथ लघुकथा का समापन प्रवाह को बनाये रखता है. बहुत बहुत बधाई!"
Feb 28
JAWAHAR LAL SINGH commented on डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव's blog post बच्चा है तू (लघुकथा )
"जी, ऐसा ही होता है। बिल्कुल सत्य कथा"
Feb 12
JAWAHAR LAL SINGH replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"बहुत ही सही बात कही है आदरणीय पंकज कुमार मिश्र जी"
Feb 10
JAWAHAR LAL SINGH replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"प्रोत्साहन के लिए हार्दिक आभार आदरणीय सतविन्द्र कुमार राणा साहब!"
Feb 10
JAWAHAR LAL SINGH replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"प्रोत्साहन के लिए बहुत बहुत बहुत आभार आदरणीय शेख शहजाद उस्मानी साहब!"
Feb 10
JAWAHAR LAL SINGH replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"प्रोत्साहन के लिए बहुत बहुत आभार आदरणीय तस्दीक अहमद खान साहब."
Feb 10
JAWAHAR LAL SINGH replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"आदरणीय सौरभ पाण्डेय सर, टंकण दोष हो गया है सही शब्द भयभीत है. ओर उष्म 'ऊष्म' मैंने मूल प्रति में कर लिया है. संशोधन के लिए निवेदन करूंगा. आपका मार्गदर्शन हमेशा उचित और उत्साहवर्धक भी रहता है. सादर!"
Feb 10
JAWAHAR LAL SINGH replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"प्रोत्साहन के लिए हार्दिक आभार आदरणीय पंकज कुमार मिश्र जी,"
Feb 10
JAWAHAR LAL SINGH replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"प्रोत्साहन के लिए हार्दिक आभार आदरणीय लक्ष्मण धामी मुसाफिर जी!"
Feb 10
JAWAHAR LAL SINGH replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"प्रस्तुत कुण्डलियाँ मनभावन हुई है. आदरणीय सत्य नारायण सिंह जी!"
Feb 10
JAWAHAR LAL SINGH replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"आज के परिप्रेक्ष्य में सही चित्रांकन किया है आपने आदरणीय शेख शहजाद उस्मानी साहब!"
Feb 10
JAWAHAR LAL SINGH replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव जी  दोहे 3 में मात्रा का अंतर है जिसे मैंने मूल प्रति में ठीक कर लिया है  दोहे 5 में शायद विन्यास अथवा प्रवाह का दोष है ... थोड़ा और स्पष्ट करते तो ठीक होता. मैंने प्रवाह को ठीक करने का प्रयास मूल प्रति में…"
Feb 10
JAWAHAR LAL SINGH replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"प्रोत्साहन के लिए हार्दिक आभार आदरणीया बबिता गुप्ता जी "
Feb 10
JAWAHAR LAL SINGH replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"आदरणीय टी आर सुकुल जी  आपकी द्वितीय प्रस्तुति भी लाजवाब है. बधाई स्वीकारें  तुम रूठे यह जग रूठा, लगता है जीवन झूठा,फिर देखूॅं एक बार तुम्हें, जीवन वसन्त पा जाऊॅं।"
Feb 10
JAWAHAR LAL SINGH replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"बहुत ही सुन्दर आह्वान, सन्देश और शब्द संयोजन भी पूर्णत: संतुलित... जीवन में मर्यादा की महक अपनाये दिल से, नेकी पर चलें बुराई को हम मिटायें दिल से, कर्म की पवित्रता को समझें जीवन का उद्देश्य, भूखे को रोटी प्यासे को जल पिलायें दिल…"
Feb 10
JAWAHAR LAL SINGH replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-100
"मेरी तृतीय प्रस्तुति क्षणिकाओं के रूप में  गृहिणी एक स्वचालित मशीन सी सुबह से शाम तक अविराम जो करे काम गृहिणी है उसका नाम!   पत्नी पति को जो बचाए पतन से! माफ कर दे हर दुर्वचन को पर भूले नहीं कभी भी बिना कुछ कहे सब कुछ कह दे भींगी पलकें…"
Feb 10

Profile Information

Gender
Male
City State
JAMSHEDPUR
Native Place
PATNA
Profession
SERVICE
About me
INTRESTED IN HINDI LITRATURE, HINDU REILIGION,POLITICS.

JAWAHAR LAL SINGH's Blog

कुछ दोहे - क्रोध पर

बड़े लोग कहते रहे, जीतो काम व क्रोध.

पर ये तो आते रहे, जीवन के अवरोध.  

माफी मांगो त्वरित ही, हो जाए अहसास.

होगे छोटे तुम नहीं, बिगड़े ना कुछ ख़ास.

क्रोध अगर आ जाय तो, चुप बैठो क्षण आप.

पल दो पल में हो असर, मिट जाएगा ताप .

रोकर देखो ही कभी, मन को मिलता चैन.

बीती बातें भूल जा, त्वरित सुधारो बैन  .

(मौलिक व अप्रकाशित)

Posted on February 6, 2019 at 10:50pm — 6 Comments

कुछ मुक्तक आँखों पर

अँखियों में अँखियाँ डूब गई,

अँखियों में बातें खूब हुई.

जो कह न सके थे अब तक वो,

दिल की ही बातें खूब हुई.

*

हमने न कभी कुछ चाहा था,

दुख हो, कब हमने चाहा था,

सुख में हम रंजिश होते थे,

दुख में भी साथ निबाहा था.

*

ऑंखें दर्पण सी होती है,

अन्दर क्या है कह देती है.

जब आँख मिली हम समझ गए,

बातें अमृत सी होती है.

*

आँखों में सपने होते हैं,

सपने अपने ही होते हैं,

आँखों में डूब जरा…

Continue

Posted on August 22, 2016 at 7:00am — 16 Comments

देश में रहकर मुहब्बत देश से करते चलो!

देश में रहकर मुहब्बत, देश से करते चलो!

देश आगे बढ़ रहा है, तुम भी डग भरते चलो.

.

देश जो कि दब चुका था, आज सर ऊंचा हुआ है,

देश के निर्धन के घर में, गैस का चूल्हा जला है

उज्ज्वला की योजना से, स्वच्छ घर करते चलो.

देश में रहकर............

.

देश भारत का तिरंगा, हर तरफ लहरा रहा,

ऊंची ऊंची चोटियों पर, शान से फहरा रहा,

युगल हाथों से पकड़ अब, कर नमन बढ़ते चलो.

देश में रहकर............

.

देश मेरा हर तरफ से, शांत व आबाद…

Continue

Posted on June 7, 2016 at 8:30am — 18 Comments

भारत एक मैदान

मेरे घर के पास है, एक खुला मैदान,

चार दिशा में पेड़ हैं, देते छाया दान

करते क्रीड़ा युवा हैं, मनरंजन भरपूर

कर लेते आराम भी, थक हो जाते चूर

सब्जी वाले भी यहाँ, बेंचे सब्जी साज.

गोभी, पालक, मूलियाँ, सस्ती ले लो आज…

Continue

Posted on November 25, 2015 at 8:30pm — 4 Comments

Comment Wall (15 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 11:06am on November 4, 2018, TEJ VEER SINGH said…

जन्म दिन की हार्दिक बधाई आदरणीय जवाहर लाल सिंह जी।

At 10:17am on June 10, 2013, D P Mathur said…

आदरणीय जवाहर जी आपका हार्दिक आभार !

At 10:12am on May 12, 2013, बृजेश नीरज said…

आदरणीय जवाहर जी आपको यहां साथ देखकर मुझे अपार खुशी हुई। आपकी शुभकामनाओं हेतु हार्दिक आभार! अपना स्नेह यूं ही बनाए रखिएगा!
सादर!

At 10:57am on November 29, 2012, Sanjay Rajendraprasad Yadav said…

सादर नमस्कार श्री जवाहर जी.............!!

At 2:41pm on May 20, 2012, Yogi Saraswat said…

बहुत बहुत धन्यवाद श्री जवाहर  जी  ! आपका  आशीर्वाद  मिला

At 7:14pm on April 12, 2012, Sarita Sinha said…

jawahar bhai sahab, namaskar,

meri kavita pasand karne ke liye dhanyvad...

'click' par click karne se to transliterate ka page khulta hai..kya wahan se copy/paste  karna hoga???

At 11:17pm on April 9, 2012, SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR said…

हे, मेरे ईश्वर,

हे मेरे परमात्मा,

दे इन्हें सदबुद्धि,

दे इन्हें आत्मा,

न लड़ें, ये खुद से,

कभी धर्म या भाषा के नाम पर,

प्रिय जवाहर जी जय श्री राधे --प्रभु आप के मन की बात सुनें ..सब एकीकृत हों प्यार इस चमन में गूंजे पुरवाई चले प्रेम और स्नेह की 

सुन्दर ...
भ्रमर ५ 


At 2:41pm on April 7, 2012, Mukesh Kumar Saxena said…

Shri jawahar ji aapne meri kavitayen pasand ki uske liye aabhari hun kirpya isi prakar haunsa badaye.dhanyabad.

At 12:47pm on April 2, 2012, PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA said…

aadarniy singh sahab ji , dhanyvad. ye apki mahanta hai.

At 5:43pm on March 22, 2012, PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA said…

abhar aapka sneh hetu mahodaya ji. aap to mala ke pendulam hain. shobha aap se hi hai.singh sahab ji.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

ताप संताप दोहे :

ताप संताप दोहे :सूरज अपने ताप का, देख जरा संताप। हरियाली को दे दिया, जैसे तूने शाप।।भानु रशिम कर…See More
4 hours ago
Naveen Mani Tripathi posted a blog post

ग़ज़ल

2122 2122 212हुस्न का बेहतर नज़ारा चाहिए ।कुछ तो जीने का सहारा चाहिए ।।हो मुहब्बत का यहां पर श्री…See More
12 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post किस तरह होते फ़ना प्यार निभाने के लिए (४६ )
"vijay nikore साहेब बहुत बहुत शुक्रिया हौसला आफजाई के लिए | "
yesterday
Pradeep Devisharan Bhatt posted a blog post

-ट्विंकल ट्विंकल लिट्ल स्टार-

ट्विंकल ट्विंकल लिट्ल स्टारबंद करो ये अत्याचारनज़रो में वहशत है पसरीजीना बच्चों का दुश्वारशहर नया हर…See More
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

औरत.....

औरत.....जाने कितने चेहरे रखती है मुस्कराहट थक गई है दर्द के पैबंद सीते सीते ज़िंदगी हर रात कोई…See More
yesterday
Pradeep Devisharan Bhatt commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"बहुत खूब अच्छि गज़ल  हुई ।बधाई"
yesterday
Pradeep Devisharan Bhatt shared Naveen Mani Tripathi's blog post on Facebook
yesterday
vijay nikore commented on बृजेश नीरज's blog post धारा
"रचना अच्छी लगी, बधाई बृजेश जी"
yesterday
vijay nikore commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post किस तरह होते फ़ना प्यार निभाने के लिए (४६ )
"गज़ल अच्छी लिखी है। बधाई गिरधारी सिंह जी"
yesterday
vijay nikore commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद-
"हरि ओम जी, छ्न्द अच्छे लगे। बधाई।"
yesterday
Sonia is now a member of Open Books Online
yesterday
vijay nikore posted a blog post

सूर्यास्त के बाद

निर्जन समुद्र तटरहस्यमय सागर सपाट अपारउछल-उछलकर मानो कोई भेद खोलतीबार-बार टूट-टूट पड़ती लहरें…See More
yesterday

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service