For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Sushil Sarna
Share

Sushil Sarna's Friends

  • Mohammed Arif
  • रामबली गुप्ता
  • Arpana Sharma
  • सतविन्द्र कुमार राणा
  • Dipu mandrawal
  • Samar kabeer
  • Hari Prakash Dubey
  • Ganga Dhar Sharma 'Hindustan'
  • harivallabh sharma
  • narendrasinh chauhan
  • डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव
  • Nilesh Shevgaonkar
  • अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव
  • गिरिराज भंडारी
  • Alok Mittal
 

Sushil Sarna's Page

Latest Activity

Mohammed Arif commented on Sushil Sarna's blog post स्वतंत्रता दिवस पर ३ रचनाएं :
"आदरणीय सुशील सरना जी आदाब,                         आज़ादी के बाद भी भूख , ग़रीबी नहीं मिटी है । समस्याएँ जहाँ की तहाँ है । रोज़ नई-नई घोषणाएँ होती है मगर ग़रीब ईनसे अभी भी बहुत दूर है । भय का…"
1 hour ago
Dr. Vijai Shanker commented on Sushil Sarna's blog post स्वतंत्रता दिवस पर ३ रचनाएं :
"आदरणीय सुशील सरना जी , तीनों रचनाएं सुन्दर और सार्थक हैं , आज़ाद तो हम हुए पर आज़ादी अभी भी पूरी नहीं मिली। बधाई, सादर।"
16 hours ago
babitagupta commented on Sushil Sarna's blog post गोधूलि की बेला में (लघु रचना ) ....
"आस-विश्वास के बीच झूलती बेहतरीन रचना,हार्दिक बधाई स्वीकार कीजियेगा आदरणीय सरजी।"
18 hours ago
babitagupta commented on Sushil Sarna's blog post गोधूलि की बेला में (लघु रचना ) ....
"आस -विश्वास के बीच झूलती बेहतरीन रचना के लिए हार्दिक बधाई स्वीकार कीजियेगाआदरणीय सरजी।"
18 hours ago
babitagupta commented on Sushil Sarna's blog post स्वतंत्रता दिवस पर ३ रचनाएं :
"देश और देशवासियों ,देश के कर्ण धारों की सोच ,हालातों को ब्यान करती बेहतरीन रचनाये,हार्दिक बधाई स्वीकार कीजियेगा आदरणीय सरजी।"
18 hours ago
Sushil Sarna replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"स्वाधीनता दिवस की 72वीं सालगिरह की पावन बेला पर  सभी ओबीओ परिवारजन को बहुत-बहुत मुबारकबाद । "
19 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

स्वतंत्रता दिवस पर ३ रचनाएं :

स्वतंत्रता दिवस पर ३ रचनाएं :एक चौराहा लाल बत्ती एक हाथ में कटोरा भीख का एक हाथ में झंडा बेचता कागज़ का न भीख मिली न झंडा बिका कैसे जलेगा चूल्हा शाम का क्या यही अंजाम है वीरों के बलिदान कासुशील सरना .... .... ..... ..... ..... ..... ....हाँ हम आज़ाद हैं अब अंग्रेज़ नहीं हम पर हमारे शासन करते हैं अब हंटर की जगह लोग आश्वासनों से पेट भरते हैं महंगाई,भ्रष्टाचार और रोटी की मरीचिका में जीते हैं और उसी में मरते हैंसुशील सरना .... ..... ...... ...... ...... ...ये किस दीमक ने अपने घर को कमजोर कर दिया…See More
20 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on Sushil Sarna's blog post गोधूलि की बेला में (लघु रचना ) ....
"हार्दिक बधाई आदरणीय सुशील सरना जी।बेहतरीन रचना।"
23 hours ago
Dr. Vijai Shanker commented on Sushil Sarna's blog post गोधूलि की बेला में (लघु रचना ) ....
"आदरणीय सुशील सरना जी , बधाई , इस सुन्दर , सांकेतिक रचना के लिए , सादर।"
yesterday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post गोधूलि की बेला में (लघु रचना ) ....
"आदरणीया नीलम उपाध्याय जी सृजन पर आपकी मन मुदित करती प्रशंसा का दिल से आभार।"
yesterday
Neelam Upadhyaya commented on Sushil Sarna's blog post गोधूलि की बेला में (लघु रचना ) ....
"आदरणीय सुशील सरना जी,   बहुत ही अच्छी रचना की प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें।  "
yesterday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post लघु रचना : यथार्थ ...
"आदरणीय नरेन्द्र सिंह चौहान जी आपकी मधुर प्रशंसा का दिल से आभार।"
yesterday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post लघु रचना : यथार्थ ...
"आदरणीय विजय निकोर साहिब, सादर प्रणाम ... सृजन आपकी आशीष का आभारी है।"
yesterday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post लघु रचना : यथार्थ ...
"आदरणीय मो.आरिफ साहिब, आदाब। ... सृजन के भावों पर आपकी मनोहारी प्रशंसा का दिल से शुक्रिया।"
yesterday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post लघु रचना : यथार्थ ...
"आदरणीय डॉ विजय शंकर जी सृजन के भावों पर आपकी आत्मीय प्रशंसा का दिल से शुक्रिया।"
yesterday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post लघु रचना : यथार्थ ...
"आदरणीय समर कबीर साहिब, आदाब। ... सृजन आपकी आत्मीय प्रशंसा का दिल से आभार। कुछ दिनों से कंप्यूटर खराब था सो आभार व्यक्त न कर सका। अब ठीक हुआ है। विलम्ब के लिए क्षमा चाहूंगा।"
yesterday

Profile Information

Gender
Male
City State
Jaipur-Rajasthan
Native Place
New Delhi
Profession
Retired from Central Govt.Service as Superintending Officer
About me
I am a simple,sentimental and transparent person.Poetry is my hobby and passion

Sushil Sarna's Photos

  • Add Photos
  • View All

Sushil Sarna's Blog

स्वतंत्रता दिवस पर ३ रचनाएं :

स्वतंत्रता दिवस पर ३ रचनाएं :

एक चौराहा

लाल बत्ती

एक हाथ में कटोरा

भीख का

एक हाथ में झंडा बेचता

कागज़ का

न भीख मिली

न झंडा बिका

कैसे जलेगा

चूल्हा शाम का

क्या यही अंजाम है

वीरों के बलिदान का

सुशील सरना

.... .... ..... ..... ..... ..... ....

हाँ

हम आज़ाद हैं

अब अंग्रेज़ नहीं

हम पर

हमारे शासन करते हैं

अब हंटर की जगह

लोग

आश्वासनों से

पेट भरते हैं…

Continue

Posted on August 15, 2018 at 1:10pm — 3 Comments

गोधूलि की बेला में (लघु रचना ) ....

मैं
आस था
विश्वास था
अनभूति का
आभास था
पथ पथरीला प्रीत का
लम्बा और उदास था
जाने किसके हाथ थे
जाने किसका साथ था
गोधूलि की बेला में
अंतिम जीवन खेला में
आहटों की देहरी पर
अटका
मेरा
श्वास था

सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

Posted on August 13, 2018 at 6:30pm — 11 Comments

लघु रचना : यथार्थ ...

लघु रचना : यथार्थ ...

एक मैं
चल दिया
एक मैं को
छोड़कर


एक यथार्थ
आभास हो गया
एक आभास
यथार्थ हो गया


जिसका वो अंश था
उस अंश में
उस यथार्थ का
वास हो गया

सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

Posted on August 5, 2018 at 11:05am — 14 Comments

आज के दोहे....

आज के दोहे :.....



चरणों में माँ बाप के, सदा नवाओ शीश।

इनमें चारों धाम हैं, इनमें बसते ईश।। १



पथ पथरीला सत्य का , झूठी मीठी छाँव।

माँ के आँचल में मिले ,सच्चे सुख की ठाँव।। २



पग-पग पर घायल करें, पुष्प वेश में शूल।

दर्पण पर विश्वास के, जमी छद्म की धूल।।३



समय सदा रहता नहीं, जीवन के अनुकूल।

एक कदम पर फूल तो , दूजे पर हैं शूल।।४



शादी करके सब कहें, शादी है इक भूल।

जीवन में न संग मिले, जीवन के अनुकूल।।५



सदा लगे…

Continue

Posted on July 30, 2018 at 2:30pm — 18 Comments

Comment Wall (34 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 11:15pm on September 17, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय सुशील सरना जी.
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी "कविता : कितना अच्छा होता" को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित किया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |
आपको प्रसस्ति पत्र यथा शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस निमित कृपया आप अपना पत्राचार का पता व फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |
शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 1:35am on May 6, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका मेल बॉक्स ब्लॉक होने के कारण मेल सेंड नहीं हो रहा है. 

At 1:29am on May 6, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीय सुशील सरना सर, विलम्ब से प्रत्युत्तर हेतु क्षमा. आपको मेल कर दिया है. सादर 

At 10:17pm on April 7, 2016, केवल प्रसाद 'सत्यम' said…

आ० सरना भाई जी, सादर  प्रणाम!

आपका हार्दिक स्वागत है.  मित्रता से भाग्योदय होता है ,  मैं धन्य हुआ. सादर

At 9:46am on April 1, 2016, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीय सुशील जी ..महीने का सक्रिय सदस्य चुने जाने पर मेरी तरफ से हार्दिक बधाई स्वीकार करें सादर 

At 6:02am on March 20, 2016, केवल प्रसाद 'सत्यम' said…

आ०  सुशील सरना भाई जी, सादर प्रणाम!  आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" चुने जाने पर बहुत-बहुत बधाई. सादर

At 4:22pm on March 16, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय

सुशील सरना जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 9:00pm on February 17, 2016, Tasdiq Ahmed Khan said…

मोहतरम जनाब सुशील सरना  साहिब ,  यह  आप सब की हौसला अफ़ज़ाई का नतीजा है  , जिसके लिए   आप का बहुत बहुत शुक्रिया ,महरबानी

At 8:47pm on January 11, 2016, सतविन्द्र कुमार राणा said…
धन्यवाद आदरणीय sushil Sarna जी।आपको भी सपरिवार सादर हार्दिक शुभकामनाएं!
At 2:33pm on January 5, 2016, अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव said…

तन स्वस्थ रहे मन में उमंग...सुशील भाईजी आपको भी सपरिवार नव वर्ष की ढेरों  शुभकामनायें

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Gurpreet Singh commented on Manan Kumar singh's blog post गजल(उजाले..लुभाने लगे हैं)
14 minutes ago
vijay nikore posted a blog post

प्रिय भाई डा० रामदरश मिश्र जी

आज १५ अगस्त... कई दिनों से प्रतीक्षा रही इस दिन की ... डा० रामदरश मिश्र जी का जन्म दिवस जो है । आज…See More
21 minutes ago
dandpani nahak posted a blog post

जब क़सम हिंदुस्तान की है

जब क़सम हिंदुस्तान की है फिक्र फिर किसे जान की है फ़लक है समूचा तिरंगा यही बात तो शान की है ज़माने…See More
23 minutes ago
Sheikh Shahzad Usmani posted a blog post

"आया ...आया ... गया!" (लघुकथा)

"लो! एक और गया! .. बह गया बेचारा!" "वो देखो! एक तो अब आ गया न!" आशावादी दृष्टिकोण वाले युवक ने तेज…See More
24 minutes ago
Mohammed Arif commented on Dr. Vijai Shanker's blog post टकराव — डॉo विजय शंकर
"आदरणीय विजय शंकर जी आदाब,                    …"
1 hour ago
Mohammed Arif commented on Sushil Sarna's blog post स्वतंत्रता दिवस पर ३ रचनाएं :
"आदरणीय सुशील सरना जी आदाब,                    …"
1 hour ago
Ajay Kumar Sharma commented on Ajay Kumar Sharma's blog post मन में ही हार, जीत मन में..
"आदरणीया नीलम जी एवं आदरणीया बबिता जी हार्दिक धन्यवाद..."
2 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"बेहतरीन गजल के लिए ढेरों हार्दिक बधाई ..."
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post गजल- कब यहाँ पर प्यार की बातें हुईं
"आ. भाई बसंत जी, उम्दा गजल हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Harihar Jha's blog post झूमता सावन
"आ. हरिहर जी, सुंदर रचना हुयी है । हार्दिक बधाई।"
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - रफ़्ता रफ़्ता अपनी मंज़िल से जुदा होते गए
"आ. भाई नीलेश जी, बेहतरीन गजल हुयी है , हार्दिक बधाई।"
3 hours ago
नादिर ख़ान commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"बड़ी उम्मीद थी उनसे वतन को शाद रक्खेंगे ।खबर क्या थी चमन में वो सितम आबाद रक्खेंगे ।। है पापी पेट…"
14 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service