For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
Share

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s Friends

  • Pratibha Pandey
  • babita garg
  • Ajay Tiwari
  • amod shrivastav (bindouri)
  • TEJ VEER SINGH
  • Samar kabeer
  • harivallabh sharma
  • Manoj Chhapariya
  • Dr.Vijay Prakash Sharma
  • भुवन निस्तेज
  • gumnaam pithoragarhi
  • Nilesh Shevgaonkar
  • गिरिराज भंडारी
  • CHANDRA SHEKHAR PANDEY
  • vijay nikore
 

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s Page

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-108
"आ. प्रशांत जी, सुंदर रचना हुई है । हार्दिक बधाई ।"
18 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-108
"आ. भाई शेखशहजाद जी, प्रदत्त विषय पर सुंदर रचना हुई है । हार्दिक बधाई।"
21 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-108
"आ. प्रतिभा बहन, स्नेह व उत्साहवर्धन के लिए आभार।"
21 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-108
"आ. भाई शेखशहजाद जी, प्रशंसा के लिए आभार।"
21 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-108
"आ. सुनन्दा जी,उत्साहवर्धन के लिए आभार।"
21 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-108
"आ. भाई समर जी, सादर अभिवादन। उत्साहवर्धन के लिए आभार।"
21 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-108
"आ. भाई अखिलेश जी, सादर अभिवादन। प्रशंसा और मार्गदर्शन के लिए हार्दिक धन्यवाद।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-108
"आ. भाई बासुदेव जी, उत्साहवर्धन के लिए आभार।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-108
"दोहेउतना ही उपयोग जल, नित करना निज कामव्यर्थ  बहाया  तो  मिले, नहीं  चुका  कर  दाम।१। होती है बिन नीर  कब, जीवन की पहचानइसीलिए सबसे  बड़ा, कहते जल का दान।२। नदिया पोखर साफ रख, जल को सदा सहेजयह पुरखों …"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-108
"दोहेउतना ही उपयोग जल, नित करना निज कामव्यर्थ  बहाया  तो  मिले, नहीं  चुका  कर  दाम।१। होती है बिन नीर  कब, जीवन की पहचानइसीलिए सबसे  बड़ा, कहते जल का दान।२। नदिया पोखर साफ रख, जल को सदा सहेजयह पुरखों …"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-108
"आ. भाई बासुदेव जी, सुंदर प्रस्तुति हुई है । हार्दिक बधाई ।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on मोहन बेगोवाल's blog post जहाँ ये कर दिखाना होगाl
"आ. भाई मोहन जी, अच्छी रचना हुई है । हार्दिक बधाई।"
Oct 7
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on डॉ छोटेलाल सिंह's blog post व्यथित हृदय
"आ.भाई, छोटेलाल जी, अच्छी रचना हुई है हार्दिक बधाई।"
Oct 7
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s blog post ग़ज़ल (तीर नज़रों का उनका चलाना हुआ)
"आ‌ . भाई बासुदेव जी, अच्छी ग़ज़ल हुई है । हार्दिक बधाई।"
Oct 7
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post गजल - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई विजय निकोर जी, सादर अभिवादन। गजल की प्रशंसा कर उत्साहवर्धन के लिए आभार।"
Oct 2
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on rajesh kumari's blog post तरही ग़ज़ल ' बड़े दिल का'
"आ. राजेश दी, सादर अभिवादन। बेहतरीन गजल हुई है । हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Oct 2
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Dr. Vijai Shanker's blog post पुरोधा कौन — डॉo विजय शंकर
"आ. भाई विजय शंकर जी, अच्छी रचना हुई है । हार्दिक बधाई।"
Oct 2
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post अहसास की ग़ज़ल
"आ. भाई मनोज जी, गजल का प्रयास अच्छा हुआ है । हार्दिक बधाई।"
Oct 2
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on केवल प्रसाद 'सत्यम''s blog post चन्द्रयान-2 पर सात दोहे..
"आ भाई केवल प्रसाद जी, दोहों का अच्छा प्रयास हुआ है हार्दिक बधाई।"
Oct 2
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव's blog post दो पल (बह्र-ए-मीर)
"आ. भाई गोपाल नारायण जी, सादर अभिवादन । बेहतरीन गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Oct 2

Profile Information

Gender
Male
City State
Delhi
Native Place
Dharchaula,uttarakhand
Profession
teaching

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s Blog

गजल - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/ २१२१/ २२२/१२१२



रस्ते सभी जहाँ के ढब आसान जिंदगी

तू ही उलझ के रह गयी नादान जिंदगी।१।



पानी हवा बहुत  है  यूँ  जीने  के वास्ते

करती इकट्ठा  मौत का सामान जिंदगी।२।



जीवन नहीं करे है तू जीवन सा पर करे

सासों पे झूठ - मूठ का अहसान जिंदगी।३।



क्यूबा बनी सोमालिया, ईराक, सीरिया

कब होगी तू पता नहीं जापान जिन्दगी।४।



देती है उसको मान ढब आती है मौत…

Continue

Posted on September 26, 2019 at 6:54am — 8 Comments

दीप बुझा करते है जिसके चलने पर - गजल( लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर')

२२२२/२२२२/२२२


अश्क पलक से भीतर रखना सीख लिया
गम थे बेढब फिर  भी हँसना सीख लिया।१।


जख्म दिए  हैं  जब से  हँसकर  फूलों ने
काँटों को भी फूल हैं कहना सीख लिया।२।


कदम- कदम  पर  खंजर  रक्खे  अपनों  ने
हम भी शातिर जिन पर चलना सीख लिया।३।


दीप बुझा  करते  है  जिसके चलने पर
उस आँधी से हमने जलना सीख लिया।४।


उनकी कोशिश  थी  पत्थर से अटल रहें
नदिया बनकर हम ने बहना सीख लिया।५।


मौलिक/अप्रकाशित

Posted on September 18, 2019 at 7:29pm — 4 Comments

भला करे कश्मीर का, संशोधित सम्विधान - दोहे ( लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर')

दोहे

***

वो तो बढ़चढ़ बाँटते, नफरत जिसका नाम

जन्नत में  सद्भावना, शेष  वतन  का  काम।१।

****

वैसे तो हम सब रहे, विविध रंग के फूल

किन्तु सूख अब हो गये, जैसे तीखे शूल।२।

****

पड़े जंग आतंक की, निसदिन जिन पर मार

उन्हें जिन्दगी फिर लगे, बोलो क्यों ना भार।३।

****

तन से तो अब देश में, बिलय हुआ कश्मीर

मन से भी जब हो  बिलय, बदलेगी तस्वीर।४।

****

बिस्थापित थे जो हुये, समझो उनकी पीर

जा पायें निज  ठाॅ॑व  वो, कश्मीरी…

Continue

Posted on August 12, 2019 at 6:55am

गाँव के दोहे - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

गाँव के दोहे

संगत में जब से पड़ा, सभ्य नगर की गाँव

अपना घर वो त्याग कर, चला गैर के ठाँव।१।

***

मिलना जुलना बतकही, पनघट पर थी खूब

सब  अपनापन  मर  गया, मोबाइल  में  डूब।२।

***

बिछी सड़क कंक्रीट की, झुलसे जिसमें पाँव

पीपल कटकर गुम हुये, कौन करे फिर छाँव।३।

**

सेज माल  के  वास्ते, कटे  खेत  खलिहान

जिससे लोगों मिट गयी, गाँवों की पहचान।४।

**

सड़क योजना खा गयी, पगडंडी हर ओर

पहले सी होती  नहीं, अब  गाँवों  की…

Continue

Posted on August 5, 2019 at 8:36am — 10 Comments

Comment Wall (14 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 2:30pm on September 28, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय लक्ष्मण धामी ' मुसाफिर' जी बहुत बहुत शुक्रिया हौसला अफ़जाई का आपने समय निकाला मैं बहुत शुक्रगुज़ार हूँ
At 10:47am on August 24, 2019, dandpani nahak said…
बहुत शुक्रिया आदरणीय लक्षमण धामी जी
At 10:03pm on May 24, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी आदाब
बहुत बहुत शुक्रिया हौसला बढ़ने के लिए!
At 4:04pm on August 8, 2018, babita garg said…

शुक्रिया लक्ष्मण जी

At 11:44am on March 3, 2018, Sanjay Kumar said…
बहुत बहुत धन्यवाद और आभार। कोशिश करूंगा कि कुछ योगदान कर सकूं। बस हौसला अफजाई करते रहिएगा और जहां जरूरी हो तो कुछ सिखा दीजियेगा। सादर
At 5:20pm on January 10, 2018, dandpani nahak said…
शुक्रिया लक्ष्मण जी
At 7:27pm on March 10, 2016, TEJ VEER SINGH said…

हार्दिक आभार आदरणीय लक्ष्मण धामी जी!आपने मुझे इस क़ाबिल समझा!

At 4:26pm on April 2, 2015, gumnaam pithoragarhi said…
लक्ष्मण धामी जी नमस्कार शुक्रिया आपने मुझे ये सम्मान दिया क्या मैं आपसे बात कर सकता हूँ यदि आप चाहें तो ................ मेरा नंबर ये है ,,,,,,,,,,7579 100213.........क्या आप अपना नंबर देंगे ?
At 10:37pm on February 17, 2015,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

भाई लक्ष्मण धामीजी, यदि संभव हो तो 18 फरवरी को भी भेंट हो सकती है. मैं 18 फरवरी को भी प्रगति मैदान के पुस्तक मेले में उपस्थित रहूँगा.
शुभ-शुभ

At 6:34am on July 9, 2014, gumnaam pithoragarhi said…
माह के सक्रिय सदस्य के रूप में चयनित होने पर हार्दिक बधाई और शुभकामना
sir main pithoragarh se hoon achchha laga ki aap bhi dharchula se hain ............................... ek baar fir badhai ,,,,,,,,,
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Profile Iconविमल शर्मा 'विमल' and Dr. geeta Chaudhary joined Open Books Online
1 hour ago
Samar kabeer commented on प्रशांत दीक्षित 'सागर''s blog post कविता(मुक्तछंद) - डटे रहो
"जनाब प्रशांत दीक्षित 'सागर' जी आदाब, अच्छी कविता लिखी आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार…"
1 hour ago
Samar kabeer commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post अहसास की ग़ज़ल
"जनाब मनोज अहसास जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । 'शिकारी आ गए हैं देख…"
2 hours ago
Samar kabeer commented on Usha Awasthi's blog post किस्से हैं, कहानी है
"मुहतरमा ऊषा अवस्थी जी आदाब,सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई स्वीकार करें ।"
2 hours ago
Samar kabeer commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post नकेलें ग़म के मैं नथुनों में डालूँ (६६)
" // मेहमान  को वजन में अधिकतर सुख़नवरोँ के कलाम में २२१ ही देखा है २१२१ नहीं | इतना ही…"
4 hours ago
Samar kabeer commented on SALIM RAZA REWA's blog post सुख उसका दुख उसका है - सलीम 'रज़ा' रीवा
"//उसकी हु/ कूमत है हर सू वो जो चाहे सो होना है' 2 11/ 22 // 'उसकी' शब्द अपने आप में…"
5 hours ago
Usha Awasthi posted a blog post

किस्से हैं, कहानी है

किस्से हैं , कहानी है दुनिया अनजानी हैकोई कब आएगा ? कोई कब जाएगा ? कौन जानता भला ? केवल रवानी है…See More
7 hours ago
vijay nikore posted a blog post

ज़िन्दगी का वह हिस्सा

अनपेक्षित तज्रिबों को  लीलती हुईमन में सहसा उठते घिरतेउलझी रस्सी-से खयालों को ठेलतीगलियाँ पार करती …See More
7 hours ago
प्रशांत दीक्षित 'सागर' posted blog posts
7 hours ago
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post ज़िन्दगी का वह हिस्सा
"आदरणीय भाई समर कबीर जी, इस आत्मीय सराहना के लिए और सुझाव के लिए भी हार्दिक आभार। मैं अभी सुधार करता…"
7 hours ago
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post ज़िन्दगी का वह हिस्सा
"इतनी अच्छी सराहना के लिए हार्दिक आभार, आदरणीय मित्र तेज वीर सिंह जी।"
8 hours ago
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post ज़िन्दगी का वह हिस्सा
"इतनी अच्छी सराहना के लिए हार्दिक आभार, आदरणीय मित्र सुशील जी।"
8 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service