For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

बाल साहित्य

Information

बाल साहित्य

यहाँ पर बाल साहित्य लिखा जा सकता है |

Location: World
Members: 165
Latest Activity: on Monday

इस समूह में सभी रचनाकारों द्वारा बाल साहित्य के साथ-साथ ही, बच्चों द्वारा रचित कवितायेँ, कहानियाँ और चित्र भी सादर आमंत्रित है.

Discussion Forum

पापा जैसा चुनमुन (कहानी )

पापा जैसा चुनमुनसोमवार स्कूल का आखिरी दिन था |कल से गर्मियों की छुट्टियाँ थीं |चुनमुन स्कूल-वैन से घर लौट रहा था| ड्राईवर (संवाहक ) अंकल गाना गा रहे थे और बस चलाए जा रहे थे |“अंकल कल से आपकी भी छुट्टी पड़ गयी ?” चुनमुन ने पूछा“हाँ |” ड्राईवर अंकल ने…Continue

Tags: यातायात-साधन, काम-धंधे, दिन, के, सप्ताह

Started by somesh kumar on Monday.

तब ही मंज़िल पाओगे | 2 Replies

उठो  पढ़ो  नित  नव उमंग  से , आलस दूर भगा डालो | सुबह शाम करो  याद  मन से , रोज  आदत बना डालो  | मेहनत से कभी डरो नहीं ,   आगे  कदम बढाते जा   | रोज  सुबह  की बेला में उठ , सभी पाठ दुहराते जा  | डरना नहीं किसी मौसम से , सर्दी गर्मी  हो  जाड़ा   |  लगन…Continue

Tags: |, कविता

Started by Shyam Narain Verma. Last reply by Shyam Narain Verma on Monday.

कोयल (बाल कविता) 5 Replies

ताटंक छंद (16, 14 पर यति, अंत मे तीन गुरु)कोयल वसन्त ऋतु की रानी, सात सुरों की ज्ञाता हैगाती है जब अपनी धुन में,मन मधुरस हो जाता है।।दिखने में है काली लेकिन,लगती कितनी भोली हैस्वर्ग लोक से सीखी इसनेमिसरी जैसी बोली है।1।आम्र कुंज में उड़ती फिरती,लुक…Continue

Started by सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप'. Last reply by Sheikh Shahzad Usmani on Sunday.

बाल प्रार्थना (शक्ति छंद) 3 Replies

शक्ति छंद:122 122 122 12 (11=2 मांन्य)करें प्रार्थना प्रभु जरा ध्यान दोदया प्रेम दिल में भरा ज्ञान दोजुड़ें ना कभी हम किसी पाप सेबचें हम बुरे कर्म सन्ताप से।।जलाएँ न घर हम किसी और कासजाएँ वतन मिल नए दौर का।।लगे हर जगह आज घर द्वार साअखिल देश हो एक…Continue

Started by सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप'. Last reply by Sheikh Shahzad Usmani on Sunday.

गौरैया (विश्व गौरेया दिवस पर बाल कविता) 3 Replies

घर आँगन की राज दुलारी,प्यारी चुनमुन गौरैयाकभी अकेले कभी झुंड मेंकरती है ता ता थैया ।।चोंच दबाकर तिनका तिनका,अपना नीड़ बनाती हैफुदक फुदक कर घर आँगन के,कीड़े चट कर जाती है।।कभी नाचती कभी झगड़तीइधर इधर बलखाती हैछोटे छोटे पर है लेकिन,कभी पकड़ ना आती…Continue

Started by सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप'. Last reply by Sheikh Shahzad Usmani on Sunday.

चन्द बाल कविताएं ( शक्ति छंद) 3 Replies

बड़ा जग भरा नीर जूठा कियामगर घूँट भर ही लिया औ पियाउँडेला गया सब,बचा जो, उसेजरूरत कहाँ है न मन में घुसेखुले में जला फूँस करते धुआँरहे खोद खुद के लिए यूँ कुआँजहर से भरी वायु होगी जहाँभला ठीक साँसें मिलेंगी कहाँचलाएं पटाखे खुशी में सभीन सोचें सही ये न…Continue

Started by सतविन्द्र कुमार राणा. Last reply by Sheikh Shahzad Usmani on Sunday.

तुम भी तो कुछ किया करो

माँ कितना कुछ करती तुमकोतुम भी तो कुछ किया करोवह जब कामों से थक बैठेपानी, पीने को दिया करोपापा जब ऑफिस से आएँबैग हाथ में लिया करोछोटे-छोटे कामों कोअपने हाथों तुम किया करोअपना बस्ता आप सहेजोकाॅपी पेंसिल लिया करोजब शाला से वापस आओसही जगह पर धरा करोयदि…Continue

Started by Usha Awasthi Feb 28.

बाल कविता

      गौरैया              - उषा अवस्थी      छोटे छोटे पर फैलाकर      फुर-फुर कर वह उड़ जाती      कभी मुँडेर, कभी डाली पर       चहक-चहक कर इठलाती       एक काम तुम करो जरा       चावल या काकुन ले आओ        जो गौरैया को प्रिय लगता         खुली जगह पर…Continue

Started by Usha Awasthi Feb 12.

लघुकथा 1 Reply

......नव वर्ष.....नव वर्ष की पूर्व सन्ध्या की पार्टी में जाने के लिए, पलाश ने, सुबह से ही अपने पिता के पीछे भुन भुन शुरू कर दी थी, "पापा, चलिए न प्लीज़। मेरे सारे दोस्त हर साल पार्टी मनाते हैं। एक हम ही हैं जो कहीं नही जाते।""लेकिन बेटा...." मीनू कुछ…Continue

Started by Anagha Joglekar. Last reply by Sheikh Shahzad Usmani Jan 21.

ग़ज़ल ( यह मासूम हैं सब की आँखों के तारे )

ग़ज़ल ( यह मासूम हैं सब की आँखों के तारे )----------------------------------------------------------(फऊलन-फऊलन-फऊलन-फऊलन)यह मासूम हैं सब की आँखों के तारे |ख़ुदा को भी बच्चे निहायत हैं प्यारे | सवेरे लड़ें शाम को साथ खेलेंतखैउल हैं बच्चों के सब से…Continue

Started by Tasdiq Ahmed Khan Nov 16, 2017.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on rajesh kumari's blog post शज़र जब सूख जाता है कोई पत्ता नहीं रहता (तरही ग़ज़ल 'राज')
"आ. राजेश दी, सादर अभिवादन । सुंदर गजल हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
5 minutes ago
Ram Awadh VIshwakarma commented on Naveen Mani Tripathi's blog post लेकिन कज़ा के बाद से मक़तल उदास है
"आदर्णीय बहुत खूबसूरत.ग़ज़ल आपने कही है । हार्दिक बधाई।"
10 minutes ago
Ram Awadh VIshwakarma commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल --- इक फ़रिश्ता है मेहरबाँ मुझ पर / दिनेश कुमार / ( इस्लाह हेतु )
"बहुत खूबसूरत ग़ज़ल है। हार्दिक बधाई"
14 minutes ago
Neelam Upadhyaya commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post बोलती निगाहें (लघुकथा)
"आदरणीय उस्मानी जी, नमस्कार।  आज के समय से सामंजस्य बिठाती अच्छी लघु कथा।  बधाई स्वीकार…"
1 hour ago
ram shiromani pathak commented on ram shiromani pathak's blog post ग़ज़ल(2122 1212 22)
"नीलेश भाई बहुत बहुत आभार अपकल"
5 hours ago
ram shiromani pathak commented on ram shiromani pathak's blog post ग़ज़ल(2122 1212 22)
"आरिफ़ भाई  उत्साह वर्धन हेतु आभार आपका"
5 hours ago
ram shiromani pathak posted a blog post

ग़ज़ल 212×4

ख्वाब थे जो वही हूबहू हो गए।जुस्तजू जिसकी थी रूबरू हो गए।।इश्क करने की उनको मिली है सज़ा।देखो बदनाम…See More
5 hours ago
Shyam Narain Verma commented on Er. Ganesh Jee "Bagi"'s blog post ग़ज़ल (गणेश जी बागी)
"वाह बेहद खूबसूरत प्रस्तुति … हार्दिक बधाई स्वीकार करें आदरणीय।"
7 hours ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (दोस्तों वक़्त के रहबर का तमाशा देखो)
"जनाब रामअवध साहिब, ग़ज़ल मेंआपकी शिर्कत  और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया |"
8 hours ago
ram shiromani pathak commented on ram shiromani pathak's blog post ग़ज़ल(2122 1212 22)
"ग़ज़ल।। मुंतजिर हूँ मैं इक जमाने से।मिलने आ जा किसी बहाने से।। आ जा मिलने भी ठीक लग रहा है मुझे उनकी…"
10 hours ago
Ram Awadh VIshwakarma commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (दोस्तों वक़्त के रहबर का तमाशा देखो)
"बहुत खूबसूरत ग़ज़ल है। सभी शेर बोलते हुये हैं। आदर्णीय बधाई"
21 hours ago
Ram Awadh VIshwakarma commented on Er. Ganesh Jee "Bagi"'s blog post ग़ज़ल (गणेश जी बागी)
"आदरणीय सत्ताधीशों द्वारा ठगी गई भोलीभाली जनता का दुख दर्द बयान करती हुई सार्थक ग़ज़ल कहने के लिये…"
21 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service